Category: राजनीति

  • ‘भेंट-मुलाकात’ नहीं, ‘सेट-मुलाकात’ कर रही कांग्रेस : नलिनीश ठोकने

    ‘भेंट-मुलाकात’ नहीं, ‘सेट-मुलाकात’ कर रही कांग्रेस : नलिनीश ठोकने

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा शुरू किए गए युवाओं से सीधे संवाद के ताजा अभियान पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री बघेल अब भेंट-मुलाकात नहीं, ‘सेट-मुलाकात’ कर रहे हैं। श्री ठोकने ने कहा कि चुनावी सवाल में युवा मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रहे मुख्यमंत्री बघेल को अब पौने पाँच साल का कार्यकाल बीत जाने के बाद युवाओं की याद आई है, लेकिन भेंट मुलाकात नाम पर सेट मुलाकात का मुख्यमंत्री बघेल का यह सियासी ड्रामा पूरी तरह फ्लॉप शो साबित होगा। श्री ठोकने युवाओं से अपील की है कि मुख्यमंत्री के इस ‘सेट मुलाकात’ में प्रदेश के युवा इन सारे मुद्दों पर मुख्यमंत्री बघेल से खुलकर चर्चा करें और युवाओं के भविष्य को दाँव पर लगाने वाले मुख्यमंत्री से सवाल पूछें।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि रोजगार मांगते युवाओं को भयावह कोरोना काल में आंदोलन के लिए विवश करने, न्याय व हक मांगने पर लाठियां बरसाने और बेरोजगारी भत्ते के नाम पर छल करने वाले मुख्यमंत्री बघेल को क्या यह पता है कि युवाओं के मन में उनकी छवि प्रदेश की राजनीति के खलनायक की बन चुकी है। श्री ठोकने ने कहा कि बेरोजगार युवाओं को साढ़े चार साल तक बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया गया। कुछ युवाओं को अब यह भत्ता दिया जा रहा है, जबकि प्रदेश के 10 लाख बेरोजगार युवाओं को 2500 रुपए भत्ता देने का वादा कांग्रेस ने पिछले चुनाव में किया था। प्रदेश सरकार ने युवाओं के हक का 12 हजार करोड़ रुपया दबा लिया। इससे युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। श्री ठोकने ने कहा कि जब कांग्रेस की प्रदेश सरकार को इसकी याद दिलाई गई तो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम अपनी ही पार्टी के जन घोषणा पत्र को फर्जी बताने लगे ताकि बेरोजगारी भत्ता न देना पड़े।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि प्रदेश में व्यापमं और पीएससी की भर्ती परीक्षाओं में हुई और हो रहीं अनियमितताएँ जगजाहिर हैं। सारी गड़बड़ियाँ आईने की तरह पूरे प्रदेश को साफ-साफ दिख रही है, लेकिन मुख्यमंत्री बघेल कार्रवाई के लिए सबूत मांग रहे हैं। श्री ठोकने ने बताया कि सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए 10 जून को विज्ञापन आया था। व्यापमं इस परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थियों की कुल उपस्थिति, 1,47,176 बताया है, जबकि 2 जुलाई को जो परिणाम घोषित हुआ, उसमें अभ्यर्थियों की संख्या 1,46,275 बताई गई। अभ्यर्थियों की संख्या में 99 का यह अंतर क्या प्रदेश सरकार को नजर नहीं आ रहा है? आखिर 99 अधिक अभ्यर्थियों का परिणाम कैसे आया? व्यापमं परीक्षाओं के ए, बी, सी, डी सेट के ऑन्सर का क्रमांक एक ही था। श्री ठोकने ने मांग की कि यह परीक्षा पूरी तरह निरस्त की जाए। इसी तरह पीएससी के घोषित परिणामों में कितने अधिकारियों व कांग्रेस नेताओं के बच्चों को उत्तीर्ण घोषित कर दिया गया, यह भी स्पष्ट है और मुख्यमंत्री बघेल को इन गड़बड़ियों का सबूत चाहिए!

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि वर्षों तक परिश्रम करके इन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली प्रदेश सरकार ने तो अपनी कारगुजारियों को छिपाने के लिए प्रश्नपत्र, उत्तरपुस्तिका व ओएमआर शीट को नष्ट करने के लिए एक नहीं, दो बार टेंडर निकाला! इसी तरह शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला भर्ती में घोटाला करके प्रदेश सरकार ने युवाओं को  ठगने का काम किया। प्रदेश सरकार बताए कि इंटरव्यू के लिए बुलाए गए अभ्यर्थियों की सूची में जिनका नाम था ही नहीं, उनका नाम चयनित सूची में कहाँ से और कैसे आ गया? श्री ठोकने कहा कि नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने अपने ट्वीट में इस बारे में मुख्यमंत्री बघेल से सवाल किया था, लेकिन उन्होंने जवाब तक नहीं दिया। विज्ञापनों और लोकवाणी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल 5 लाख नौकरी देने का दावा करते हैं और जमीनी सच यह है कि रोजगार के नाम पर प्रदेश सरकार ने पढ़े-लिखे युवाओं को शराब का डिलीवरी ब्वॉय बना दिया! पढ़े-लिखे युवाओं को प्रदेश सरकार के मंत्री पंचर बनाने की सलाह देते हैं! पढ़े-लिखे युवा मनरेगा में मजदूरी करके परिवार का खर्च वहन कर रहे हैं और इससे भी शर्मनाक यह है कि मेडिकल और इंजीनियरिंग पढ़े युवा एक भृत्य के पद के लिए आवेदन कर रहे हैं।

