Category: जशपुर

  • जशपुर में स्वयंसेवक सशक्तिकरण की दिशा में व्यापक पहल: एसएसपी कार्यालय में बैठक, इचकेला में ग्रामीण संवाद और विद्यालय में किशोरी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    जशपुर में स्वयंसेवक सशक्तिकरण की दिशा में व्यापक पहल: एसएसपी कार्यालय में बैठक, इचकेला में ग्रामीण संवाद और विद्यालय में किशोरी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    जशपुर में स्वयंसेवकों की बैठक, ग्रामीण संवाद एवं विद्यालय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    जशपुर : जिले में स्वयंसेवकों, ग्रामीणों एवं किशोर-किशोरियों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस क्रम में सर्वप्रथम एस.एस.पी. कार्यालय के मीटिंग हॉल में जिले के सभी सक्रिय स्वयंसेवकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय, यूनिसेफ एवं एग्रीकोन फाउंडेशन के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर श्री योगेश पुरोहित, जिला समन्वयक सुश्री शालिनी गुप्ता, ब्लॉक समन्वयक श्री गुरुदेव प्रसाद सहित जिले के सक्रिय स्वयंसेवक नेहा एक्का, रिटां गुप्ता, गुलशन पैंकरा, सविता अनुरूप तिग्गा, राज गुप्ता, शालू गुप्ता एवं नंजू कुमारी उपस्थित रहे।

    बैठक के दौरान स्वयंसेवकों ने अपने कार्य अनुभव साझा किए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा ऑनलाइन सेफ्टी एवं साइबर सुरक्षा पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि किसी भी स्थिति में ओटीपी, बैंक विवरण या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें तथा साइबर अपराध की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही बाल विवाह रोकथाम, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन एवं महिलाओं की सुरक्षा हेतु “अभिव्यक्ति” प्लेटफॉर्म की जानकारी भी दी गई।

    प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर श्री योगेश पुरोहित ने स्वयंसेवकों को “हम होंगे कामयाब”, पढ़ाई का कोना, आज क्या सीखा जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के लिए सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण निर्माण पर मार्गदर्शन दिया।

    इसके पश्चात इचकेला पंचायत में एक ग्रामीण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरपंच, सचिव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। बैठक में ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के अंतर्गत बच्चों के लिए प्रस्तावित लाइब्रेरी एवं ट्यूशन क्लासेस की जानकारी दी गई, जिसका ग्रामीणों ने सकारात्मक स्वागत किया।

    दिन के अंतिम चरण में महारानी लक्ष्मीबाई विद्यालय में एनएसएस अधिकारी श्रीमती गीता झा के नेतृत्व में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 200 से अधिक किशोरी बालिकाओं ने सहभागिता की। बालिकाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास, समय प्रबंधन एवं सकारात्मक सोच के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

    कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेवकों, ग्रामीणों एवं किशोर-किशोरियों को साइबर सुरक्षा, बाल एवं महिला संरक्षण, शिक्षा एवं सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज को सुरक्षित, जागरूक एवं सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर जारी रहेंगे।

  • सरस्वती शिशु मंदिर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्मार्ट क्लास का शुभारंभ, आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण से ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगी शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

    सरस्वती शिशु मंदिर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्मार्ट क्लास का शुभारंभ, आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण से ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगी शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरस्वती शिशु मंदिर में किया स्मार्ट क्लास का शुभारंभ

    आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

    विगत माह जिला प्रशासन, SECL एवं EdCIL  के मध्य हुए थे  त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर

    जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी निर्देशन में जिले में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु नवीनतम तकनीकों के माध्यम से स्मार्ट क्लास का संचालन किया जा रहा है। आज की शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण  शिक्षा मिल सकेगी। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री साय ने आज कांसाबेल विकासखंड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में स्मार्ट क्लास का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। स्मार्ट क्लास के शुभारंभ से क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों का लाभ मिलेगा और उनकी सीखने की क्षमता में नया आयाम जुड़ेगा।  उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टिकोण से विगत माह जिला प्रशासन, SECL एवं EdCIL  के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ था।

            इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं तकनीकी दक्षता का विकास होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा।

         एमओयू के तहत जशपुर जिले के चयनित शासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन एवं ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावी बना सकेंगे। साथ ही एमओयू में इंटरएक्टिव पैनल की स्थापना के साथ-साथ उनके प्रशिक्षण, संचालन एवं नियमित मेंटेनेंस के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं, ताकि उपकरणों का सतत एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके। इस परियोजना के लिए SECL द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने SECL एवं EdCIL के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इस परियोजना से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

  • बगिया कैम्प कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया जशपुर पर्यटन होमस्टे का शुभारंभ, होमस्टेज़ ऑफ इंडिया और जिला प्रशासन के एमओयू से केरे बनेगा राज्य का पहला संगठित होमस्टे ग्राम

    बगिया कैम्प कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया जशपुर पर्यटन होमस्टे का शुभारंभ, होमस्टेज़ ऑफ इंडिया और जिला प्रशासन के एमओयू से केरे बनेगा राज्य का पहला संगठित होमस्टे ग्राम

    जशपुर : छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख इको-पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारत के अग्रणी होमस्टे प्लेटफॉर्म होमस्टेज़ ऑफ इंडिया ने जशपुर जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ शासन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

    यह एमओयू 25 जनवरी 2026 को जशपुर जिले के मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया निवास में संपन्न हुआ। यह समझौता जशपुर को राज्य में जिम्मेदार एवं सतत पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम पहल है।

    समझौते पर श्री रोहित व्यास, जिला कलेक्टर, जशपुर तथा श्री विनोद वर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), होमस्टेज़ ऑफ इंडिया प्रा. लि. द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर गणमान्य नागरिक एवं वरिष्ठ शासकीय अधिकारी उपस्थित रहे।

    इस सहयोग के अंतर्गत, होमस्टेज़ ऑफ इंडिया और जिला प्रशासन मिलकर जशपुर को समुदाय-आधारित पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने हेतु एक सशक्त एवं सहयोगात्मक ढांचा तैयार करेंगे। इसके अंतर्गत ग्राम केरे को एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।

    यह साझेदारी केरे को जशपुर का पहला संगठित होमस्टे ग्राम बनाने की दिशा में कार्य करेगी, जिससे एक सुव्यवस्थित एवं विस्तार योग्य होमस्टे-आधारित ग्रामीण पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना होगी। इस पहल के माध्यम से स्थानीय परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, सतत आजीविका को सुदृढ़ किया जाएगा तथा लक्षित क्षमता निर्माण और कौशल विकास के जरिए युवाओं एवं महिलाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

    इस परियोजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, परंपराओं एवं प्राकृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन करना है, ताकि पर्यटन विकास समावेशी, समुदाय-स्वामित्व वाला और पर्यावरण की दृष्टि से सतत बना रहे तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे।

    इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की इको-पर्यटन, समावेशी विकास एवं समुदाय-नेतृत्व वाले आर्थिक विकास की परिकल्पना के अनुरूप है। स्थानीय संस्कृति और प्रकृति पर आधारित प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों के माध्यम से यह परियोजना जशपुर की पहचान को सशक्त करेगी और उसे राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य पर्यटन मानचित्र में स्थापित करने में सहायक होगी।

  • कांसाबेल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनप्रतिनिधियों व नागरिकों के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 130वीं कड़ी, बोले—यह कार्यक्रम नागरिक कर्तव्य, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण की सामूहिक चेतना का प्रतीक

    कांसाबेल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनप्रतिनिधियों व नागरिकों के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 130वीं कड़ी, बोले—यह कार्यक्रम नागरिक कर्तव्य, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण की सामूहिक चेतना का प्रतीक

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांसाबेल में जनप्रतिनिधियों संग सुनी ‘मन की बात’ की 130वीं कड़ी

