ऑपरेशन अंकुश में पुलिस की कार्रवाई : 14 साल से फरार ठग की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप, फर्जी नियुक्ति-पत्र देकर करता था लाखों की ठगी, कभी कोरबा, कभी उरला तो कभी चांपा… 14 साल तक पुलिस को चकमा देता रहा शातिर ठग, अब चढ़ा जशपुर पुलिस के हत्थे.

जशपुर. 15 मई 2025 : जशपुर पुलिस को ऑपरेशन अंकुश के अंतर्गत बड़ी सफलता मिली है। 14 वर्षों से फरार चल रहे कुख्यात ठग अनिल उर्फ नीलू मल्होत्रा को जांजगीर-चांपा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को फर्जी नियुक्ति-पत्र देकर ठगी करता था। पत्थलगांव थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ ठगी और धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज थे। लगातार स्थान बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा आरोपी अंततः जशपुर पुलिस और जांजगीर-चांपा पुलिस के संयुक्त प्रयास से गिरफ्तार किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के द्वारा ऑपरेशन अंकुश के तहत पुराने प्रकरणों में फरार आरोपियों की धर पकड़ हेतु विशेष अभियान चलाया गया है, जिसके तहत जशपुर पुलिस की टीम प्रदेश व प्रदेश के बाहर जाकर भी फरार आरोपियों के पतासाजी कर रही है, जिसमें पुलिस को सफलता भी मिल रही है, विगत दिनों जशपुर पुलिस को ऑपरेशन अंकुश के तहत 22 वर्ष व पांच वर्षों से फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली थी।

इसी क्रम में जशपुर पुलिस के द्वारा ऑपरेशन अंकुश के तहत थाना पत्थलगांव में दर्ज, ठगी के मामले में 14 वर्षों से फरार आरोपी अनिल कुमार मल्होत्रा को गिरफ्तार किया गया है।

जिसके मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है – वर्ष 2011 में  दो अलग – अलग  मामलों में प्रार्थी क्रमशः कबीर प्रताप साहू, उम्र 35 वर्ष, निवासी कसडेगा, जिला सिमडेगा (झारखंड) व खीरो सिंह , निवासी पतरापाली, थाना कांसाबेल, जिला जशपुर ने थाना पत्थलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि  वर्ष 2009 में  विष्णु गुप्ता के द्वारा जनपद पंचायत पत्थलगांव में, छात्रावास सहायक का पद खाली है, अगर कुछ पैसा खर्च करोगे तो , तुम्हारा नौकरी लगवा सकता हूं कहकर, प्रार्थियों को झांसे में लेते हुए, उनसे अलग अलग कुल दो लाख 90 हजार रु ले लिए थे, तथा प्रार्थियों के द्वारा नौकरी के के लिए दबाव बनाने पर, कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पत्थलगांव का, शिक्षा कर्मी वर्ग 03 का फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया  गया, जब प्रार्थी नौकरी ज्वाइन करने शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बागबहार पहुंच, तो वहां नौकरी ज्वाइनिंग से संबंधित कोई आदेश पत्र नहीं दिया गया है, उक्त आदेश पत्र फर्जी है। तब प्रार्थियों को पता चला कि विष्णु गुप्ता, अपने साथियों अनिल उर्फ नीलू मल्होत्रा,धरनीधर ,रामसिंह, महेश टोप्पो, देवसाय व चंदा गुप्ता के साथ मिलकर नौकरी लगाने के नाम पर, रुपए लेकर, फर्जी नियुक्ति पत्र देकर धोखाधड़ी किए हैं।

रिपोर्ट पर थाना पत्थलगांव में आरोपियों के विरुद्ध ठगी व धोखाधड़ी के लिए भा .द .वि. की धारा 420,467,468,471 व 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था। व कार्यवाही करते हुए आरोपी विष्णु गुप्ता,धरनीधर ,रामसिंह, महेश टोप्पो, देवसाय व चंदा गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका था। मामले का आरोपी अनिल उर्फ नीलू मल्होत्रा घटना दिनांक से फरार था।

ऑपरेशन अंकुश के तहत पुलिस के द्वारा जब थाना पत्थलगांव में दर्ज पुराने प्रकरणों में फरार आरोपियों को चिन्हित कर पता साजी की जा रही थी,  इसी दौरार मुखबिर की सूचना व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से पुलिस को पता चला कि थाना में वर्ष 2011 में दर्ज 420 के दो प्रकरणों में फरार आरोपी अनिल उर्फ नीलू मल्होत्रा, चांपा, जिला जांजगीर चांपा में है, आरोपी कुख्यात ठग अनिल उर्फ नीलू मल्होत्रा इतना शातिर था कि वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था, कभी वह कोरबा में रहता था, कभी उरला, में तो कभी जांजगीर चांपा में रहता था, जशपुर पुलिस आरोपी को लगातार ट्रेस कर रही थी, फरार आरोपी के जांजगीर चांपा में होना पता चलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के द्वार तत्काल फोन के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा श्री विवेक शुक्ला से संपर्क करते हुए,फरार आरोपी की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम जांजगीर-चांपा रवाना की गई, जहां एसएसपी जांजगीर-चांपा श्री विवेक शुक्ला के सहयोग से जांजगीर-चांपा पुलिस की सहायता लेकर, मारुति बिहार, चांपा से आरोपी को हिरासत में लेकर वापस लाया गया है।

पुलिस के पूछताछ में आरोपी अनिल उर्फ नीलू मल्होत्रा के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

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