  • राहुल गांधी के समर्थन में कांग्रेस के मौन सत्याग्रह पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव का बड़ा प्रहार, पिछड़े वर्ग के लोगों के जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं भूपेश बघेल और कांग्रेस – अरुण साव

    राहुल गांधी के समर्थन में कांग्रेस के मौन सत्याग्रह पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव का बड़ा प्रहार, पिछड़े वर्ग के लोगों के जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं भूपेश बघेल और कांग्रेस – अरुण साव

    पिछड़े वर्ग के लोगों को गाली देने वाले के समर्थन में मौन सत्याग्रह कर रही कांग्रेस ने बताया वह पिछड़ा वर्ग विरोधी है – अरुण साव

    पिछड़े वर्ग को गाली देने वाले, न्यायालय से सजा पाने वाले, व्यक्ति के समर्थन में मौन सत्याग्रह देश के संविधान और न्यायपालिका की धज्जियां उड़ाने जैसा – अरुण साव

    अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार होती तो गांधी परिवार की चाटुकारिता के लिए फिर से आपातकाल लगा देती – अरुण साव

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    रायपुर : पिछड़ा वर्ग को अपमानित करने वाले राहुल गांधी को न्यायालय द्वारा सजा मिलने के बाद राहुल गांधी के समर्थन में कांग्रेस के सत्याग्रह पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने पिछड़े वर्ग को गाली दी, उसका उपहास उड़ाया, अपमान किया, न्यायालय ने जिसे ना सिर्फ दोषी ठहराया बल्कि सजा भी दी एवं दोबारा याचिका लगाने पर भी उसे रद्द किया, ऐसे व्यक्ति के लिए मौन धारण कर प्रदर्शन करना व उसे सत्याग्रह का नाम देना पिछड़े वर्ग के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा कृत्य है। कांग्रेस को पिछड़ा वर्ग इसके लिए कभी माफ नहीं करेगा। कांग्रेस पिछड़े वर्ग के साथ नहीं पिछड़े वर्ग को गाली देने वाले व्यक्ति के साथ खड़ी है।

    श्री साव ने कहा कांग्रेस का जो रवैया है उससे यह पूर्णत: स्पष्ट है कि आज अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार रहती तो वह राहुल गांधी की चाटुकारिता के लिए शायद आपातकाल लगाने से भी नहीं चूकती, जैसा कि इंदिरा गांधी के लिए लगाया गया था। कांग्रेस देश के संविधान और न्यायपालिका में विश्वास नहीं रखती, वह केवल एक परिवार को ही सब कुछ मानती है, देश की जनता भी इनकी प्राथमिकता में नहीं है।

    श्री साव ने कहा न्यायपालिका जिस पर सभी का भरोसा होता है, आज कांग्रेस उसके खिलाफ, उसके फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रही है। यह देश के संविधान का मजाक उड़ाने जैसा है, जनता अब यह मान रही है कि कांग्रेस गांधी परिवार के आगे देश के संविधान को भी नहीं मानती और न्यायपालिका की विश्वसनीयता को खंडित करने का कुंठित प्रयास करती है। पूरे देश की जनता कांग्रेस का यह कृत्य देख रही है कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।

  • शराब घोटाले, शराबबंदी और धान खरीदी पर भाजपा के झूठ पर कांग्रेस की पत्रकार वार्ता

    शराब घोटाले, शराबबंदी और धान खरीदी पर भाजपा के झूठ पर कांग्रेस की पत्रकार वार्ता

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने पत्रकारो को संबोधित करते हुये कहा कि मुद्दाविहीन भाजपा छत्तीसगढ़ में झूठ के आधार पर राजनीति कर रही है। पहले ईडी को भेजकर गलत कार्यवाही करवाई जाती है, फिर ईडी के द्वारा तैयार की गयी पटकथा के आधार पर कांग्रेस सरकार पर घोटाले के झूठे आरोप लगाये जाते है। ईडी कार्यवाही करती है भाजपा नेता बयान देकर उसके राजनीति करते है इससे साबित होता है कि ईडी की कार्यवाही भाजपा की राजनैतिक साजिश का नतीजा है। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर साढ़े चार साल में एक भी रू. का भ्रष्टाचार का प्रमाणिक आरोप नहीं लगा पाने वाली भाजपा ने सरकार को बदनाम करने ईडी को आगे कर साजिश रचा और घोटाले के झूठे आरोप प्रचारित किये जा रहे है। प्रधानमंत्री ने अपने पद की मर्यादा को तार-तार कर शराब बंदी से शराब घोटाले का जोड़ कर झूठ बोला।

