कठिन श्रम और त्याग से मिलती है सफलता – श्रीमती कौशल्या साय
आदर्श शासकीय प्राथमिक विद्यालय बंदरचुआं में शाला प्रवेश उत्सव हर्षोउल्लास के साथ हुआ संपन्न
80 नवप्रवेशी बच्चों को दिया गया पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश
जशपुर. 04 जुलाई 2025 : जशपुर जिले के आदर्श शासकीय प्राथमिक विद्यालय बंदरचुआं (कुनकुरी) में शाला प्रवेश उत्सव बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि श्रीमती कौशल्या साय ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और बच्चों को परिश्रम व त्याग के महत्व पर संबोधित किया। इस अवसर पर कक्षा 6वीं व 9वीं के कुल 80 नवप्रवेशी बच्चों को पाठ्यपुस्तक और गणवेश वितरित किए गए। साथ ही सरस्वती सायकल योजना के अंतर्गत 23 बालिकाओं को साइकिल भी दी गई। यह कार्यक्रम बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह और प्रेरणा का संचार करने वाला रहा।

आदर्श शासकीय प्राथमिक विद्यालय बंदरचुआं (कुनकुरी) में शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम हर्षोउल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती कौशल्या साय एवं अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्जवलन कर किया। इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय ने अपने संबोधन में कहा कि छात्र जीवन कठिन श्रम और त्याग का होता है, आपका आज का परिश्रम कल एक सुंदर भविष्य का निर्माण करेगा। आप लोग समर्पित मन से पढ़ाई के साथ अच्छे आदर्शों पर चल कर सफलता प्राप्त करें। आपकी सफलता से आपके माता-पिता का नाम रोशन होने के साथ विद्यालय का नाम भी रोशन होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर शिक्षा की गुणवता बढ़ाने के लिए इस विद्यालय को आदर्श विद्यालय घोषित किया गया है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती साय के द्वारा नवप्रवेशी कक्षा 9 वीं के 66 बच्चों एवं कक्षा 6 वीं के 14 बच्चों को पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश का वितरण किया गया, साथ ही सरस्वती सायकल योजना के तहत 9 वीं के 23 बालिकाओं का सायकल वितरण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय ने की। इस अवसर पर सरपंच श्री विकास साय, समस्त पंचगण, विद्यालय के प्राचार्य श्री तोवियस एक्का, शाला विकास समिति के श्री नारायण गुप्ता, श्री तरूण साहू, व्याख्यातागण श्री अजीत कुजूर, एसएन साय, श्री प्रदीप तिग्गा, श्री रविन्द्र शर्मा, श्रीमती भारती साहू सहित अन्य स्टॉफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन व्याख्यता श्री आयोध किशोर गुप्ता ने किया।
