कुनकुरी, 29 अप्रैल 2025 : जशपुर जिले के कुनकुरी में स्थित मिशन द्वारा संचालित हॉलीक्रॉस अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है, जब एक महिला मरीज द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने के आरोपों ने जनचर्चा का विषय बना दिया। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों के आधार पर पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है। अधीक्षिका डॉ. दीपशिखा ने बयान जारी कर बताया कि आरोप न केवल भ्रामक हैं, बल्कि इससे मरीजों के बीच अनावश्यक डर और भ्रम की स्थिति भी पैदा हो रही है।
जानें क्या है मामला?
बनकोम्बो गांव की 42 वर्षीय चित्रलेखा यादव ने आरोप लगाया है कि 15 अप्रैल को हॉलीक्रॉस अस्पताल में यूरिन इन्फेक्शन के इलाज के दौरान लगाए गए एक इंजेक्शन के बाद उनका बायाँ पैर काम करना बंद कर गया। पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने अस्पताल में दोबारा संपर्क किया तो उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध दर्ज किया।
अस्पताल की स्थिति – चिकित्सा प्रक्रियाएं पूरी तरह मानकों के अनुरूप
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हॉलीक्रॉस अस्पताल की अधीक्षिका डॉ. दीपशिखा ने साफ कहा, “मरीज 15 अप्रैल को केवल ओपीडी में आई थीं। उन्हें भर्ती नहीं किया गया था, न ही उन्हें कोई अत्यधिक संवेदनशील औषधि दी गई। जो इंजेक्शन दिया गया, वह यूरिनरी इन्फेक्शन के लिए एक सामान्य एंटीबायोटिक था, जिसे हजारों मरीजों को नियमित रूप से दिया जाता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि “इंजेक्शन के बाद हल्का दर्द या जकड़न एक सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है, लेकिन इसे किसी तरह के स्थायी पक्षाघात से जोड़ना चिकित्सा विज्ञान की दृष्टि से पूरी तरह निराधार है।”
मरीज को दी गई सही सलाह – न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श एक सामान्य प्रक्रिया
डॉ. दीपशिखा ने बताया कि 26 अप्रैल को जब मरीज दोबारा अस्पताल आईं, तो ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक नहीं थे। 29 अप्रैल को उन्हें देखा गया और परिस्थिति को देखते हुए न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेने की सिफारिश की गई – जो किसी भी संदिग्ध न्यूरोलॉजिकल समस्या में सामान्य चिकित्सा प्रक्रिया है।