    ईडी की झूठी पटकथा पर सरकार को बदनाम करने की साजिश

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा नेता ईडी की पटकथा के आधार पर आरोप लगा रहे की छत्तीसगढ़ में बिना एक्साइज ड्यूटी पटाये शराब बिक्री करने से 2168 करोड़ का घोटाला हुआ है। यदि ईडी के आरोप सही है तो ईडी ने शराब निर्माण के विक्रय के डिस्टलरो के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं किया? ईडी की कार्यवाही कही सुनी बातो के आधार पर बिना तथ्य के है। राज्य मे 2012 मे रमन सरकार ने देशी शराब के उत्पादन का अधिकार मात्र राज्य के ही मात्र 3 डिस्टलरों को मिल गया था अन्य किसी डिस्टलर को उत्पादन निविदा मे भाग लेने का अधिकार समाप्त हो गया था। रमन सरकार ने ही 2017 मे शराब विक्रय का एकाधिकार सरकारी कम्पनी को सौपा। शराब करोबार के लिए मेन पावर प्लेस मेन्ट एजेंसियो से लेना शुरू किया तथा देशी शराब कि आपूर्ति पूर्व पंजीकृत 3 ठेकेदारों से होती रही रमन सरकार के कार्यकाल के अंतिम वित्तीय वर्ष मे शराब से कुल राजस्व 3900 करोड़ था। राज्य मे कांग्रेस कि सरकार बनने के बाद शराब नीति मे कोई परिवर्तन नहीं किया गया व्यवस्था भी पूर्ववत रही उसके बावजूद वर्ष 2023 रमन राज कि अपेक्षा शराब का राजस्व 3900 से बढ़ के 6500 करोड़ हो गया। कांग्रेस सरकार के राज मे तो राजस्व बढ़ा है इसका मतलब यदि गड़बड़ी है तो रमन राज मे थी। बिना एक्साईज ड्यूटी शराब बेचने कि शिकायत कि जाँच भी राज्य सरकार 3 डिस्टलरों के खिलाफ करवा रही है। डिस्टलर पर कार्यवाही से भाजपा क्यों तिलमिला रही है? डिस्टलर के साथ रमन सिंह के क्या संबंध है? क्या भाजपा नेता डिस्टलरों के पार्टनर है? रमन सिंह ने डिस्टलरों को फायदा पहुंचाने, डिस्टलरों के माध्यम से शराब में घोटाला करने 138 साल पुरानी शराब नीति को बदला था?

    4400 करोड़ का शराब घोटाला रमन सरकार में हुआ

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सरकार के दौरान दो केबिनेट मंत्री शराब के अवैध कमाई को लेकर भिड़े थे। रमन सिंह के राज में शराब नीति में परिवर्तन करके तथा शराब के ब्रांडों के रेट के निर्धारण में गड़बड़ी करके 4400 करोड़ का शराब घोटाला किया था। जैसे शराब नीति में दिल्ली में परिवर्तन किया गया वैसा ही परिवर्तन रमन राज में छत्तीसगढ़ में हुआ। वैसे ही घोटाले में दिल्ली में उपमुख्यमंत्री जेल में जा सकता है तो छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ ईडी की जांच क्यों नहीं हो सकती है?

    शराब बंदी गंगाजल से जोड़ना भाजपा का महापाप

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि शराब बंदी को लेकर भाजपा लगातार झूठ बोल रही है। रमन सिंह गंगाजल की दुहाई देकर झूठ बोलते है कि कांग्रेस ने शराब बंदी को लेकर गंगाजल की कसम खाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी भाजपा ने झूठ बोलवाया कि कांग्रेस ने शराबबंदी को लेकर गंगाजल की कसम खाया था। कांग्रेस ने कभी भी अपने जनघोषणा पत्र के वायदों और शराब बंदी को लेकर कभी गंगाजल की सौगंध नहीं खाया था। कांग्रेस ने केवल किसानों की कर्जमाफी करने के लिये गंगाजल की कसम खाया था जिसे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने तीन घंटे के अंदर भूपेश बघेल ने पूरा कर दिया था। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद 19 लाख किसानों के 10 हजार करोड़ रू. का कर्जा माफ किया था। कांग्रेस सरकार शराबबंदी की दिशा में काम कर रही है। 150 से अधिक शराब दुकानें बंद की गई। शराब बंदी के गठित कमेटी में भाजपा के विधायक क्यों शामिल नहीं हुई? शराब बंदी के लिये चलाये जा रहे जन जागरूकता अभियान का परिणाम है शराब की खपत में कमी आई है।