    मन की बात देश की सामूहिक चेतना, नागरिक कर्तव्य और जनभागीदारी का उत्सव

    जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कांसाबेल में जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की रेडियो वार्ता ‘मन की बात’ की 130वीं कड़ी सुनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह देश की सकारात्मक सोच, नागरिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने वाला मंच है। आज की कड़ी में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में गणतंत्र दिवस और राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता बनना किसी भी नागरिक के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है और इसे उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से 18 वर्ष की आयु पूर्ण होते ही मतदाता पंजीयन कराने की अपील की और लोकतंत्र को सशक्त बनाने में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया की 10 वर्षों की यात्रा का स्मरण करते हुए बताया कि आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने युवाओं द्वारा एआई, अंतरिक्ष विज्ञान, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे नवाचारों की सराहना की और गुणवत्ता को देश के विकास का मूल मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि अब हर भारतीय उत्पाद की पहचान टॉप क्वालिटी से होनी चाहिए।

    प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में जनभागीदारी से हुए जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किया। उत्तर प्रदेश की तमसा नदी के पुनर्जीवन, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में जलाशयों के संरक्षण, अरुणाचल प्रदेश और असम में युवाओं द्वारा स्वच्छता अभियान, तथा पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के व्यक्तिगत प्रयासों को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि देशभर में अब तक 200 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है, जो पर्यावरण के प्रति बढ़ती जन-जागरूकता का प्रतीक है। साथ ही प्रधानमंत्री ने श्रीअन्न (मिलेट्स) को पोषण और किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसके अधिकाधिक उपयोग का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और सामूहिक प्रयासों की भी चर्चा की। उन्होंने गुजरात के सामुदायिक किचन, जम्मू-कश्मीर में नशा मुक्ति के प्रयास, तथा मलेशिया में भारतीय संस्कृति के संरक्षण जैसे उदाहरणों के माध्यम से भारतीय मूल्यों की वैश्विक पहचान को रेखांकित किया।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए ये सभी उदाहरण यह दर्शाते हैं कि जनभागीदारी, नवाचार और कर्तव्यबोध से देश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री के संदेशों को आत्मसात कर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, लोकतांत्रिक सहभागिता और गुणवत्ता आधारित कार्य संस्कृति को अपनाने की अपील की। इस अवसर पर पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

  • गाय पूजनीय, पोषण और औषधीय उपयोगों की धरोहर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुधारू पशु प्रदाय योजना के तहत आदिवासी महिलाओं को वितरित की साहिवाल नस्ल की गायें

    गाय पूजनीय, पोषण और औषधीय उपयोगों की धरोहर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुधारू पशु प्रदाय योजना के तहत आदिवासी महिलाओं को वितरित की साहिवाल नस्ल की गायें

    गाय पूजनीय, दूध से पोषण और गोबर व गोमूत्र का औषधीय सहित अन्य प्रयोजनों में होता है उपयोग : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मुख्यमंत्री ने दुधारू पशु प्रदाय योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को साहिवाल नस्ल की दुधारू गायें की वितरित

    पशुपालकों को पशुपालक स्वास्थ्य कार्ड का किया वितरण

    जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने गृह निवास बगिया में गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन तथा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित डेयरी समग्र विकास योजना अंतर्गत दुधारू पशु प्रदाय योजना के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग की पात्र महिलाओं को साहिवाल नस्ल की दो-दो दुधारू गायों का वितरण किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने पशुपालकों को पशुपालक स्वास्थ्य कार्ड भी प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विधिवत गाय की पूजा की तथा अपने हाथों से चारा खिलाया। श्रीमती कौशल्या साय और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय भी इस दौरान मौजूद रहे।   

