Category: राजनीति

  • कांग्रेस की गैंगवार में गरीब मजदूर हो रहे हिंसा के शिकार – विजय शर्मा

    कांग्रेस की गैंगवार में गरीब मजदूर हो रहे हिंसा के शिकार – विजय शर्मा

    किसानों की जमीन कब्जा रहा कांग्रेस का सिंडिकेट

    अपनी कलह की खीज छत्तीसगढ़ के गरीब मजदूरों पर उतारे कांग्रेस।

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भाजपा प्रदेश महामंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की गैंगवार का खामियाजा गरीब मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है। संगठन की लड़ाई का असर सड़क पर सामने आ रहा है। पद से हटाए जाने पर कांग्रेस नेता रवि घोष, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्वाचन क्षेत्र कोंडागांव में गुंडागर्दी पर उतर आए।

    प्रदेश भाजपा महामंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किसानों की जमीन कब्जाने के एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि भूपेश बघेल की सरकार छत्तीसगढ़ में संगठित गिरोह की तरह काम कर रही है। सारे घोटालों में इस सरकार ने संगठित गिरोह की तरह काम किया है। कार्यकर्ताओं को भी लूट की छूट दे रखी है। कांग्रेस के कार्यकर्ता किसानों की जमीन हड़पने में लगे हुए हैं। यह स्थिति बिलासपुर से लेकर पूरे छत्तीसगढ़ में बनी हुई है।

    प्रदेश भाजपा महामंत्री विजय शर्मा ने कहा कि एक तरफ कांग्रेसी छत्तीसगढ़ को लूटने में लगे हैं तो दूसरी तरफ स्थिति यह है कि कांग्रेस की आंतरिक लड़ाई में गरीब मजदूर पिट रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा के बीच कांग्रेस के पदाधिकारियों के प्रभार को लेकर जो उठापटक चली, उसका असर यह है कि पद से हटाए जाने से बौखलाए रवि घोष ने एक गरीब मजदूर को चप्पलों से पीट दिया। जिसकी शिकायत लेकर वह कोंडागांव पुलिस अधीक्षक के दफ्तर पहुंचा। कांग्रेस के चंदे उनके अवैध धंधे और धमकियों से त्रस्त हो चुकी है छत्तीसगढ़ की जनता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग आपस में जितना चाहे लड़ लें। वे अपने प्रदेश मुख्यालय में अपने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का पहले की तरह प्रदर्शन कर लें लेकिन उन्हें कोई अधिकार नहीं है कि वह अपनी कलह की खीज छत्तीसगढ़ के गरीब मजदूरों पर उतारें। कांग्रेस की महाभारत कांग्रेस के विनाश की ओर बढ़ चुकी है। किसानों की जमीन हड़पने से लेकर रेत, कोयला, शराब, अन्न घोटाले इनके पतन का कारण बन रहे हैं। गरीबों का प्रधानमंत्री आवास छीनना इनके ताबूत की आखिरी कील बन गया है और अब विदाई के वक्त कांग्रेस जो तांडव मचा रही है, उससे त्रस्त जनता इन्हें उखाड़ फेंकने के लिए चुनाव का इंतजार कर रही है। 6 माह बाद छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की गाजर घास उखड़ जाएगी।

  • आपातकाल में लोकतंत्र की हत्या व तानाशाही ही कांग्रेस का असली चरित्र : सच्चिदानंद उपासने

