गर्मी का कहर रोकने जशपुर प्रशासन हुआ सतर्क, कलेक्टर रोहित व्यास ने जारी किए दिशा-निर्देश, प्राथमिक उपचार और जलसंकट से निपटने के निर्देश जारी, गांव-गांव पहुंचेगा बचाव संदेश.

जशपुर. 25 अप्रैल 2025 : जशपुर जिले में भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं कि वे गांव स्तर पर लू-तापघात से सुरक्षा के लिए तैयारियां सुनिश्चित करें। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जन-जागरूकता कार्यक्रम, प्याऊ-घर की स्थापना, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और प्राथमिक उपचार के उपायों पर विशेष बल दिया गया है। 104 आरोग्य सेवा हेल्पलाइन के माध्यम से लोग निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श भी प्राप्त कर सकते हैं। यह तैयारी लू के लक्षणों को समझने और समय रहते उपचार के लिए बेहद जरूरी है। ग्रीष्म ऋतु वर्ष 2025 के मौसम को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा राज्य में लू-तापघात से आवश्यक तैयारी एवं बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किये गये है।

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जारी दिशा-निर्देशों अुनसार जिले के तहसील एवं ग्राम-पंचायत स्तर पर शिक्षकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, पंचायत सचिवों एवं कोटवारों के माध्यम से जन-समुदाय में जमीनी स्तर पर लू तापघात से बचाव के लिए आवश्यक तैयारी करने हेतु सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किए हैं, साथ ही उन्होंने लोगों को लू के लक्षण एवं बचाव के संबंध में जानकारी देते हुए बचाव हेतु की गई कार्यवाही से अवगत कराने के लिए भी कहा है। उन्होंने लू बचाव व उपाय के संबंध में जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करने, सार्वजनिक स्थलों की पहचान कर, गैर सरकारी संगठन एवं अन्य स्वयं समूहों के माध्यम से प्याउ-घर की व्यवस्थ्या कराने हेतु आवश्यक पहल करने के लिए भी कहा है।

सिर में भारीपन और दर्द होना, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक हो जाने के बाद भी पसीने का न आना, अधिक प्यास और पेशाब कम आना, भूख कम लगना, बेहोश होना इत्यादि लू के प्रमुख लक्षण हैं।

लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज मुख्यतया नमक की कमी हो जाना होता है। इससे बचाव के लिए कुछ प्रमुख बातों का ध्यान रखना चाहिए। लू से बचाव के लिए कोशिश करना चाहिए की यदि बहुत आवश्यक न हो तो घर से बाहर न निकले, धूप में निकलने से पहले सर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से बांध लें, पानी अधिक मात्रा में समय-समय पर पीते रहना चाहिए, अधिक समय तक धूप में रहने से बचना चाहिए, गर्मी के दौरान नरम मुलायम सूती कपड़े पहनने चाहिए ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहे। अधिक पसीना आने की स्थिति में ओ.आर.एस. घोल पीना चाहिए। चक्कर आने, उल्टी आने पर छायादार स्थान पर विश्राम करना चाहिए तथा शीतल पेय जल अथवा उपलब्ध हो तो फल का रस, लस्सी, मठा आदि का सेवन किया जाना चाहिए। प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द्र से निःशुल्क परामर्श भी लिया जा सकता है। उल्टी, सर दर्द, तेज बुखार की दशा में निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र से जरूरी सलाह लेना चाहिए।

Related posts