बंदरचुवां श्रीवास परिवार की बेटी की कुसमी दहेजवार में दो बच्चों सहित हुई जधन्य हत्या, परिजन व समाज ने पुलिस प्रशासन पर विवेचना एवं कार्यवाही में लापरवाही का आरोप लगाकर की उच्च स्तरीय जांच की मांग

कुनकुरी-जशपुर/ बलरामपुर के दहेजवार में मिले नरकंकाल की पहचान के बाद मृतका कौशल्या ठाकुर के परिजनों ने अपनी मृत पुत्री कौशल्या ठाकुर व मृतका की पुत्री मुस्कान ठाकुर, पुत्र मिंटू ठाकुर के शवों के अवशेष का अंतिम संस्कार करने जशपुर जिले के ग्राम बंदरचुवां लेकर आये। ग्राम बंदरचुवां के समीप ईंब नदी के तट पर तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के अवसर पर जशपुर जिले के नाई समाज के पदाधिकारी व सदस्यगण सम्मिलित हुए। घटना को लेकर परिवार और नाई समाज ने बलरामपुर पुलिस पर मामले की विवेचना एवं कार्यवाही में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाने के साथ इस हत्याकाण्ड की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

बता दे की बलरामपुर जिले के दहेजवार में तीन नर कंकाल बरामद किया गया था। परिजनों ने घटनास्थल पर मिले कपड़ों के आधार पर शिनाख्ती की थी। सितंबर माह में मां, बेटे और बेटी लापता हुए थे ये उन्हीं के कपड़े हैं। मृतकों के नाम कुसमी के वार्ड क्रमांक 1 कुम्हारपारा निवासी श्रीमती कौशल्या ठाकुर (35), मुस्कान ठाकुर (17) और मिंटू ठाकुर (5) है। इसके बाद पुलिस ने कंकाल परिजनों को सौंप दिया और मामले की जांच में जुट गई है।

प्रकरण के बारे में मृतका कौशल्या ठाकुर के पति सूरजदेव ठाकुर ने बताया कि बीते सितम्बर माह में जितीया पर्व के दुसरे दिन पत्नि अपने दोनो बच्चो के साथ बाजार जाने के नाम पर बाहर गई थी जो फिर लौट कर नही आई। दो दिन बीत जाने के बाद उसके ससुराल से रिशतेदारों के आने के बाद उसके लपाता होने की शिकायत बलरामपुर थाने में दर्ज कराई गई थी। दो दिन पूर्व पुलिस द्वारा खेत में नरकंकाल मिलने से पहचान करने बुलाया गया जो नरकंकाल मेरे ही परिवार का होना पाया गया।

मृतका की बड़ी बहन श्रीमती संतोषी श्रीवास द्वारा बलरामपुर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया गया और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है। हत्या में शामिल लोगो को कानून फांसी की सजा सुनाये जिससे आने वाले समय में इस प्रकार के कृत्य करने से पहले अपराधी सोचे। मृतका के भांजे बिट्टू श्रीवास ने भी घटना की जानकारी दी और प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की है।

जशपुर जिला नाई समाज के अध्यक्ष उमाशंकर ठाकुर ने कहा की इस घटना से जिले का नाई समाज दुखी है और परिजनों द्वारा पुलिस प्रशासन द्वारा की गई लापरवाही पर कार्यवाही की मांग करता है। पुरे प्रकरण की गहन जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाये।

अर्जुन ठाकुर प्रदेश उपाध्यक्ष विधि प्रकोष्ठ नाई समाज द्वारा बलरामपुर पुलिस पर प्रकरण की कार्यवाही को लेकर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए परिजनों की शिकायत पर गुमशुदगी में एक नाबालिग के होने पर तत्काल एफआईआर दर्ज न करने का आरोप लगाया।

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