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कहा कि गाय को हम सभी माता मानकर पूजते हैं। गाय जीवनदायिनी है इसके दूध एवं दूध से बने उत्पाद हमें पोषण प्रदान करते हैं, वहीं गोबर और गौमूत्र का औषधीय सहित विभिन्न अन्य उपयोगों में भी महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।  दुधारू पशु प्रदाय योजना से लाभान्वित मंजू भगत एवं अरुणा देवी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि इन गायों से प्राप्त दूध के विक्रय से वे अब अपने परिवार की आर्थिक सहायता कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बनने की खुशी के साथ-साथ गाय की सेवा कर पुण्य अर्जित करने का संतोष भी उन्हें प्राप्त हो रहा है।

    पशुपालक स्वास्थ्य कार्ड में पशुओं के देखभाल सहित मिलेगी अन्य जानकारियां

     पशुपालक स्वास्थ्य कार्ड की शुरुआत प्रथम चरण में जिले के 40 गांवों के लगभग 21 हजार पशुपालकों को दी जाएगी। इस कार्ड के माध्यम से पशुओं की देखभाल, स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं आहार संबंधी समस्त जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पशुपालकों को वैज्ञानिक ढंग से पशुपालन करने में सहायता मिलेगी और उनकी आय में वृद्धि होगी।

    हितग्राहियों को एक वर्ष तक मिलेगा बीमा सहित अनेक सुविधाओं का लाभ

    डेयरी समग्र विकास योजना अंतर्गत दुधारू पशु प्रदाय कार्यक्रम के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग की पात्र महिलाओं को साहिवाल नस्ल की दो दुधारू गायें प्रदान की जाती हैं। इसके साथ ही हितग्राहियों को एक वर्ष की अवधि के लिए निशुल्क गाय बीमा, पशु स्वास्थ्य की निगरानी हेतु पशु निगरानी उपकरण, प्रति पशु प्रतिदिन 5 किलोग्राम साइलेज चारा, 2 किलोग्राम पशु आहार तथा 50 ग्राम खनिज मिश्रण उपलब्ध कराया जाता है।

    इसके अतिरिक्त पशु प्रेरण से पहले और बाद में वैज्ञानिक पशु प्रबंधन प्रथाओं पर किसानो को प्रशिक्षण, शासकीय पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशु उपचार, कृत्रिम गर्भधान एवं पशु टीकाकरण सहित सभी सुविधाए दी जाती है।

  • समृद्धि–एमकैड योजना से बदलेगी बगिया की तस्वीर: 13 गांवों को मिलेगी आधुनिक पाइपलाइन सिंचाई, अध्ययन भ्रमण से लौटे किसानों से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया संवाद

    समृद्धि–एमकैड योजना से बदलेगी बगिया की तस्वीर: 13 गांवों को मिलेगी आधुनिक पाइपलाइन सिंचाई, अध्ययन भ्रमण से लौटे किसानों से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया संवाद

    समृद्धि–एमकैड योजना से बगिया क्लस्टर के 13 गांव जुड़ेंगे आधुनिक सिंचाई सुविधा से

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अध्ययन भ्रमण से लौटे किसानों से किया संवाद

    किसानों के अनुभवों से मिला भरोसा, बगिया बनेगा प्रदेश का मॉडल सिंचाई क्लस्टर

    जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समृद्धि–कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एमकैड) योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की मोहनपुरा एवं कुंडलिया वृहद सिंचाई परियोजनाओं का अध्ययन भ्रमण कर लौटे जशपुर जिले के किसानों के दल से आत्मीय संवाद कर उनके अनुभव जाने। मुख्यमंत्री ने किसानों से पाँच दिवसीय अध्ययन यात्रा के दौरान देखी गई व्यवस्थाओं, तकनीकों और वहाँ के ग्रामीण जीवन से जुड़ी जानकारियाँ विस्तार से पूछा और चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि समृद्धि–एमकैड योजना के क्रियान्वयन से बगिया क्लस्टर के प्रत्येक गांव को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। आधुनिक तकनीक से खेतों तक पानी पहुँचेगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में स्थायी सुधार आएगा। उन्होने कहा कि किसानों के अनुभव इस बात का प्रमाण हैं कि यह योजना जशपुर के लिए एक मॉडल सिंचाई परियोजना सिद्ध होगी।