    रमन सिंह ने शराब को प्रश्रय दिया

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि शराबबंदी की बात करने वाले रमन सिंह सरकार में रहते शराब का सरकारीकरण करने के बजाय शराबबंदी क्यों नहीं की? उन्होंने सार्वजनिक घोषणा किया था चुनाव हार जाऊं कोई बात नहीं शराब बंदी लागू करूंगा फिर शराब का सरकारीकरण क्यों किया? राज्य निर्माण के वक्त शराब से राजस्व 300 करोड़ था यानि शराब की खपत कम थी भाजपा की मंशा शराब बंदी होती तो उस दिन शराब बंद होता लेकिन भाजपा ने प्रदेश में शराब की खपत बढ़ाई, काली कमाई की।

    धान खरीदी पर भाजपा ऑर्गनाइज झूठ बोलती है

    पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुये कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि धान की खरीदी भूपेश सरकार अपने दम पर करती है केन्द्र सरकार का इसमें एक पैसे का कोई योगदान नहीं। इस वर्ष धान खरीदी में भूपेश सरकार हर वर्ष की तरह 35 हजार करोड़ रू. कर्ज ले रही है। भाजपा किस मुंह से कहती है केंद्र सरकार धान खरीदती है। प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा के निचले स्तर के नेता बेशर्मी पूर्वक झूठ बोलते है। भूपेश सरकार चालू खरीफ सीजन में 135 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित की है भाजपा बताये क्या मोदी सरकार 135 लाख मीट्रिक टन से बने 95 लाख मीट्रिक टन चावल खरीदेगी। बीते वर्ष भूपेश सरकार 2500 रू. में धान खरीद कर केन्द्र सरकार के द्वारा पर्याप्त चावल नहीं लेने पर खुले बाजार में घाटा खाकर 1100 रू. से 1200 रू. के दर पर बेचे थे ये किसान हितैषी सरकार है। प्रदेश के किसान चिंता ना करें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार चालू खरीफ सीजन में प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी करेगी और लगभग 2800 रु प्रति क्विंटल की दर पर खरीदी की जायेगी। धान खरीदी राज्य सरकार अपने दम पर करती है केंद्र सरकार का इसमें कोई न योगदान है और न ही कोई सहयोग उलटे मोदी सरकार राज्य को कभी 2500 समर्थन मूल्य नहीं देने की धमकी देती है तो कभी केंद्रीय पुल मे चावल लेने से मना करता है कभी उसना चावल नहीं लेने की धमकी देता है। देश मे छत्तीसगढ़ की अकेली कांग्रेस की सरकार है जिसने 2640 रु मे 107 लाख मिट्रिक टन धान खरीदा है। देश भर मे भाजपा की कोई भी राज्य सरकार समर्थन मूल्य मे धान नहीं खरीदती भाजपा शाषित यूपी गुजरात मे तो किसान 1100 मे धान बेचने को मजबूर है। भूपेश सरकार अपने दम पर कर्ज लेकर धान की खरीदी करती है धान खरीदी में मोदी सरकार का योगदान शून्य होता है। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री प्रशासन रवि घोष, अजय साहू, सत्यप्रकाश उपस्थित थे।

  • प्रदेश सरकार पीडीएस मामले में अब तक हुई जांच, वसूली और दोषी अफसरों पर कार्रवाई को सार्वजनिक करे : संदीप शर्मा

    प्रदेश सरकार पीडीएस मामले में अब तक हुई जांच, वसूली और दोषी अफसरों पर कार्रवाई को सार्वजनिक करे : संदीप शर्मा