    आपातकाल संघर्ष के सेनानी अब घर-घर जाकर भूपेश सरकार की उखाड़ फेकने अलख जगायेंगे।

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    वरिष्ठ भाजपा नेता और लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा अपनी सत्ता बचाने के लिये न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर त्यागपत्र न देकर देश में आपातकाल लगा हजारों विपक्षी नेताओं को रातों-रात  21 माह तक के लिए जेल की सीखचों में डालना, समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लगा उनकी स्वतंत्रता छिन लोकतंत्र की हत्या कांग्रेस की तानाशाही का जीवन्त प्रमाण है। उपासने ने कहा कि यह कांग्रेस के इतिहास व देश के लोकतंत्र पर काला धब्बा व काला इतिहास है। कांग्रेस की हथधर्मिता का चरम यह है कि उसने आज तक अपने इस कृत्य के लिए देश से माफी नहीं मांगी। उपासने ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आज भी कांग्रेस के तानाशाही, लोकतंत्र की हत्या व न्यायालय के आदेश को न मानने की हठधर्मिता की राजनीति कर रही है, यही कारण है कि आपातकाल में जिन राष्ट्र भक्तों को कांग्रेस की राज्य सरकार ने 21माह तक बिना किसी वैधानिक आदेश के जेल की सीखचों में डाल उनके परिवारों को नेस्तनाबूत कर दिया उन्हें भाजपा रमन सरकार ने सम्माननिधि दे सम्मानित किया जिसे भूपेश सरकार ने सत्ता में आते ही दुर्भावनापूर्ण व वंशवाद को खुश करने बंद कर दिया, शासन के इस आदेश को सेनानियों ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी जिस पर सिंगल व डबल बेंचों ने सरकार के आदेश को निरस्त कर तत्काल सम्माननिधि देने के आदेश सरकार को दिये पर आदेश का पालन न कर अपनी दुर्भावना के चलते सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर पेशियां ले लेकर सेनानियों को अपने लोकतान्त्रिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा। उपासने ने कहा प्रदेश के सेनानियों ने संकल्प लिया है कि जैसे इंदिरा की सरकार को उन्होंने सत्ता से हटाया वैसे ही अब भूपेश सरकार को भी हटाने सेनानी घर घर जा आपातकाल की ज्यादतियों को बता सरकार को उखाड़ फेकेंगे।

  • कांग्रेस में चल रही गैंगवार से जनता के हित प्रभावित, कांग्रेस अध्यक्ष की ही नियुक्ति को भूपेश सिंडिकेट खतरे में डाल रहा है : अरुण साव

    कांग्रेस में चल रही गैंगवार से जनता के हित प्रभावित, कांग्रेस अध्यक्ष की ही नियुक्ति को भूपेश सिंडिकेट खतरे में डाल रहा है : अरुण साव

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने कांग्रेस संगठन में चल रही खींचतान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि कांग्रेस की गैंगवार के कारण छत्तीसगढ़ की जनता के हित प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेसियों को आपस में लड़ने से फुर्सत नहीं है। यह गृह युद्ध कांग्रेस की सरकार बनने के फौरन बाद से शुरू हुआ है जो साढ़े 4 साल से बदस्तूर जारी है और इस युद्ध की पूर्णाहुति इस चुनाव में होने वाली है।

    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई का आलम यह है कि प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष को संगठन चलाने की इजाजत नहीं है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सत्ता के साथ-साथ संगठन पर भी तानाशाही चला रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष अपने संगठन में कोई जिम्मेदारी तय करते हैं तो उसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश प्रभारी से निरस्त करवा देते हैं। कांग्रेस में यह सब चल क्या रहा है। यह सत्ताधारी संगठन है या हस्तिनापुर? कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व छत्तीसगढ़ से होने वाली भ्रष्टाचार की काली कमाई की चकाचौंध से धृतराष्ट्र की भूमिका में दिखाई देता है और यहां कांग्रेस के दुर्योधन छत्तीसगढ़ में जनता के हितों की उपेक्षा करके, शोषण की राजनीति करके, बड़े बड़े घोटाले करके  साढ़े 4 साल का वक्त गुजार चुके हैं। अब चला चली की बेला में कांग्रेस के भीतर जो महासंग्राम चल रहा है, वह छत्तीसगढ़ के हित में नहीं है।

    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम आदिवासी समाज से हैं, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी तानाशाही टीम या यह कहें कि भूपेश बघेल का सिंडिकेट मरकाम को बंधक बनाए हुए है। उन्हें संगठन चलाने की अनुमति नहीं है। जब से मोहन मरकाम ने कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यभार संभाला है, तब से आए दिन उनका अपमान होता रहा है। मोहन मरकाम के साथ अपमानजनक व्यवहार आदिवासी समाज का अपमान है। कांग्रेस में आदिवासी समाज से होना मरकाम के लिए गुनाह बन गया है।

  • भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री दोनों थे डॉक्टर फिर भी स्वास्थ्य के मामले में पिछड़ा हुआ था प्रदेश, रमन सरकार में 170 करोड़ रुपए का मच्छरदानी घोटाला हुआ था – धनंजय सिंह ठाकुर

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भाजपा विधायक एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कृष्णमूर्ति बांधी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान मुख्यमंत्री रमन सिंह और स्वास्थ्य मंत्री कृष्णमूर्ति बांधी पेशे से डॉक्टर थे, उसके बावजूद प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था लचर थी। हॉस्पिटल के नाम से सिर्फ बिल्डिंग थी अस्पताल में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, दवाइयां, मेडिकल, उपकरण कुछ भी नहीं था। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य के मामले में देश में 21 राज्य से पीछे था। आंखफोड़वा कांड, नसबंदी कांड, गर्भाशय कांड, स्मार्ट कार्ड घोटाला, नकली दवाईयों से मौत होती थी। अस्पताल में बैड नहीं थे लोगों को सर्दी, खांसी, बुखार जैसे सामान्य बिमारी की भी दवाई नहीं मिलती थी, गंभीर बिमारी की ईलाज दूर की बात। मनमोहन सरकार ने आदिवासियों के लिए 170 करोड़ रुपए मच्छरदानी खरीदने भेजे थे उसमें भी रमन सरकार ने घोटाला किया था जिसकी सीबीआई जांच हुई है और दो सप्लायर ऊपर कार्यवाही की गई है रमन सिंह और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री को मोदी सरकार ने बचाया?

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार बनने के बाद प्रदेश में 2674 चिकित्सा अधिकारी 480 विशेषज्ञ चिकित्सक 23 चिकित्सा विशेषज्ञ 44 दंत चिकित्सा अधिकारी की भर्ती की गई है। 85 विशेषज्ञ चिकित्सक 265 चिकित्सा अधिकारी 1640 स्टाफ नर्स 716 एएनएम 122 लैब टेक्नीशियन 2649 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी 1420 अन्य पदों पर नियुक्तियां की गई। 1798 हाट बाजारों में 429 डेडीकेटेड वाहनों और चिकित्सकों का दल ने चलित मेडिकल यूनिट के माध्यम से प्रदेश के 1 करोड़ 91 लाख लोग को निःशुल्क स्वास्थ सुविधा का लाभ मिला।जिला अस्पताल रायपुर दुर्ग बालोद बलौदा बाजार कांकेर कोंडागांव बस्तर सुकमा बीजापुर बलरामपुर एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर पाटन और पलारी में हमर लैब शुरू हुई। जिला चिकित्सालयो में हमर लैब के माध्यम से 120 प्रकार के और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 50 प्रकार की जांच होती है। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान से मलेरिया मुक्त बस्तर हुई। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक, मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, हमर लैब, धनवंतरी मेडिकल स्टोर्स, खूबचंद बघेल, स्वास्थ्य योजना सहित अनेक योजना जनता को घर के सामने स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार की मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओ  के लिए प्रदेश के 61 अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। इसमें 10 जिला अस्पताल, सात समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 26 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 13 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पांच उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल है एवं भारत सरकार द्वारा उच्च स्तरीय प्रसव सुविधा के लिए पांच जिला अस्पताल दुर्ग, नारायणपुर, कोंडागांव, जगदलपुर एवं कबीरधाम को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। बीते 4 वर्षों में 22 अंकों की गिरावट आई 2016 से 2018 के बीच 159 एमएमआर वाले छत्तीसगढ़ का एमएमआर अब घटकर 137 पर पहुंच गया है प्रदेश में मातृत्व मृत्यु दर का अब तक का यह सबसे न्यूनतम आंकड़ा है।