    किसानों ने साझा किए अध्ययन भ्रमण के अनुभव –

    अध्ययन भ्रमण दल में शामिल ग्राम नरियरडांड की किसान नेहा गुप्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मोहनपुरा–कुंडलिया परियोजना में ड्रिप लाइन और फव्वारा पद्धति से सिंचाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि वहाँ अधिकारियों ने जल प्रबंधन प्रणाली को विस्तार से समझाया और यह जानकारी दी कि किस प्रकार मोबाइल के माध्यम से पाइप लाइन को ऑन-ऑफ किया जाता है। नेहा गुप्ता ने कहा कि इसी प्रकार की सुविधा बगिया क्लस्टर के 13 गांवों में मिलने से आजीविका को बड़ा संबल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त किया। ग्राम बांसबहार के किसान शिवशंकर साय ने बताया कि अध्ययन भ्रमण के दौरान मोहनपुरा बांध और पाइपलाइन नेटवर्क का अवलोकन कराया गया। उन्होंने कहा कि कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा पूरे भ्रमण के दौरान मार्गदर्शन किया गया। वहाँ के ग्रामीणों द्वारा किया गया आदर-सत्कार और खेती की उन्नत पद्धतियाँ देखकर मन अत्यंत प्रसन्न हुआ। उन्होंने कहा कि पथरीली और ऊबड़-खाबड़ जमीन में भी आधुनिक सिंचाई तकनीक के माध्यम से पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर फसल उत्पादन संभव है। शिवशंकर साय ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस योजना से सभी किसानों को समान रूप से लाभ मिलेगा। ग्राम चोंगरीबहार के किसान संजीवन कुमार राम ने बताया कि जिस क्षेत्र में पहले जमीन उपजाऊ नहीं होने के कारण खेती संभव नहीं थी, वहाँ अब आधुनिक सिंचाई व्यवस्था से खेती-बाड़ी हो रही है। इससे गांव में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और लोग आजीविका से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव देखकर बगिया क्लस्टर के लिए भी नई उम्मीद जगी है।

    मुख्यमंत्री का संदेश – किसान होंगे परियोजना के सहभागी –

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य किसानों को केवल लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें परियोजना का सक्रिय सहभागी बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि भ्रमण से लौटे किसान अपने अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा करेंगे, जिससे समृद्धि–एमकैड योजना का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और टिकाऊ बनेगा।

    उल्लेखनीय है कि समृद्धि–एमकैड योजना के तहत बगिया क्लस्टर के 13 ग्रामों में मैनी नदी से दाबयुक्त पाइपलाइन सिंचाई प्रणाली के माध्यम से 4,831 हेक्टेयर क्षेत्र को खरीफ और रबी दोनों मौसमों में सुनिश्चित सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा। परंपरागत नहर प्रणाली के स्थान पर पाइप आधारित नेटवर्क से जल की प्रत्येक बूंद का वैज्ञानिक और नियंत्रित उपयोग संभव होगा। इस प्रकार, किसानों के अनुभव और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन से बगिया क्लस्टर को प्रदेश का आदर्श और मॉडल सिंचाई क्षेत्र बनाने की दिशा में एक और सशक्त कदम आगे बढ़ चुका है।

  • जशक्राफ्ट को मिला राष्ट्रीय पहचान का मंच: जशपुर की आदिवासी महिलाओं के हस्तनिर्मित उत्पाद अब देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में रेयर प्लेनेट से ऐतिहासिक एमओयू

    जशक्राफ्ट को मिला राष्ट्रीय पहचान का मंच: जशपुर की आदिवासी महिलाओं के हस्तनिर्मित उत्पाद अब देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में रेयर प्लेनेट से ऐतिहासिक एमओयू

    जशक्राफ्ट को मिला राष्ट्रीय पहचान का नया मंच

    महिलाओं द्वारा बांस, छिंद, मिट्टी एवं लकड़ी से बनाए उत्पाद मिलेंगे देश के विभिन्न एयरपोर्ट पर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष रेयर प्लेनेट संस्था से हुआ ऐतिहासिक एमओयू

