मटासी शाला में हुआ प्रेरक और भावनात्मक प्रवेश उत्सव : शिक्षा के साथ संस्कार का पाठ – मटासी में राज्य स्तरीय अतिथियों की मौजूदगी में अनूठा शाला प्रवेश उत्सव, बच्चों को मिला भविष्य का संबल, बच्चों को उपहार, भोज और पौधारोपण का उपहार.

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला‌-मटासी में माटीकला बोर्ड अध्यक्ष छत्तीसगढ़ शासन श्री शम्भूनाथ चक्रवर्ती जी एवं क्षेत्रीय बीड़ीसी श्री संजय कुमार बंग,  भूतपूर्व बीडी़सी रामकृत नायक तथा शिक्षा विभाग से विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री सी आर भगत एवं बीआरसी श्री विपिन अम्बस्थ की उपस्थिति में बहुत ही हर्षोल्लास से शाला प्रवेश उत्सव मनाया गया। शाला प्रवेश उत्सव में कार्यक्रम के शुभारंभ पर सर्वप्रथम ‌सरस्वती माता की प्रतिमा के समक्ष मुख्य अतिथि श्री शम्भू नाथ चक्रवर्ती के द्वारा दीप‌ प्रज्वलित किया गया, उसके पश्चात शाला में उपस्थित सभी पालक, शिक्षक, छात्र-छात्राओं के द्वारा सरस्वती वंदना गायी गई। सरस्वती वंदना के पश्चात मुख्य अतिथि श्री शम्भू नाथ जी का स्वागत संस्था प्रमुख प्रधान पाठक श्रीमती सरिता नायक के द्वारा उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया एवं  उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत बारी-बारी से शाला के सभी शिक्षकों के द्वारा किया गया, विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी का स्वागत पुनः संस्था प्रमुख श्रीमती सरिता नायक मेडम द्वारा किया गया।

स्वागत कार्यक्रम के पश्चात शाला के बच्चों द्वारा स्वागत गीत स्वागतम शुभ स्वागतम गीत प्रस्तुत किया गया, उसके पश्चात शाला की बालिकाओं के द्वारा सांसों की सरगम गाये स्वागतम जैसा मनोहारी नृत्य किया गया। शाला के बालक और बालिकाओं द्वारा स्कूल चले हम जैसे प्रेरणादायक गीत एवं नृत्य प्रस्तुत किया गया, उसके पश्चात नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत उपस्थित सभी अतिथियों के द्वारा किया गया। जहां मुख्य अतिथि शम्भूनाथ जी के द्वारा चन्दन तिलक लगाया गया, तो संजय बंग जी द्वारा मीठा खिलाया गया, विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी ‌एव बीआरसी सर के द्वारा उन्हें पुस्तक एवं गणवेश प्रदान किया गया। श्री शंम्भू नाथ जी ने बच्चों को पेन एवं चाकलेट, संजय बंग जी द्वारा उन्हें कापी पेन तथा प्रधान पाठक श्रीमती सरिता नायक जी के द्वारा सीस रबर एवं कटर प्रदान किया गया, जो पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री है। बच्चे पेन पेंसिल एवं कापी पाकर बहुत खुश‌ हो गये, शाला समिति के अध्यक्ष श्री विश्वनाथ नागवंशी एवं कार्यक्रम में उपस्थित पालक एवं शिक्षक एवं ग्रामीण जन ने बच्चों को इस तरह उपहार दिए जाने पर सभी को धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने स्कूल के बच्चों को एवं पालकों को मार्गदर्शन दिया कि केवल बच्चे या शिक्षक ही नहीं अपितु पालक भी शिक्षा के प्रति जागरूक हो तभी बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा। बीआरसी विपिन अम्बस्थ जी ने शाला के प्रधान पाठक सरिता नायक को शाला में इतने बड़े राज्य स्तर के छत्तीसगढ़ शासन माटीकला बोर्ड अध्यक्ष श्री शंभू नाथ जी एवं शिक्षा विभाग को आमंत्रित कर प्रवेश उत्सव मनाने के लिए बधाई दी। शिक्षा अधिकारी श्री सी आर भगत ने नव प्रवेशी बच्चों तथा शिक्षकों को भी प्रतिदिन प्राप्त होने वाले शिक्षा के प्रति जागरूक होने व शासन की नई आने वाली योजनाओं के विषय में जानकारी प्रदान किया एवं संस्था प्रमुख के द्वारा इतने अच्छे से प्रवेश उत्सव मनाने एवं नेवता भोज कराने हेतु बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदान की। बीडीसी संजय बंग जी द्वारा बताया गया की इस स्कूल के  शिक्षक को पहले से जानता था, प्रधान पाठक जी से पहले बार शाला में आने पर मिला और उनका जो बच्चों को पढ़ाने एवं आगे बढ़ाने का जो हौसला है, उसे देखकर मैं बहुत प्रभावित हुआ और मैं स्कूल के लिये हमेशा मुझसे जो हो सकेगा सहयोग प्रदान करने हेतु तत्पर रहूंगा। कार्यक्रम के अन्त में मुख्य अतिथि श्री शंम्भू नाथ जी के द्वारा शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी है, बतलाया गया क्योंकि शिक्षा सभी प्राप्त करते हैं किन्तु जीवन में उसका महत्व बहुत कम लोग जानते हैं इसलिए माताओं और पालकों द्वारा उन्हें संस्कार भी प्रदान करने का मार्गदर्शन दिया गया साथ ही उन्हें माटीकला क्या है, उसकी भी जानकारी प्रदान की गई।

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