रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जगदलपुर में शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल सही मंच, मार्गदर्शन और अवसर की है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के समग्र विकास के लिए तैयार रोडमैप का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें रोजगार,…
Read MoreCategory: होम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार जांजगीर-चांपा में तेजी से आगे बढ़ रहा मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट, अस्थायी संचालन हेतु लाइवलीहुड कॉलेज भवन एवं जिला चिकित्सालय के उन्नयन अंतिम चरण में
शासन द्वारा डीन की नियुक्ति,कलेक्टर के निर्देश—समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं में होगा विस्तार रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप जिले में शासकीय नवीन चिकित्सा महाविद्यालय प्रारंभ करने की दिशा में कार्य तेजी से प्रगति पर है। मेडिकल कॉलेज संचालन हेतु वैकल्पिक भवन के रूप में लाइवलीहुड कॉलेज एवं हॉस्टल को चिन्हांकित कर आवश्यक मरम्मत एवं उन्नयन कार्य कराए जा रहे हैं, जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं।मेडिकल कॉलेज के सुचारू संचालन हेतु जिला चिकित्सालय जांजगीर को भी सशक्त किया…
Read Moreसंवाद से समाधान: कमराखोल में मुख्यमंत्री ने दूर की बिजली बिल की चिंता
‘बकाया बिल से घबराने की जरूरत नहीं, समाधान योजना से मिलेगी राहत’ – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर : प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय का 4 मई को सुदूर वनांचल ग्राम कमराखोल का दौरा आमजन के लिए राहत और विश्वास का संदेश लेकर आया। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आम पेड़ के नीचे आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याओं को आत्मीयता से सुना और मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह दृश्य शासन और जनता के बीच विश्वास के…
Read Moreनक्सल प्रभावित क्षेत्र रहे बीजापुर से राजमिस्त्री बने रमेश पासपुल, आत्मनिर्भरता की मिसाल, टूटी-फूटी झोपड़ी से पक्के घर तक का सपना खुद किया साकार
रायपुर : जनपद पंचायत बीजापुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत संतोषपुर, जो कभी लंबे समय तक नक्सल प्रभाव से प्रभावित रहा, आज बदलाव और विकास की नई पहचान बनता जा रहा है। ‘‘नियद नेल्लनार योजना‘‘ के शुरू होने के बाद गांव में बुनियादी सुविधाओं और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस बदलाव की कहानी के केंद्र हैं संतोषपुर निवासी श्री रमेश पासपुल। कभी स्थायी रोजगार के अभाव में आर्थिक तंगी से जूझ रहे रमेश का जीवन आज पूरी तरह बदल चुका है। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच आय…
Read More“मोदी-मोदी” से गूंजा बगिया : बीजेपी की बंपर जीत का धमाका ! कौशल्या साय ने बांटी झालमुरी के साथ खुशियां, सीएम हाउस में जीत के जश्न में झूमे कार्यकर्ता, अनोखे अंदाज़ में मनाया जीत का उत्सव.