    महिला स्वावलंबन को मिला नया बाजार

    जशपुर : वन विभाग की पहल पर जशपुर जिले में महिला सशक्तिकरण और वन आधारित आजीविका को नई दिशा देने वाला एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में विगत दिवस बगिया में रेयर प्लेनेट संस्था तथा जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों जागरण, स्माईल आरती, राखी एवं मुस्कान समूह के मध्य जशक्राफ्ट ब्रांड के उत्पादों के विपणन हेतु अनुबंध समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

    इस समझौते के अंतर्गत अब जशपुर की जनजातीय महिलाओं द्वारा बांस , छिंद, मिट्टी एवं लकड़ी से निर्मित हस्तशिल्प, आभूषण एवं सजावटी उत्पाद देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर संचालित रेयर प्लेनेट के बिक्री केंद्रों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्व-सहायता समूहों को स्थायी बाज़ार, बेहतर मूल्य तथा नियमित आय का अवसर प्राप्त होगा।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एमओयू को जशपुर की महिलाओं के लिए एक निर्णायक उपलब्धि बताते हुए कहा कि जशक्राफ्ट जैसे ब्रांड के माध्यम से हमारी आदिवासी बहनों की कला अब देशभर के लोगों तक पहुँचेगी। यह केवल उत्पादों की बिक्री नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और स्वावलंबन की मजबूत नींव है। राज्य सरकार का प्रयास है कि वन एवं परंपरागत ज्ञान आधारित आजीविका को बाजार से जोड़ा जाए, ताकि महिलाएं अपने गांव में रहकर सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह एमओयू ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा को साकार करता है तथा जशपुर की जनजातीय महिलाओं को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक ठोस पहल है। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित स्व सहायता समूह की महिलाएं एवं रेयर प्लैनेट संस्था के प्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

    पुस्तक विमोचन और जशक्राफ्ट उत्पादों की सराहना –

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा “जशक्राफ्ट” पर आधारित विशेष पुस्तक का विमोचन किया गया। उन्होंने जशक्राफ्ट के अंतर्गत तैयार किए गए आभूषणों एवं हस्तनिर्मित उत्पादों का अवलोकन कर उनकी गुणवत्ता, कलात्मकता और नवाचार की प्रशंसा की। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी एवं विधायक श्रीमती गोमती साय का जशक्राफ्ट ब्रांड के पारंपरिक आभूषण पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। जो महिला सशक्तिकरण और स्थानीय संस्कृति के सम्मान का प्रतीक बना।

    इसके अलावा मुख्यमंत्री द्वारा जशक्राफ्ट ब्रांड के प्रचार-प्रसार हेतु तैयार वीडियो का भी विमोचन किया गया, जिससे जशक्राफ्ट को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।

    जशक्राफ्ट: जशपुर की सांस्कृतिक विरासत से जन्मा सशक्त ब्रांड –

    उल्लेखनीय है कि जशक्राफ्ट केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि जशपुर जिले की समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की अभिव्यक्ति है। जिले की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या जनजातीय समुदायों से आती है, जहाँ पीढ़ियों से बाँस, कांसा घास, छिंद पत्ते, लकड़ी और मिट्टी से हस्तनिर्मित कलाकृतियाँ तैयार की जाती रही हैं। पूर्व में संगठित व्यवस्था और बाज़ार की कमी के कारण कारीगरों की प्रतिभा सीमित रह जाती थी। जिला प्रशासन की पहल से जशक्राफ्ट के रूप में ऐसा मंच तैयार हुआ, जो जशपुर के आठों विकासखंडों के कारीगरों को एकजुट कर उनकी कला को पहचान, संरक्षण और बाज़ार उपलब्ध करा रहा है।

