पेंशनरों को महंगाई राहत : छत्तीसगढ़ सरकार के निर्णय पर अमल के लिए मध्यप्रदेश की सहमति का इंतज़ार

छत्तीसगढ़ ने मध्यप्रदेश शासन को लिखा है पत्र, मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के अंतर्गत दोनों राज्यों की सहमति जरूरी

समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को महंगाई राहत के लिए मध्यप्रदेश की सहमति का इंतज़ार है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ के सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों को महंगाई राहत में 04 प्रतिशत की बढ़ोतरी के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार घोषणा पर शीघ्र अमल के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने मध्यप्रदेश शासन को सहमति के लिए पत्र लिखा है।

वर्तमान में मध्यप्रदेश शासन की सहमति के आधार पर राज्य के सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों को देय पेंशन पर 01 जुलाई 2023 से 38 प्रतिशत के मान से महंगाई राहत का भुगतान किया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा 01 जुलाई 2023 से 42 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए वित्त विभाग ने 02.08.2023 को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश शासन से मध्यप्रदेश पुनर्गठन विधेयक 2000 की धारा 49 के अंतर्गत सहमति चाही है। छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश राज्य के मध्य पेंशनरी दायित्वों के विभाजन के लिए राज्य निर्माण के समय से ही मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 के प्रावधानों के अंतर्गत दोनों राज्यों के मध्य पेंशन राहत के भुगतान के लिए सहमति प्राप्त करना आवश्यक है।

Related posts