  • 42 दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने वाली भाजपा किस मुंह विपक्षी दलों के गठबंधन पर सवाल उठा रही है?, 29 दलों के सहयोग से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने बाद में उन्हीं दलों को खंडित किया भाजपा ने – सुशील आनंद शुक्ला

    42 दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने वाली भाजपा किस मुंह विपक्षी दलों के गठबंधन पर सवाल उठा रही है?, 29 दलों के सहयोग से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने बाद में उन्हीं दलों को खंडित किया भाजपा ने – सुशील आनंद शुक्ला

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 42 दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने वाली भाजपा किस मुंह से विपक्षी दलों के गठबंधन पर सवाल उठा रही है। 2014 के चुनाव में 29 दलों के बैसाखी के सहारे नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और भाजपा ने अपने घटक दलों को ही खंडित करने काम किया जिसके चलते 17 दलों ने भाजपा से किनारा कर लिया 2019 में 21 दलों के साथ मिलकर भाजपा पुनः चुनाव लड़ी और उन्हीं दलों को धोखा देने का काम भाजपा की सरकार ने किया है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 1998 से लेकर 2022 तक 29 पार्टियों ने भाजपा के गठबंधन से खुद को बाहर कर लिया क्योंकि जिस एजेंडा के साथ पार्टियों ने समझौता किया था उसके विपरीत काम भाजपा की सरकार ने किया है। देश में बढ़ती महंगाई बेरोजगारी, गिरती अर्थव्यवस्था से नाराज हुये, देश की संपत्ति की बिक्री किया जा रहा किसान के खिलाफ षड्यंत्र किया जा रहा है। नौजवानों को रोजगार के नाम से धोखा दिया जा रहा है जिसके कारण भाजपा के गठबंधन के सहयोगियों ने भाजपा को छोड़कर जनता की आवाज बनना पसंद किया।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस के समान विचारधारा के लोग आज देश को बचाने के लिए एकजुट हो रहे हैं इससे भाजपा डरी हुई है। 9 साल में मोदी सरकार देश के सामने अपनी उपलब्धि नहीं रख पाई अब देश की आवाज कांग्रेस के साथ अन्य दल बन रहे तब भाजपा गठबंधन पर सवाल उठा रही है। वह भाजपा जो खुद बैसाखी के सहारे जन्म जन्मांतर से चलते आ रही है। भाजपा की बौखलाहट से स्पष्ट हो गया है कि 202 23 में राज्यों से और 2024 में केंद्र से भाजपा की विदाई तय है। देश की जनता अब सच्चे दिन देने वाली कांग्रेस पर भरोसा कर रही है और भाजपा खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे की तरह बयान बाजी कर अपनी पीड़ा को बता रही है।

  • तत्कालीन रमन सरकार के रिश्वतखोर मंत्रियों की संपत्ति कुर्क कर इंदिरा प्रियदर्शनी बैंक घोटाले की भरपाई किया जाये, बैंक मैनेजर ने साफ-साफ कहा है रमन सिंह बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, अमर अग्रवाल सहित तत्कलीन मंत्रियों को पैसा दिये थे भाजपा मौन क्यों हैं? – मोहन मरकाम

    तत्कालीन रमन सरकार के रिश्वतखोर मंत्रियों की संपत्ति कुर्क कर इंदिरा प्रियदर्शनी बैंक घोटाले की भरपाई किया जाये, बैंक मैनेजर ने साफ-साफ कहा है रमन सिंह बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, अमर अग्रवाल सहित तत्कलीन मंत्रियों को पैसा दिये थे भाजपा मौन क्यों हैं? – मोहन मरकाम