    इस पहल के केंद्र में आदिवासी महिला कारीगर हैं, जिनके हाथों से बिना मशीनों के बने उत्पाद परंपरा, प्रकृति और आत्मनिर्भरता का संदेश देते हैं। जशक्राफ्ट आज स्वदेशी ज्ञान से आकार लेते हुए एक टिकाऊ और सम्मानजनक आजीविका मॉडल के रूप में उभर रहा है।

    वनमण्डलाधिकारी जशपुर वनमण्डल जशपुर ने बताया कि वन विभाग द्वारा संचालित यह पहल महिला स्वावलंबन, वन आधारित आजीविका और स्थानीय उत्पादों के राष्ट्रीय बाजारीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जो आने वाले समय में जशपुर को हस्तशिल्प के मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाएगी।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोतबावासियों को दी स्वच्छ पेयजल की बड़ी सौगात, 9.85 करोड़ रुपये की जल आवर्धन योजना का लोकार्पण कर 8,500 से अधिक नागरिकों को ‘हर घर जल’ का लाभ सुनिश्चित

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोतबावासियों को दी स्वच्छ पेयजल की बड़ी सौगात, 9.85 करोड़ रुपये की जल आवर्धन योजना का लोकार्पण कर 8,500 से अधिक नागरिकों को ‘हर घर जल’ का लाभ सुनिश्चित

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोतबावासियों को स्वच्छ पेयजल की दी बड़ी सौगात

    मुख्यमंत्री ने कोतबा में 9.85 करोड़ की जल आवर्धन योजना का किया लोकार्पण 

    क्षेत्र के 8,500 से अधिक नागरिकों को मिलेगा घर-घर शुद्ध पेयजल

    ​जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जिले के विकास की कड़ी में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ते हुए नगर पंचायत कोतबा में जल आवर्धन योजना’ का विधिवत लोकार्पण किया। लगभग 9.85 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने कोतबावासियों को शुद्ध पेयजल की इस नई सुविधा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

    इस योजना के प्रारंभ होने से क्षेत्र की लगभग 8,580 की आबादी के लिए शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है।

    लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार “हर घर जल” के संकल्प को तेजी से पूरा कर रही है। कोतबा की इस योजना से न केवल लोगों को स्वच्छ पानी मिलेगा, बल्कि जलजनित बीमारियों से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि शुद्ध जल न केवल एक आवश्यकता है, बल्कि यह एक स्वस्थ जीवन का आधार भी है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र वासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह योजना आप सभी के जीवन में समृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य लेकर आए।” मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि प्रदेश सरकार हर गांव और हर घर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित है।

    ​योजना का तकनीकी स्वरूप और विस्तार

    ​लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पूर्ण की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत लगभग 9.85 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री ने आज लोकार्पण के साथ ही इस योजना को विधिवत रूप से जनता की सेवा में समर्पित कर दिया है।

    ​परियोजना के तहत तकनीकी बुनियादी ढांचे को बेहद मजबूत बनाया गया है। इसमें एक आधुनिक इंटेक वेल और पंप हाउस निर्माण के साथ ही 1.50 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता का जल शुद्धीकरण संयंत्र स्थापित किया गया है, जो पानी की गुणवत्ता को मानकों के अनुरूप बनाए रखेगा। स्वच्छ जल के भंडारण के लिए 350 किलो लीटर क्षमता की विशाल आरसीसी उच्च स्तरीय टंकी (16 मीटर ऊंचाई) का निर्माण किया गया है।

    ​क्षेत्र के प्रत्येक घर तक पानी पहुँचाने के लिए विभाग ने पाइपलाइन का एक विस्तृत नेटवर्क तैयार किया है। इस वितरण प्रणाली के अंतर्गत क्षेत्र की विभिन्न गलियों और वार्डों में कुल 32,178 मीटर (32.17 किमी) लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। स्रोत से पानी लाने एवं शुद्धिकरण के लिए 20 एचपी क्षमता के शक्तिशाली 02 रॉ वाटर सेंट्रीफ्यूगल पंप एवं 02 नग क्लीयर वाटर सेंट्रीफ्यूगल पम्प का उपयोग किया गया है। इस नेटवर्क में 100 मिमी से लेकर 200 मिमी व्यास के टिकाऊ डी.आई. पाइपों का उपयोग किया गया है, ताकि पानी का दबाव बना रहे और भविष्य की जरूरतों को भी पूरा किया जा सके। विद्युत की सुचारू आपूर्ति हेतु सबस्टेशन स्थापित कर 25 केवीए के 02 नग ट्रांसफार्मर लगाए गए है।