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा ने पुरजोर मांग की है कि प्रदेश सरकार पीडीएस मामले में अब तक हुई जांच, वसूली और दोषी अफसरों पर कार्रवाई को सार्वजनिक करे। श्री शर्मा ने कहा कि 600 करोड़ रुपए के इस पीडीएस घोटाले को विधानसभा में स्वीकार करते हुए प्रदेश सरकार ने विधानसभा की कमेटी के बजाय अधिकारियों से जांच कराने की बात कही थी।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री शर्मा ने कहा कि विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने यह मामला उठाया था और अतिशेष स्टॉक को लेकर खाद्य विभाग और जिला प्रशासन के आंकड़ों में अंतर होने की बात कही थी। 59 लाख मीटरिक टन चावल गायब होने की जांच कराने की मांग करके डॉ. सिंह ने बड़े घोटाले के खुलासे का दावा किया था। श्री शर्मा ने कहा कि विधानसभा में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने स्वीकार किया था कि 4,952 राशन दुकानों में 41 हजार टन चावल की कमी पाई गई है।   खाद्य मंत्री भगत ने सदन को 24 मार्च, 2023 तक सभी जिलों की कार्रवाई पूर्ण कर विभाग को प्रस्तुत करने के निर्देश की जानकारी भी दी थी।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री शर्मा ने कहा कि पीडीएस के इस घोटाले में अधिकारियों व कर्मचारियों की संलिप्तता को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने अधिकारियों के बजाय विधानसभा की कमेटी से इसकी जांच कराने की मांग विधानसभा में की थी, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने इसे सिरे से खारिज कर उन अधिकारियों से इस घोटाले की जांच कराने की बात कही जिन्होंने इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया था। इससे अधिक प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण कुछ और नहीं हो सकता। श्री शर्मा ने सवाल किया कि क्या प्रदेश सरकार ने इस घोटाले की ठीक-ठीक जांच कराई? जांच के बाद वसूली की बात भी प्रदेश सरकार ने स्वीकार की है। अब प्रदेश सरकार को इस पूरे घोटाले  की जांच कर सच प्रदेश के सामने रखते हुए यह बताना चाहिए कि पीडीएस घोटाले में सरकार ने कितनी वसूली की? जब वसूली हो गई है तो यह तय है कि भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों ने घोटाला किया है। श्री शर्मा ने प्रदेश सरकार से यह भी जानना चाहा कि इस मामले में किन अधिकारियों ने भ्रष्टाचार किया और उन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ प्रदेश सरकार ने क्या कार्रवाई की है? कितने अधिकारियों को प्रदेश सरकार ने दंडित कर जेल भेजा ? प्रदेश सरकार इस पूरे मामले की जांच व कार्रवाई की तथ्यपरक जानकारी प्रदेश को दे।

  • मुख्यमंत्री की युवाओं संग मुलाकात पर बोली भाजपा, फिर सुनने मिलेगा ऐ लड़की नेतागिरी मत कर और कभी तेरे बाप ने माइक पकड़ा है, यदि हिम्मत है तो भूपेश बघेल अपने प्रायोजित सिलेबस के बाहर के सवालों के जवाब दें – रवि भगत

    मुख्यमंत्री की युवाओं संग मुलाकात पर बोली भाजपा, फिर सुनने मिलेगा ऐ लड़की नेतागिरी मत कर और कभी तेरे बाप ने माइक पकड़ा है, यदि हिम्मत है तो भूपेश बघेल अपने प्रायोजित सिलेबस के बाहर के सवालों के जवाब दें – रवि भगत

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रस्तावित संभागवार युवाओं से संवाद कार्यक्रम पर  प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि कथित भेंट मुलाकात वास्तविक रूप से डांट डपट  कार्यक्रम की तरह एक बार फिर छत्तीसगढ़ के युवाओं को सुनने मिलेगा कि ऐ लड़की नेतागिरी मत कर और यह भी सुनने मिलेगा कि कभी तेरे बाप ने माइक पकड़ा है। मुख्यमंत्री घूम -घूम कर पूरे छत्तीसगढ़ के युवा बेटे -बेटियों का भरपूर अपमान कर चुके हैं। अब और कौन सी कसर बाकी रह गई जो अब फिर से युवाओं को डांटने डपटने का दौर शुरू कर रहे हैं।

    भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रायोजित कार्यक्रम का वह वायरल वीडियो देखा है कि किस तरह प्रशिक्षण दिया जाता है कि जनता के सामने मुख्यमंत्री क्या- क्या पूछेंगे और किस तरह से कौन से जवाब देने हैं  मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो प्रायोजित युवाओं से नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के उन युवाओं से मिलें, जिनके भाग्य पर उन्होंने स्याही उड़ेल दी है। उन युवाओं से मिलें जो बेरोजगारी, तंगहाली से अवसाद के शिकार होकर नशे और गलत रास्ते पर जा रहे हैं। उन उच्च शिक्षित युवाओं से संवाद करें जो बड़ी बड़ी डिग्रियां हासिल करने के बाद सौ से भी कम भृत्य पद के  लिए सवा दो लाख की संख्या  में आवेदन करते हैं। युवा मुख्यमंत्री से पूछना चाहते हैं कि साढ़े चार साल में पांच लाख नौकरियां क्या कांग्रेस में बांट दीं क्योंकि छत्तीसगढ़ के युवाओं को तो यह नौकरी मिली नहीं है। मनरेगा के आंकड़े तक नौकरी में क्यों जोड़ दिए।  वे पूछना चाहते हैं कि साढ़े 4 साल से वह बेरोजगारी भत्ता क्यों नहीं दिया, जिसका वादा किया गया था? वे पूछना चाहते हैं कि 10 लाख बेरोजगार युवाओं का बकाया भत्ता कब मिलेगा, वे जानना चाहते हैं कि बेरोजगारी भत्ता के हकदार क्यों छांट दिए। क्या मुख्यमंत्री पीएससी और व्यापमं के घोटालों के सवालों के जवाब दे पाएंगे?क्या ऐसे सवालों का सामना कर पाएंगे? यदि हिम्मत है तो भूपेश बघेल अपने प्रायोजित सिलेबस के बाहर के सवालों के जवाब दें। तभी युवाओं से सार्थक संवाद होगा। अन्यथा यह कार्यक्रम भी डांट- डपट- दुत्कार कार्यक्रम में बदल जाएगा। उन्होंने कहा भाजयुमो छत्तीसगढ़ की संतानों के अपमान के सख्त खिलाफ है।