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि तत्कालीन रमन सरकार के रिश्वतखोर मंत्रियों की संपत्ति कुर्क कर इंदिरा प्रियदर्शिनी बैंक घोटाले की भरपाई किया जाये।बैंक घोटाले में डूबे खाताधारकों के पैसे को लौटाया जाये।बैंक के मैनेजर के नारकोटेस्ट से स्पष्ट हो गया है की तत्कालीन भाजपा सरकार के मुखिया डॉ रमन सिंह बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, अमर अग्रवाल, रामविचार नेताम सहित तत्कालीन मंत्रियों को करोड़ों रुपए की रिश्वत दी गई थी ताकि इस घोटाले की जांच को प्रभावित किया जा सके और घोटाले बाजों को बचाया जा सके।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि 15 साल के रमन भाजपा शासनकाल के दौरान प्रदेश की जनता को लूटने के लिए तत्कालीन सरकार एवं भाजपा नेताओं के संरक्षण में लूटेरे फल फूल रहे थे। बैंक घोटाला हो या चिटफंड घोटाला लुटेरों की लूट में भाजपा नेताओं की भी भूमिका रही हैं चिटफंड कार्यालय का शुभारंभ से लेकर प्रचार प्रसार तक भाजपा नेताओं और रमन सरकार के मंत्रियों के मौजूदगी में होता था रमन सरकार चिटफंड कंपनियों में नौकरी देने की लालसा देकर प्रदेश के भोले-भाले युवाओं को फंसाते थे रोजगार मेला लगाकर चिटफंड कंपनियों को मदद करते थे ठीक उसी तरह बी इंदिरा प्रियदर्शनी बैंक के घोटाला बाजो को बचाने के लिए रमन सरकार उनके मंत्रियों ने करोड़ों रुपए की रिश्वत ली और बैंक खाताधारकों के साथ धोखा किया और जांच को प्रभावित किया था।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मैनेजर उमेश सिन्हा के नार्को टेस्ट में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह सहित मंत्रियों के द्वारा पैसा लिये जाने की जानकारी पुलिस को शुरू से थी यह और इसीलिये नार्को टेस्ट की सीडी अदालत में प्रस्तुत नही की गयी जबकि नार्को टेस्ट अदालत के ही आदेश से करवाया गया था। अदालत ने प्रकरण क्रमांक 614/07 की पेशी दिनांक 4/6/2007 को माननीय मुख्य न्या.मजि.रायपुर के आदेश दिनांक 25/01/2007 के अनुसार ही उमेश सिन्हा का नार्को टेस्ट बैंगलोर में कराया गया। नार्को टेस्ट की रिपोर्ट पर छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा सरकार के मुखिया और इतने प्रभावशाली मंत्रियों के विषय में स्वतंत्र और निष्पक्ष विवेचना संभव ही नहीं है। नार्को टेस्ट की रिपोर्ट में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, रामविचार नेताम, अमर अग्रवाल के पैसे लेने की जानकारी मिली। ऐसी स्थिति में राज्य पुलिस द्वारा राज्य सरकार के तत्कालीन मुखिया डॉ. रमन सिंह और उनके प्रभावशाली मंत्रियों बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, रामविचार नेताम, अमर अग्रवाल के खिलाफ जांच की ही नहीं गयी है।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा नेताओं का चरित्र ही है लूट खसोट करना और अपना जेब भरना 15 साल में प्रदेश के हर वर्ग को लूटने का काम रमन भाजपा के सरकार ने किया था सरकारी योजनाओं में घोटाला करना और गरीब जनता को लूटने के लिए चिटफंड और इंदिरा प्रियदर्शिनी बैंक जैसे घोटाला करने वालो को मदद करना इनका मूल काम था।

  • झूठ की हान्डी बार-बार नहीं चढ़ती, अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में आकर एक बार फिर से झूठ परोसा – सुरेन्द्र शर्मा

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भिलाई का भाषण हमे भारतीय जनता पार्टी के पंरपरा के अनुरूप एक व्यर्थ प्रलाप के आलावा कुछ भी नहीं था। भारतीय जनता पार्टी के परंपरा के अनुसार झूठ बोलने में अपनी महारत को प्रदर्शित किया।

    अमित शाह ने झूठ बोला है केन्द्र की सरकार ने किसानों को 74000 करोड़ रूपया दिया है। मोदी सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों के लिये एक भी रूपया नहीं दिया है। सत्य तो ये है कि छत्तीसगढ़ के किसानों को केन्द्र सरकार द्वारा मिलने वाली सम्मान निधी जो की 6000 रू. प्रति कृषक है वह भी तीन किस्तो में मिलता है और तरह-तरह के बहाने से किसानों का नाम विलोपित करने का काम किया जाता है।

    छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि केन्द्र की सरकार कितनी संवेदन शील किसानों के प्रति उनके द्वारा तीन काले कानून है जिसे किसानों के भंयकर विरूद्ध के कारण केन्द्र सरकार को वापस लेना पड़ा। बेहयायी की हद तो तब हो गयी जब किसानों को खालिस्तानी पाकिस्तानी आंदोलन जिवी जैसे अपमान जनक शब्दो सें संबोधित किया। सड़को पर किले बिछाई गयी और हर संभव किसानों का मनोबल तोड़ने का प्रयास किया गया।

    छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि यह भी झूठ है कि केन्द्र सरकार धान खरीदी करती है। वास्तविकता ये है धान खरीदी का काम छत्तीसगढ़ की सरकार मार्कफेड के माध्यम से करती है। बारदाना खरीदी से लेकर तोलाई परिवहन और कस्टम मिलिंग तक का काम राज्य सरकार करती है और जब चावल एफसीआई में जमा किया जाता है उसके उपरांत केन्द्र सरकार चावल की राशि राज्य सरकार को उपलब्ध कराती है। इस प्रक्रिया में बैंको का ब्याज और धान में होने वाली क्षति को छत्तीसगढ़ की सरकार वहन करती है।

    छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि यह भी झूठ है कि छत्तीसगढ़ की सरकार ने किसानों को 14 करोड़ रू. दिया है। भूपेश सरकार ने किसानों को 1.50 लाख करोड़ रू. दिया है। जबकि पिछले पांच सीजन की खरीदी में 25000 करोड़ रू. राजीव गांधी किसान न्याय योजना एवं 2018 के सीधी खरीदी को मिलाकर राज्य सरकार ने किसानों के खाते में भुगतान किया। इसके आलावा लगभग 95000 करोड़ रू. धान खरीदी का किसानों को उनके खाते में भुगतान किया गया। इस तरह से छत्तीसगढ़ सरकार ने माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के नेतृत्व में पिछले पांच सीजन में 1 लाख 50 हजार करोड़ का भुगतान सीधा-सीधा किसानों को किया है जो कि केन्द्र सरकार के तथा-कथित 74000 करोड़ से कही ज्यादा है।

    छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि केन्द्र की सरकार ने नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद डीजल के दाम, खाद के दाम और कीटनाशक दवाईयो के दाम में निरंतर वृद्धि की है जिसके परिणाम स्वरूप कृषि की लागत कई गुना बढ़ चुकी है। जबकि केन्द्र की सरकार ने समर्थन मूल्य ऊट के मुंह में जीरा की तरह बढ़ाया है। केन्द्र की मोदी सरकार किसान विरोधी है, कृषि विरोधी है और चंद उद्योगपतियों के हितो के लिये किसानों के हितो को बलि चढ़ा रही है।

    काठ की हान्डी चुल्हे में एक बार चढ़ती है बार-बार नहीं। छत्तीसगढ़ के किसान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के किसान हितैषी चेहरे से अच्छी तरह वाकिफ हैं और केन्द्र के चंद उद्योगपतियों के तरफदार सरकार से अच्छी तरह परिचित है। अच्छा हो छत्तीसगढ़ में आके किसानों के सामने भारतीय जनता पार्टी के लोग झूठ न बोले।