बीजेपी की ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री निवास बगिया में भव्य जश्न. मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने कार्यकर्ताओं को झालमुरी बांटकर प्रसन्नता व्यक्त कर दी बधाई. जशपुर/कुनकुरी : भारतीय जनता पार्टी की विभिन्न राज्यों में शानदार जीत के बाद जशपुर जिले के बगिया स्थित मुख्यमंत्री निवास में जश्न का माहौल देखने को मिला। कार्यकर्ताओं के उत्साह और जोश के बीच जीत का यह उत्सव खास बन गया, जब मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने पारंपरिक अंदाज़ में झालमुरी बांटकर सभी को बधाई दी। इस दौरान “नरेंद्र मोदी जिंदाबाद”…
Read Moreमाओवादी गढ़ से बना स्वास्थ्य का मॉडल: तर्रेम के आयुष्मान आरोग्य मंदिर को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन, संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में बदली तस्वीर, अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से बढ़ा ग्रामीणों का भरोसा
रायपुर : विकासखंड उसूर का अतिसंवेदनशील ग्राम तर्रेम, जो कभी माओवादी प्रभाव के कारण पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है। जिला मुख्यालय से लगभग 80 किमी दूर स्थित ग्राम तर्रेम में अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते लोगों का भरोसा तेजी से बढ़ा है। राज्य सरकार की पहल से क्षेत्र में पहुंच आसान हुई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार संभव हुआ। आयुष्मान आरोग्य मंदिर तर्रेम में प्रतिदिन 25 से 30 मरीजों की ओपीडी, सुरक्षित प्रसव सेवाएं…
Read Moreसुशासन तिहार: सरोधी की चौपाल में उभरी बदलाव की प्रेरक कहानी, स्वच्छता दीदी मनीषा मरकाम की आर्थिक स्थिति हुई सशक्त
रायपुर : सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की चौपाल केवल समस्याओं के समाधान का मंच नहीं रही, बल्कि यह ग्रामीण जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों की सजीव तस्वीर भी बनी। इसी चौपाल में स्वच्छता दीदी श्रीमती मनीषा मरकाम की कहानी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। मनीषा मरकाम अपने पति श्री रंजीत मरकाम और तीन बेटों के साथ एक साधारण परिवार से हैं। उनके बच्चे वर्तमान में अध्ययनरत हैं और परिवार की आजीविका खेती-किसानी एवं मजदूरी पर निर्भर है। सीमित आय…
Read Moreसुशासन तिहार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम जनमन के हितग्राही को सौंपी खुशियों की चाबी
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत जारी राज्यव्यापी दौरे में आज खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान विकासखंड के ग्राम सरोधी में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सुभान सिंह मेरावी को उनके नवनिर्मित आवास की चाबी सौंपकर गृह प्रवेश कराया। सुभान सिंह ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री स्वयं उनके गांव आकर उन्हें यह सौभाग्य देंगे। उनके लिए यह केवल घर नहीं, बल्कि सम्मान और विश्वास का प्रतीक है।बउन्होंने बताया कि उन्हें वन अधिकार पट्टा के तहत 3 एकड़ 2 डिसमिल भूमि…
Read Moreएक चौपाल ऐसा भी जहाँ खुशियों और तालियों की रही गूंज : लखपति दीदियों के हौसले की उड़ान देख गदगद हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , सबको और मेहनतकर अब करोड़पति बनने की राह पर चलने कहा
मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री का मिला आशीर्वाद और प्रोत्साहन बैगा बाहुल्य कमारखोल में आम पेड़ नीचे लगाई मुख्यमंत्री ने चौपाल ग्रामीणों की माँग पर सामुदायिक भवन , कमारखोल में रामख़िलावन के घर से देवसरा तक छह किलोमीटर मिट्टी मुरुम सड़क, मुक्तिधाम शेड और महतारी सदन की घोषणा रायपुर : मई की तपती गर्मी में आज लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय दूरस्थ गांवों के औचक दौरे पर रहे । कबीरधाम ज़िले के पंडरिया स्थित लोखान पंचायत में आज मुख्यमंत्री का आगमन हुआ । इस अवसर पर वे बैगा…
Read Moreसुशासन तिहार: चौपाल में मिली राहत, सरलाबाई मरावी की समस्या का मुख्यमंत्री ने किया त्वरित समाधान
रायपुर : सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल में शासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही का एक भावनात्मक उदाहरण सामने आया। सरोधी की रहने वाली सरलाबाई मरावी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष अपनी समस्या रखी और कुछ ही पलों में उसका समाधान भी मिल गया। सरलाबाई मरावी, पति श्री लल्लूराम मरावी, एक साधारण कृषक परिवार से हैं। उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है और परिवार में उनका एक बेटा है। खेती ही उनके जीवनयापन का मुख्य साधन है। चौपाल के दौरान सरलाबाई…
Read More