  • प्रश्न तो पूछे जाएंगे जवाब तो देना पड़ेगा, भूपेश बघेल को विधायिका पर भरोसा नहीं – नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने मानसून सत्र की कम अवधि के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें विधायिका पर भरोसा नहीं है। 18 जुलाई से 21 जुलाई तक छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आहूत किया गया है। दुर्भाग्य यह है कि इस विधानसभा के पूरे कार्यकाल में, जब से भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बने हैं, जब से कांग्रेस की सरकार बनी है, कभी भी विधानसभा का कोई भी सत्र अपनी अवधि पूरा नहीं कर पाया। सत्र की अवधि कम की जाती रही है। इस पर भी जो निश्चित अवधि रही, उसके पहले ही सत्र समाप्त हो गया। यह इस बात का द्योतक है कि भूपेश सरकार विधायिका पर विश्वास नहीं करती। विधायिका का अपमान करती है। वह सदन में चर्चा से भागना चाहती है। सवालों से बचना चाहती है। लेकिन हम भूपेश जी से कहना चाहते हैं कि विधानसभा लोकतंत्र का पावन मंदिर है। सवाल तो पूछे जाएंगे। जवाब तो देना होगा। चाहे सत्र की अवधि में कितनी भी कटौती कर लें।

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को खुद पर भरोसा नहीं है, अपनी सरकार पर भरोसा नहीं है, इसलिए विधानसभा में चर्चा से भाग रहे हैं। भूपेश बघेल को विधायिका पर विश्वास नहीं है, इसलिए उनके मंत्री और विधायक सदन की कार्यवाही सलीके से चलने नहीं देते। लोकतंत्र पर भरोसा नहीं है, इसलिए विपक्ष को बोलने नहीं देते। जनता के सवालों का जवाब सरकार नहीं देती।। उनकी सरकार में कार्यपालिका की क्या स्थिति है, सारा छत्तीसगढ़ जानता है। इनके अफसर भ्रष्टाचार के मामलों में जेल जा रहे हैं और जमानत नहीं मिल रही। न्याय पालिका का सम्मान कांग्रेस के चरित्र में कभी नहीं रहा। भूपेश बघेल संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करते हैं। उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ धरने पर बैठ जाते हैं।

  • ओलंपिक खेलों के दौरान पिछले वर्ष की तरह लापरवाही न हो, खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और जान की चिंता करे कांग्रेस सरकार : अरुण साव

    ओलंपिक खेलों के दौरान पिछले वर्ष की तरह लापरवाही न हो, खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और जान की चिंता करे कांग्रेस सरकार : अरुण साव

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने आगामी 17 जुलाई से प्रारंभ होने जा रहे छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के मद्देनजर प्रदेश सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए खिलाड़ियों की सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने की मांग की है। श्री साव ने कहा कि लगभग ढाई माह तक 6 चरणों में होने वाले ओलंपिक में चूंकि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक प्रतिभागी होंगे, अतः प्रदेश सरकार इस आयोजन की तमाम व्यवस्थाएँ चाक-चौबंद रखे।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साव ने कहा कि पिछली बार छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के आयोजन में अनेक प्रतिभागियों की मृत्यु हो गई थी। प्रदेश सरकार को इस बार विशेष ध्यान रखना होगा, इस बार एक भी जान सरकारी अव्यवस्था और लापरवाही के कारण न जाए, प्रदेश सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा। श्री साव ने कहा कि पिछली बार के आयोजन में जितनी मौतें हुई थी, उन मृतकों के परिजनों को अभी तक उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में मुआवजा बाँटकर प्रदेश का खजाना लुटाने वाली प्रदेश की कांग्रेस सरकार पिछले ओलंपिक आयोजन के मृतक परिवारों को 50-50 लाख रुपए का मुआवजा दे और इस बार के आयोजन से पहले सभी प्रतिभागियों का बीमा कराया जाए। श्री साव ने कहा कि सभी प्रतिभागी प्रदेश की प्रतिभा संपन्न धरोहर हैं। उनकी सुरक्षा और सुविधाओं में कोताही बरतना प्रदेश सरकार की नाकामी का एक और काला अध्याय होगा।

