फुटबाल विश्व कप:2026, संयुक्त राज्य अमेरिका,मैक्सिको व कनाडा में होंगे मैच
खेल स्पर्धा प्रसारण में जी इंटरटेनमेंट की धमाकेदार वापसी
आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर, रायपुर, छत्तीसगढ़
रायपुर : आगामी 11 जून से प्रारंभ होने वाली दुनियां की सर्वाधिक लोकप्रिय फुटबाल प्रतियोगिता के प्रसारण अधिकार को लेकर लगातार कुछ ना कुछ खबर आ रही थी। फुटबाल के चाहने वाले कुछ लोगों के दिल की धड़कन तेजी से धड़क रहा था। सबके मन में यही प्रश्न उभरकर आ रहा था कि क्या हम 2026 के फुटबाल पुरुष विश्वकप के अंतर्गत खेले जाने वाले मुकाबलों का जीवंत प्रसारण देख पायेंगे या नहीं? 2022 का प्रसारण अधिकार रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्वामित्व वाले नेटवर्क विस्काम 18 ने प्राप्त किया था। माना जाता है इस एक मात्र इवेंट के शुरू से अंत तक प्रसारण के लिए उस समय उन्होंने 450 करोड़ लगभग 62 मिलियन अमेरिकी डालर की भारी भरकम राशि का भुगतान किया । 2022 में इस तरह विस्काम 18 ने सोनी, स्टार और अन्य बड़े ब्राडकास्टर्स को पीछे छोड़ दिया था। टीवी पर स्पोर्ट्स 18 चैनल द्वारा सीधा प्रसारण किया गया जबकि जिओ सिनेमा और वेब साइट पर बिल्कुल मुक्त में 4 के रेजोल्यूशन तकनीक के साथ किया गया था।
पिछले विश्वकप के मैच का आँखों देखा हाल दर्शकों की पसंद का ख्याल रखते हुए अंग्रेजी, हिन्दी के साथ- साथ तमिल, बंगाली, मलयालम जैसी क्षेत्रीय भाषा में भी किया गया था। कहा जाता है कि भारत में इस बार 2022 के प्रसारण करने वाली मीडिया संस्था जियो स्टार ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई इसकी वजह संयुक्त अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाले मैच भारतीय समय अनुसार रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक ही होंगे। इच्छुक प्रसारणकर्ताओं ने दर्शकों के लिए, विज्ञापनदाताओं के लिए भारत के मध्य रात्रि के प्रसारण को लाभप्रद नहीं माना और सिर्फ 12 दिन पूर्व तक भारत में प्रसारण के अधिकार को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ था।
एक समय था जब किसी चैंपियनशिप को आर्थिक रूप से सफलतापूर्वक चलाने के लिए दर्शकों से प्राप्त प्रवेश शुल्क मुख्य राजस्व होता था परंतु 1984 के लांस एजिल्स ओलंपिक खेलों के प्रसारण अधिकार को किसी मीडिया समूह को बेचे जाने से जिस तरह बम्फर राजस्व की प्राप्ति हुई उससे खेलों की दुनियां की तस्वीर बदल गई। दर्शकों से प्रवेश शुल्क की चिंता किए बगैर अब मैच के सीधे प्रसारण के कारण प्राप्त राशि से संपूर्ण चैपियनशिप का आयोजन, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों व सहयोगी सदस्यों के आवास, भोजन, सुरक्षा आवागमन तथा पुरस्कार दिया जाना संभव हुआ। अत: खेलों के संसार में 1984 लांस एंजिल्स ओलंपिक को टर्निंग प्लाइंट माना जाता है प्रसारण का अधिकार पाने वाली ग्रुप मैचों का जीवंत प्रसारण स्पोर्ट्स चैनल में एसडी, एचडी तकनीक से करते हैं। साथ ही डिजिटल प्लेटफार्म पर ऐप व बेवसाइड, मोबाइल, टेबलेट व अन्य इलेक्ट्रानिक माध्यम से अत्याधुनिक तकनीक द्वारा साफ, सुंदर व तीव्र गति से मैच का प्रसारण करते हैं।
आर्थिक दृष्टि से 147 करोड़ की आबादी को देखते हुए इसे इस जगत के समस्त देशों के व्यापारिक संस्थान भारत को बड़ा बाजार मानते हैं और हर कोई यहां व्यापार करना चाहता है। इसके बावजूद फीफा 2026 पुरुष विश्वकप के मुकाबलों के प्रसारण के लिए किसी भारतीय मीडिया समूह द्वारा दिलचस्पी नहीं लेने से अंतर्राष्ट्रीय फुटबाल एसोसिएशन के पदाधिकारी भी चिंतित थे। उनके लिए पिछली बार के अनुसार कम से कम 450 करोड़ रुपये पाने की चाहत बनी हुई थी। सुनने में आया है कि पिछले प्रसारणकर्ता वायकाम 18 स्पोर्ट्स ने इस बार 300 करोड़ रुपये में प्रसारण अधिकार चाहते थे लेकिन फीफा के मीडिया अधिकारी तैयार नहीं हुए हालांकि उन्होंने प्रसारण शुल्क को लगभग 336 करोड़ कम करने का प्रस्ताव जियो स्टार को दिया था। डील फाइनल होने से ठीक पहले फीफा के मीडिया अधिकारियों के समक्ष भारत के जी इंटरटेनमेंट मीडिया ग्रुप की ओर से अगले 8 से 9 साल तक लंबे समय तक फीफा के सभी विश्वकप के प्रसारण के अधिकार को प्राप्त करने हेतु सीईओ पुनीत गोयनका ( जो कि विख्यात उद्योगपति सुभाष चंद्रा के बेटे हैं।) के द्वारा प्रस्ताव रखा गया और आखिरकार फीफा के साथ समझौता हो गया है।
इसकेसाथ ही भारतीय खेल प्रेमियों को फीफा विश्वकप 2026 के सभी मैच को लाइव देखने का मार्ग खुल गया है। बार- बार समझौते के झंझट से भी फीफा अधिकारियों ने मुक्ति पा ली है।अब जी इंटरटेनमेंट मीडिया ग्रुप द्वारा 2026,2030,2034 के पुरुष विश्वकप, 2027,2031के महिला विश्वकप फीफा अंडर-17, अंडर-20 महिला पुरुष,फीफा फुटबाल विश्वकप इंटरकांटिनेंटल विश्वकप सहित वर्ष 2034 तक फीफा द्वारा मान्यता प्राप्त फुटबॉल के अंतर्राष्ट्रीय 39 चैंपियनशिप के प्रसारण का अधिकार प्राप्त कर लिया गया है।