  • दुष्कर्मी अफसर को शासकीय संरक्षण मिलना शर्मनाक : देवलाल ठाकुर

    दुष्कर्मी अफसर को शासकीय संरक्षण मिलना शर्मनाक : देवलाल ठाकुर

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश सरकार की नाक के नीचे उद्योग विभाग के एक अधिकारी अपनी मातहत महिला आधिकारी के साथ छेड़खानी करके राजनीतिक संरक्षण हासिल कर रहे हैं, यह बेहद शर्मनाक स्थिति है। श्री ठाकुर ने कहा कि जबसे प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है, आला अफसर, कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों, नेता-पदाधिकारियों और उनके परिजनों परिचितों द्वारा महिलाओं के साथ बदसलूकी, छेड़खानी, दुष्कर्म, मारपीट जैसी वारदातों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। महिला उत्पीड़न की ये वारदातें  प्रदेश सरकार के महिला विरोधी चरित्र को बेनकाब कर रही हैं।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि घरेलू से लेकर कामकाजी, अधिकारी से लेकर आम महिलाएं और मासूम बच्चियों से लेकर वृद्ध महिलाएँ तक प्रदेश के किसी भी इलाके में सुरक्षित नहीं है। कार्यस्थल पर प्रताड़ना, राजनीतिक क्षेत्र में बाहुबलियों की गुंडागर्दी, यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म जैसे मामलों में इजाफा होना प्रदेश सरकार के उन दावों की धज्जियाँ उड़ाने के लिए पर्याप्त है, जिनमें प्रदेश की कांग्रेस सरकार महिला सुरक्षा और विकास के समान अवसरों की डींगें हाँककर रायता फैलाती रहती है। श्री ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के हर इलाके में महिलाओं का आत्मसम्मान इतना लहूलुहान हो रहा है कि अब वे या तो पलायन के लिए मजबूर हो रही हैं या फिर आत्महत्या करने की मन:स्थिति में आने को विवश हो रही हैं। ऐसे भयंकर हालात में भी प्रदेश सरकार बेहतर शासन के दावे करने में जरा भी लज्जा अनुभव नहीं कर रही है।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि महिलाओं, युवतियों और किशोरियों के साथ हो रहे छेड़खानी, यौन उत्पीड़न के मामलों में कोई कार्रवाई नहीं होना इस बात का प्रमाण है कि अपराधियों व आरोपियों को प्रदेश सरकार और उसके जनप्रतिनिधियों का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। श्री  ठाकुर ने कहा कि राजधानी में उद्योग विभाग की महिला अधिकारी ने अपने अधिकारी पर शराब के नशे में छेड़खानी की एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन एक माह से उस आरोपी अधिकारी के खिलाफ केवल इसलिए कार्रवाई नहीं हो रही है, क्योंकि कांग्रेस के एक विधायक के कहने पर उद्योग मंत्री ने उक्त आरोपित अधिकारी की फाइल अपने पास रोक रखी है। हताश-निराश पीड़िता महिला अधिकारी अब आत्महत्या कर लेने की बात कहने के लिए विवश हो गई है। श्री ठाकुर ने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार व उत्पीड़न की अब हदें पार हो गई हैं और शासन-प्रशासन की संवेदनाएँ मर चुकी है। ऐसी सरकार को तो, जो मातृशक्ति के आत्मसम्मान की रक्षा तक नहीं कर सकती, एक पल भी सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं रह जाता है।

  • प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल : पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी

    प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल : पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। डॉ. बांधी ने कहा कि पर्याप्त व्यवस्थाओं के अभाव में एक ओर मलेरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर डायरिया के मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। मलेरिया से मुकाबले के लिए प्रदेश सरकार मच्छरदानी मुहैया नहीं करा पा रही है, तो डायरिया के मरीजों के लिए पर्याप्त बेड व दवाएँ तक उपलब्ध नहीं हैं।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री डॉ. बांधी ने कहा कि दुर्ग संभाग के बालोद जिले को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए एक ओर जहां अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर 50 हजार मच्छरदानी की डिमांड अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इस जिले में अब भी 36 गाँव संवेदनशील हैं और वहाँ संक्रमण दर न्यूनतम 2 से 10 प्रतिशत है। इनमें भी 16 गाँव ऐसे हैं जो लगातार दूसरे साल संवेदनशील मिले हैं। डॉ. बांधी ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के जो ढोल प्रदेशभर में पीट रही है, उसकी पोल खुलती जा रही है। यह स्थिति तब है, जब पिछले वर्षों में डीडीटी छिड़काव और मच्छरदानी बाँटने के लिए सात करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं और अभी 50 हजार मच्छरदानियों की डिमांड पूरी नहीं की गई है। डॉ. बांधी ने कहा कि अब जबकि बारिश का मौसम दस्तक दे रहा है, तब मच्छरों के प्रकोप से मलेरिया के फैलाव की आशंका बढ़ रही है, लेकिन प्रदेश सरकार उदासीनता दिखाकर जनस्वास्थ्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी से मुँह चुरा रही है। डॉ. बांधी ने बस्तर के बीजापुर जिले के फरसेगढ़ में डायरिया के बढ़ते प्रकोप की चर्चा कर कहा कि मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त स्थान की व्यवस्था नहीं होने के कारण बालक आश्रम में मरीजों को शिफ्ट किया गया है, जहाँ मरीजों के लिए पर्याप्त बेड और पर्याप्त व समुचित दवाएँ तक मुहैया नहीं हो पाई हैं और मरीजों को केवल ड्रिप और सामान्य दवाएँ देकर डायरिया का इलाज किया जा रहा है।