  • यूथ कांग्रेस द्वारा विधानसभा मुख्यालय कुनकुरी में ‘भूपेश है तो भरोसा है डोर टू डोर अभियान‘ के प्रशिक्षण शिविर का किया गया आयोजन

    यूथ कांग्रेस द्वारा विधानसभा मुख्यालय कुनकुरी में ‘भूपेश है तो भरोसा है डोर टू डोर अभियान‘ के प्रशिक्षण शिविर का किया गया आयोजन

    युंकाईयों को प्रदेश सरकार के कार्यो की जानकारी घर घर जाकार देने दी गई जानकारी

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, कुनकुरी/जशपुर

    कुनकुरी: छत्तीसगढ़ प्रदेश यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष अकाश शर्मा के निर्देश में कुनकुरी विधानसभा यूथ कांग्रेस की प्रभारी आशिका कुजुर, यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अजीत सहाय, प्रदेश सचिव संजय पाठक के मार्गदर्शन में भूपेश है तो भरोसा है डोर टू डोर अभियान के प्रशिक्षण शिविर का आयोजन स्थानीय जैन धर्मशाला में आयोजित किया गया।

    शिविर का आयोजन रूफी खान कुनकुरी विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में जशपुर जिला के कुनकुरी विधानसभा मुख्यालय में आयोजित किया गया। आयोजन में जशपुर विधानसभा अध्यक्ष विवेका दास महंत, विधानसभा के यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी, प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस शिविर में दिल्ली और रायपुर से आए हुए पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया।

    कुनकुरी विधानसभा अध्यक्ष रूफी खान ने बताया कि कुनकुरी जैन धर्मशाला में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें कुनकुरी विधानसभा, पत्थलगांव विधानसभा, जशपुर विधानसभा के समस्त यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस शिविर में यूथ कांग्रेस के तीनों विधानसभा के कार्यकर्ता व पदाधिकारी भूपेश सरकार के द्वारा किये गये कार्य की जानकारी दने लोगों के घरो तक जाएगें।

    कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला महासचिव भाटिया जी, शेखर चौहा, केशव सिंह सहित तीनों विधानसभा के युवा कांग्रेसी कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।   

  • अरुण साव शिक्षकों की कमी को लेकर घड़ियाली आंसू न बहाये, रमन सरकार में शिक्षक मांगने पर बच्चो के ऊपर लाठीचार्ज होती थी – धनंजय सिंह ठाकुर

    अरुण साव शिक्षकों की कमी को लेकर घड़ियाली आंसू न बहाये, रमन सरकार में शिक्षक मांगने पर बच्चो के ऊपर लाठीचार्ज होती थी – धनंजय सिंह ठाकुर

    रमन सरकार में शिक्षकों के 52 हजार,व्याख्याता के 12000 पद खाली थे और 3000 स्कूल में एक शिक्षक थे

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव शिक्षकों की कमी को लेकर घड़ियाली आंसू ना बहाये। 15 साल में रमन सरकार ने शिक्षकों की सीधी भर्ती नहीं की जिसके चलते हैं यह समस्या उत्पन्न हुई है। रमन सरकार के दौरान शिक्षकों के 52 हजार व्याख्याताओं के 12हजार पद खाली थे प्रदेश के 3000 स्कूल एक शिक्षक के भरोसे चल रहा था और 3000 स्कूलों को बंद कर रमन सरकार ने निजी स्कूलों को आगे बढ़ाने का काम किया था। रमन सरकार का मकसद शिक्षा का बाजारीकरण करना था इसीलिए शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त किया और गरीबों को शिक्षा के अधिकार से वंचित रखने का महा पाप किया था।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि  रमन सरकार के दौरान जब स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे जब शिक्षक मांगते थे स्कूल के लिए सुविधाएं मांगते थे तब उन पर लाठियां बरसती थी बलौदा बाजार जिले मैं रमन सिंह के विकास यात्रा के दौरान स्कूल के बच्चों को लाठियों से पीटा गया था बर्बरता की गई थी उन्हें घसीटा गया था कई बच्चे घायल हुए थे पूरा प्रदेश ने बर्बरता देखा था और रमन सिंह के हिटलर शाही चरित्र को जाना था। आज बच्चे अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री निवास तक पहुंच रहे हैं उनकी बातें सुनी जा रही है

