हत्या और चोरी के इरादे से घर में घुसे दो आरोपियों ने की थी बुजुर्गों की हत्या, आरोपियों में एक युवती भी शामिल.
सीसीटीवी फुटेज से मिली बड़ी लीड, अन्तर्राज्यीय ऑपरेशन में पकड़ाए हत्यारे.
गिरफ्तार आरोपी –
1. किशन शर्मा पिता स्वर्गीय राजेश शर्मा उम्र 25 वर्ष निवासी श्रवण गली चांदमारी थाना कोतवाली जिला रायगढ़,
2. अतुल डसेनना पिता का कार्तिकेश्वर डनसेना उम्र 23 साल इंदिरा नगर थाना कोतवाली,
3. दिव्या सारथी पिता स्वर्गीय बाबूलाल सारथी उम्र 20 साल निवासी धनगांव थाना पुसौर वर्तमान पता हीरापुर कोतरारोड़ थाना कोतवाली,
जप्ती – मोटरसाइकिल स्प्लेंडर प्लस, घटना के समय पहने हुए कपड़े, मास्क, ग्लव्स और 03 मोबाइल.
थाना कोतवाली में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 24/2025 धारा 103(1) बीएनएस का अपराध दर्ज कर शुरू की गई थी विवेचना, जाँच के उपरांत प्रकरण में धारा 238, 61(2),3(5) बीएनएस की गई विस्तारित.
रायगढ़. 21 जनवरी 2025 : कोतवाली पुलिस ने पुरानी हटरी पर हुए बुजुर्ग महिला और उसके बड़े भाई की हत्या की मिस्ट्री को सुलझाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल द्वारा गठित विशेष टीम ने हत्या को अंजाम देने वाले दो युवक और साक्ष्य छिपाने में उनका सहयोग करने वाली युवती को गिरफ्तार किया है।
बीते 12-13 जनवरी की दरमियानी रात कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुरानी हटरी निवासी सीताराम जयसवाल (उम्र 78 वर्ष) और उसकी बहन अन्नपूर्णा जायसवाल (उम्र 68 वर्ष) का शव उनके घर के में मिला था। मृतक सीताराम के ममेरे भाई अशोक जायसवाल की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 24/2025 धारा 103(1) बीएनएस का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल द्वारा एडिशनल एसपी आकाश मरकाम, नगर पुलिस अधीक्षक आकाश शुक्ला, डीएसपी साइबर सेल अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में चार अलग-अलग टीमें बनाई गई जिसमें निरीक्षक, उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई। पुलिस टीम के साथ, फॉरेंसिक टीम, साइबर सेल एवं पुलिस डॉग द्वारा घटना-स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर भौतिक साक्ष्य जप्त किया गया। पुलिस मामले की सभी पहलुओं पर विवेचना कर रही थी, एक टीम द्वारा घटना-स्थल एवं शहर के करीब 200 सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए घटना कारित करने वाले दो आरोपी किशन शर्मा और अतुल डनसेना की स्पष्ट पहचान की गई।
आरोपियों की धरपकड़ में तेज हुई पुलिस की गतिविधि को देखते हुए 18 दिसंबर को आरोपी किशन शर्मा अपनी मंगेतर दिव्या सारथी और आरोपी अतुल डनसेना के साथ गोंडवाना एक्सप्रेस से दिल्ली फरार हो गया था। पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीमावर्ती जिलों और आरपीएफ को आरोपियों के फोटोग्राफ्स साझा किया गया, जिससे झांसी आरपीएफ द्वारा आरोपियों को गोंडवाना एक्सप्रेस से नीचे उतारा गया। रायगढ़ पुलिस टीम द्वारा उन्हें बयान के लिए रायगढ़ बुलाया गया, सघन पूछताछ पर तीनों आरोपियों ने घटना की करना स्वीकार किया।