  • किसानों के साथ अन्याय कर रही कांग्रेस सरकार : धरमलाल कौशिक

    किसानों के साथ अन्याय कर रही कांग्रेस सरकार : धरमलाल कौशिक

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने शिवनाथ नदी पर प्रस्तावित दगौरी एनीकट के पिछले तीन साल से अटके पड़े रहने पर प्रदेश सरकार और सिंचाई विभाग पर किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। श्री कौशिक ने कहा कि बिलासपुर जिले के सिंचाई अफसरों की लापरवाही के चलते सिंचाई की एक ऐसी योजना ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है, जिससे किसानों के हजारों एकड़ खेतों तक पानी पहुंचने वाला है। अपने लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई नहीं करके प्रदेश सरकार किसानों के साथ छलावा कर रही है।

    पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा कि शिवनाथ नदी पर प्रस्तावित दगौरी एनीकट बिलासपुर का हिस्सा है, जबकि सरकारी बुकलेट में इसे मुंगेली का बताया गया है। इसके चलते लगभग 7.32 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट पर तीन साल कोई काम शुरु नहीं हुआ है। श्री कौशिक ने इस सिंचाई योजना का क्षेत्र के किसानों को कोई लाभ नहीं मिलने के लिए प्रदेश सरकार को दोषी ठहराया है। श्री कौशिक ने कहा कि सन् 2020-21 के अंतर्गत विभागीय बजट पुस्तिका में यह क्षेत्र मुंगेली जिला में बताया गया है जबकि यह एनीकट बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक में आता है जो खारंग जल संसाधन कार्यपालन अभियंता बिलासपुर संभाग के क्षेत्र में आता है। इसे ही बदलने की कोशिशों में तीन साल बीत गए हैं, लेकिन न तो इसमें सुधार हुआ है और न ही किसानों के खेतों तक पानी पहुंचा है। श्री कौशिक ने कहा कि इस योजना से 190 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा किसानों को मिलती। अब इस योजना की पहली किश्त की राशि भी लैप्स हो जाने की जानकारी है। श्री कौशिक ने कहा कि किसानों के नाम सियासी ड्रामेबाजी कर रही प्रदेश की कांग्रेस सरकार को किसानों के हित की कोई फिक्र नहीं है। किसानों के खेतों में पानी पहुंचाने के उसके दावों का जमीनी सच यही है कि पिछले तीन साल से क्षेत्र के हजारों किसान सिंचाई सुविधा के लिए परेशान हो रहे हैं और सरकार किसानों के नाम पर कोरी बयानबाजी में लगी हुई है।

    श्री कौशिक ने कहा मंगला एनीकट से पानी लाने के लिए भी प्रधानमंत्री सूक्ष्म  सिंचाई योजना के अंतर्गत बजट में प्रावधान किया जा चुका है परंतु  राज्य की कांग्रेस सरकार प्रशासकीय स्वीकृति नहीं दे रही है जिससे किसान काफी परेशान हैं।