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार लगातार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए काम कर रही है गरीब बच्चों को मुफ्त में अंग्रेजी की शिक्षा देने 247 अंग्रेजी स्कूल शुरुआत की है 101 नये अंग्रेजी स्कूल खोले जा रहे हैं अंग्रेजी माध्यम के 33 महाविद्यालय खोले गए हैं रमन सरकार के दौरान बंद की गई स्कूलों को खोला जा रहा है बस्तर संभाग में ही 337 स्कूल पुनः प्रारंभ किए गए हैं 14500 शिक्षकों की भर्ती की गई है और अभी हाल में 12489 नए पदों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है कोविड-19 में अनाथ हुए बच्चों की शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है उन्हें 500 रु से 1000 रु तक मासिक छात्रवृत्ति दी जा रही है अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अंग्रेजी के शिक्षक हैं स्कूल के बिल्डिंग बनाए जा रहे हैं बच्चों को सुविधाएं दी जा रही है पुस्तक काफी ड्रेस साइकल मध्यान भोजन दिया जा रहा है और जिन स्कूलों में समस्याएं हैं उनकी बात सुनी जा रही है समस्याओं को दूर किया जा रहा है भूपेश सरकार में आज बच्चे अपनी समस्या को लेकर मुख्यमंत्री निवास तक पहुंच रहे हैं रमन सरकार के दौरान तो लाठियां चलती थी।

  • राहुल गांधी सत्य की राह के निडर यात्री हैं और वह भाजपा के झूठ का पर्दाफाश करते रहेंगे, लोकतंत्र को बचाने कांग्रेस करेगी प्रदेश में मौन सत्याग्रह – मोहन मरकाम

    राहुल गांधी सत्य की राह के निडर यात्री हैं और वह भाजपा के झूठ का पर्दाफाश करते रहेंगे, लोकतंत्र को बचाने कांग्रेस करेगी प्रदेश में मौन सत्याग्रह – मोहन मरकाम

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    गुजरात हाईकोर्ट के फैसले के बाद 12 जुलाई को कांग्रेस प्रदेश में लोकतंत्र सत्याग्रह करेगी इस दिन कांग्रेसी मौन व्रत रखेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि गुजरात हाईकोर्ट का फैसला निराशाजनक जरूर है, मगर अप्रत्याशित नहीं है। कांग्रेस पार्टी इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी। राहुल गांधी सत्य की राह के निडर यात्री हैं और वो भाजपा के झूठ का पर्दाफाश करते रहेंगे। इस तरह के पर्दाफाश से मोदी सरकार बौखलाई रहती है। मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह हो रहा है। कांग्रेस पार्टी को विश्वास है कि अंत में न्यायपालिका सत्य का ही साथ देगी। अहंकारी सत्ता को अंत में एक कड़ा जवाब मिलेगा। 

    हाईकोर्ट के फैसले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि श्री राहुल गांधी ने हमेशा सच की लड़ाई लड़ी है, और आगे भी लड़ते रहेंगे। सच यह है कि ललित मोदी, नीरव मोदी, मेहुल “भाई“, विजय माल्या, जतिन मेहता जैसे भगोड़े, मोदी सरकार के निगरानी में जनता के पैसे लेकर, संदिग्ध रूप से विदेश पहुंच गए। भाजपा ने उनको तो आज़ाद कर दिया, पर झूठ की चालें चल, एक राजनैतिक साज़िश के तहत, राहुल गांधी को कठघरे में खड़ा कर, संसद से निलंबित करा दिया। भाजपा के राज में पहले भ्रष्टाचारी बाहर भागते हैं, और दूसरी तरफ़ मोदी जी की पार्टी भ्रष्टाचार के आरोपित लोगों को भाजपा के “स्वच्छ भारत अभियान“ के तहत वॉशिंग मशीन में धोकर, सत्ता हथियाने का खेल खेलती हैं। देश अब मोदी जी की भ्रष्टाचार पर दोहरी नीति बड़ी गहराई से जान चुका है। कांग्रेस का कोई भी नेता, हमारा कोई भी कार्यकर्ता, इस राजनैतिक साज़िश से नहीं डरता। कांग्रेस राजनैतिक लड़ाई और क़ानूनी लड़ाई, दोनों लड़ेगी।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि श्री राहुल गांधी जी इस अहंकारी सत्ता के सामने सत्य और जनता के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। अहंकारी सत्ता चाहती है कि जनता के हितों के सवाल न उठें। जनता के हितों से जुड़े सवालों से भटकाने के लिए साम, दाम, दंड, भेद, छल, कपटः सब अपना रही है। लेकिन, सत्य, सत्याग्रह, जनता की ताकत के सामने न तो सत्ता का अहंकार ज्यादा दिन टिकेगा और न ही सच्चाई पर झूठ का परदा। राहुल गांधी जी ने इस अहंकारी सत्ता के सामने जनता के हितों से जुड़े सवालों की ज्योति जलाकर रखी है। इसके लिए वे हर कीमत चुकाने को तैयार हैं और तमाम हमलों व अहंकारी भाजपा सरकार के हथकंडों के बावजूद एक सच्चे देशप्रेमी की तरह जनता से जुड़े सवालों को उठाने से पीछे नहीं हटे हैं। जनता का दर्द बांटने के कर्तव्य पथ पर डटे हुए हैं। सत्य की जीत होगी। जनता की आवाज जीतेगी।