आरोपियों से मिली जानकारी अनुसार आरोपी किशन शर्मा को आशंका थी कि अशोक जायसवाल एक बड़ी रकम उसके ममेरे भाई सीताराम के घर हटरी पर छिपा कर रखा है। तब किशन ने परिवार के शगुन डेयरी में काम करने वाले अतुल डनसेना को हत्या कारित कर रूपए चोरी करने का प्लान बताया और घटना के तीन दिन पहले प्रेमिका दिव्या सारथी के किराया मकान हीरापुर में तीनों हत्या और चोरी का प्लान बनाएं और योजना के मुताबिक दोनों आरोपी ने मास्क और ग्लव्स खरीदे और एक लोहे का सब्बल को दिव्या के गृह ग्राम धनगांव (पुसौर) से लेकर आये और दिव्या के किराया मकान पर रखें। योजना के मुताबिक दोनों आरोपी 12 जनवरी की रात हीरापुर किराए मकान से मोटर साइकिल में सवार होकर पुरानी हटरी आए, मोटरसाइकिल को खड़ी कर मध्य रात्रि सीताराम के घर के पास पहुंचे, कोई हलचल नहीं होने पर अतुल डनसेना दीवाल फांदकर अंदर गया, दरवाजा खोला तब किशन दरवाजे से अंदर प्रवेश किया। अंदर 3-4 लोग जिसमें अशोक जायसवाल, सीताराम उसकी दोनों बहने मौजूद थे। तब दोनों आरोपी स्टोर रूम में छुप गए। अशोक और गीता के खाना खाकर जाने के बाद आरोपियों ने अन्नपूर्णा जायसवाल पर लोहे के सब्बल और ईट से वार किया। अन्नपूर्णा की चीख सुन कर सीताराम बाहर निकला, जिसे भी दोनों आरोपी सब्बल, ईंट से मारपीट कर हत्या किये फिर दोनों घर में रुपए तलाश किये, नहीं मिलने पर वापस बाहर आए और वापस दिव्या के घर पहुंचे और दिव्या को घटना बताएं। इसके बाद शहर में पुलिस की हलचल देखकर 18 जनवरी को तीनों पुलिस पकड़ से बचने ट्रेन से फरार हो गए थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से रेलवे स्टेशन पार्किंग में खड़ी हत्या में प्रयुक्त मोटर साइकिल स्प्लेंडर प्लस तथा घटना के समय पहने हुए कपड़ा, मास्क, ग्लव्स और 03 मोबाइल को जब्त किया गया है। प्रकरण में धारा 238, 61(2),3(5) बीएनएस विस्तार कर आरोपियों को रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज बिलासपुर डॉ. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के कुशल नेतृत्व में घटना का खुलासा करने वाली टीम में एडिशनल एसपी आकाश मरकाम, नगर पुलिस अधीक्षक श्री आकाश शुक्ला, डीएसपी साइबर सेल श्री अभिनव उपाध्याय, निरीक्षक राकेश मिश्रा, निरीक्षक मोहन भारद्वाज, निरीक्षक सुखनंदन पटेल, एसआई ऐनु देवागन, एसआई इगेश्वर यादव, एएसआई जयलाल जायसवाल, हेड कांस्टेबल सतीश पाठक, हेड कांस्टेबल बालचंद राव, हेड कांस्टेबल खीरेंद्र जलतारे, हेड कांस्टेबल राजेश पटेल, हेड कांस्टेबल दुर्गेश सिंह, हेड कांस्टेबल बृजलाल गुर्जर, हेड कांस्टेबल रेनू मंडावी, हेड कांस्टेबल दिलीप भानु, कांस्टेबल कमलेश यादव, कांस्टेबल मनोज पटनायक, कांस्टेबल उत्तम सारथी, कांस्टेबल संदीप मिश्रा, कांस्टेबल संदीप कौशिक, कांस्टेबल संजय केरकेट्टा, कांस्टेबल कोमल तिवारी, कांस्टेबल अभिषेक द्विवेदी, कांस्टेबल प्रदीप तिवारी, कांस्टेबल जगमोहन ओग्रे, कांस्टेबल धनुर्जय बेहरा, कांस्टेबल लखेश्वर पुरसेठ, कांस्टेबल शशिभूषण साहू, कांस्टेबल पुष्पेंद्र जाटवर, कांस्टेबल प्रताप बेहरा, कांस्टेबल रविन्द्र गुप्ता, कांस्टेबल सुरेश सिदार, कांस्टेबल प्रशांत पंडा, कांस्टेबल महेश पंडा, कांस्टेबल विक्रम सिंह, कांस्टेबल विकाश प्रधान, कांस्टेबल राहुल सिदार, कांस्टेबल नवीन शुक्ला, कांस्टेबल धनंजय कश्यप, महिला आरक्षक मेनका चौहान सम्मिलित थे। एसपी दिव्यांग पटेल ने गठित टीम के सदस्यों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
