फर्जी हस्ताक्षर, गबन और कमीशनखोरी : पंचायत सचिव सुशील तिर्की बना भ्रष्टाचार का चेहरा ! ग्राम पंचायत कण्डोरा में भ्रष्टाचार की परतें खुलीं : पूर्व सरपंच ने किए सनसनीखेज खुलासे…देखें विडिओ…!

कुनकुरी (जशपुर), 28 मई 2025 | विशेष रिपोर्ट – सागर जोशी (संपादक)

जशपुर जिले के विकासखण्ड कुनकुरी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कण्डोरा में भ्रष्टाचार ने अपनी सारी सीमाएं लांघ दी हैं। पंचायत के सचिव सुशील तिर्की पर पंचायत की योजनागत राशि के करोड़ों नहीं, लेकिन लाखों रुपये की हेराफेरी और गबन का आरोप ग्रामीणों और पूर्व सरपंच रामदीन द्वारा लगाया गया है। आरोपों के अनुसार विकास कार्यों की राशि का बंदरबांट कर सचिव ने अपनी जेबें भरी हैं और जनता को विकास से वंचित कर दिया है।

ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड्स के अनुसार पंचायत में दो स्थानों पर सीसी रोड और नाली निर्माण हेतु लगभग 7 लाख रुपये की राशि पंचायत के खाते में उपलब्ध कराई गई थी। मगर जमीनी हकीकत यह है कि न तो कोई कार्य आरंभ हुआ और न ही कोई निर्माण स्थल दिखाई देता है। वहीं, राशि का आहरण कर लिया गया, जिससे साफ होता है कि फर्जीवाड़ा सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि पूरी योजना में समाहित है।

सबसे बड़ा मामला सामने आया है गौण खनिज मद की 12 लाख 80 हजार रुपये की राशि का, जो 15 जनवरी को पंचायत के खाते में आई थी। उसी दिन सचिव सुशील तिर्की ने अपनी जेब गरम करने में देर नहीं लगाई। आरोप है कि—

  • 1.28 लाख रुपये अपने निजी खाते में ट्रांसफर किए, जिसे वह “कमिशन” बता रहे हैं।
  • 5 लाख रुपये भरत सिंह नामक व्यक्ति के खाते में डाले।
  • 5.72 लाख रुपये एक अज्ञात खाते में ट्रांसफर किए, जिसका नाम तक दस्तावेज़ में दर्ज नहीं है।

इन लेन-देन की कोई ठोस प्रक्रिया नहीं अपनाई गई और 12 लाख रुपये देखते ही देखते गायब हो गए, जबकि कार्य ज़मीन पर आज भी अधूरे हैं।

पूर्व सरपंच रामदीन ने खुद सामने आकर सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि कई फाइलों में उनके फर्जी हस्ताक्षर कर सचिव ने योजनाओं की राशि निकाली। रामदीन ने कहा, “कुछ दस्तावेज़ हाथ लगने के बाद जब मैंने बैंक स्टेटमेंट निकाला, तो सच्चाई सामने आई कि राशि का गबन सचिव द्वारा किया गया है। कार्य स्थल पर जाकर देखा, तो वहां एक ईंट तक नहीं रखी गई थी।”

इतना ही नहीं, 15वें वित्त आयोग मद से स्वीकृत दो कार्य — एक नाली (3 लाख) और एक सीसी रोड (3.92 लाख) — की राशि का भी आहरण कर लिया गया, लेकिन कार्य धरातल पर शून्य है। इन कार्यों की फाइलों में भी पूर्व सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर पाए गए हैं।

गांव के लोगों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव सुशील तिर्की ने अपने पद का दुरुपयोग कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया है। उन्होंने फर्जी हस्ताक्षर कर राशि निकालकर भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा कर दी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल सचिव सहित दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए और उच्चस्तरीय जांच की जाए।

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