    ग्रामीणों में हर्ष की लहर

    शुद्ध पेयजल की इस बड़ी सौगात से उत्साहित कोतबा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आत्मीय आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके इस सराहनीय प्रयास से अब घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुँचने का सपना साकार हो गया है।”

    ​लोकार्पण समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय  विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर सरगुजा श्री  नरेंद्र दुग्गा, आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, डीआईजी श्री शशि मोहन सिंह, डीएफओ जशपुर श्री शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, नगर पंचायत कोतबा के अध्यक्ष श्री हितेंद्र कुमार पैंकरा,  अन्य विभागीय अधिकारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्थलगांव प्रेस क्लब भवन का किया लोकार्पण, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता के संरक्षण और सशक्तिकरण को मिला नया आधार

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्थलगांव प्रेस क्लब भवन का किया लोकार्पण, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता के संरक्षण और सशक्तिकरण को मिला नया आधार

    मुख्यमंत्री ने पत्थलगांव के प्रेस क्लब का किया लोकार्पण

    पत्थलगांव प्रेस क्लब ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

    जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पत्थलगांव विकास खंड के ग्राम कोतबा में प्रेस क्लब भवन पत्थलगांव का किया शुभारंभ।

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को नगर पंचायत कोतबा के हाईस्कूल ग्राउंड में जिले को करोड़ों की सौगात दी। इस दौरान जहां कई विकास कार्यों की नींव रखी गई वही कई योजनाओं के तहत कराए गए निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। गौरतलब है कि पत्थलगांव के प्रेस क्लब भवन का शासन की लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता के संरक्षण और संवर्धन की योजना के तहत 25 लाख रु की लागत से निर्माण कराया गया है। निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद से ही इसके लोकार्पण का पत्थलगांव के साथ ही पूरे जिले के पत्रकारों को बेसब्री से इंतजार था।

    शनिवार को नगर पंचायत कोतबा के हाईस्कूल में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में इसका भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा लोकार्पण किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशिष्ट अतिथि के रूप में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक गोमती साय के साथ ही कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में प्रेस क्लब पत्थलगांव के अध्यक्ष विजय त्रिपाठी, गोविंद अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार चेतवानी, अतुल त्रिपाठी, सचिव राजेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, मीडिया प्रभारी रमेश तिवारी, संयुक्त सचिव निसामुद्दीन खान, छत्रमोहन यादव, नीरज गुप्ता, शिव प्रताप सिंह, जितेंद्र सोनी, श्याम चौहान, अभिषेक शुक्ला, प्रदीप ठाकुर, विवेक तिवारी, सौरभ त्रिपाठी, आकाश शर्मा, बाबर खान, विकास शर्मा, कमलेश अंबष्ट, हरीश यादव, आयुष बंसल एवं अन्य पत्रकारगण उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोतबा में 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन, 4 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा सशक्त आधार

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोतबा में 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन, 4 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा सशक्त आधार

    मुख्यमंत्री ने कोतबा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन, 4 करोड़ 37 लाख की लागत से भवन बनाया जाएगा

    जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पत्थलगांव विकास खंड के ग्राम कोतबा में 4 करोड़ 37 लाख 23 हजार की लागत से 50 बिस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के कार्य का किया भूमिपूजन इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, माटीकला बोर्ड अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, पूर्व विधायक श्री भरत साय, नगर पंचायत कोतबा अध्यक्ष श्री हितेंद्र पैंकरा, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, डीआईजी श्री शशिमोहन सिंह, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण एवं नागरिक उपस्थित रहे।