आरोपियों को अपहृत नाबालिग बालिका होने की जानकारी होने के बावजूद भी उनके द्वारा किया गया सहयोग.
प्रकरण के मुख्य आरोपी अनाचार करने वाला विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक के विरुद्ध विधिवत कार्यवाही करते हुए किशोर न्यायालय पेश किया गया.
आरोपियों के विरुद्ध धारा- 137(2),87,65(2).3(5) B.N.S, धारा 06 पाक्सो एक्ट के तहत की गई कार्यवाही.
जांजगीर-चांपा. 07 जुलाई 2025 : जांजगीर-चांपा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़की के साथ हुए अनाचार के मामले में आरोपी के माता-पिता को गिरफ्तार किया है. इन पर आरोप है कि उन्होंने नाबालिग के अपहरण और अनाचार के बारे में जानते हुए भी मुख्य आरोपी, एक किशोर, को छिपाने और उसकी मदद करने में सहयोग किया. यह घटना समाज में अपराध के बढ़ते जाल और अभिभावकों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करती है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है और मुख्य आरोपी को किशोर न्यायालय में पेश किया है.
नाबालिग बालिका को दिनांक 10 जनवरी 2025 को रात्रि में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला फुसलाकर कर भगा ले जाने की सूचना पर थाना जांजगीर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।
पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन में अपहृता एवं अज्ञात आरोपी की थाना जांजगीर पुलिस द्वारा लगातार पातासाजी की जा रही थी। इसी क्रम में CSP जांजगीर श्रीमति कविता ठाकुर के नेतृत्व में विवेचना के दौरान बालिका को आरोपियों के कब्जे से बरामद किया गया, जिसके उपरांत उससे पूछताछ करने पर विधि से संघर्षरत बालक द्वारा शादी करने का झांसा देकर अनाचार करना बताई।
प्रकरण के सहयोगी आरोपी विधि से संघर्षरत बालक के माता-पिता अपहृता को नाबालिग बालिका होने की जानकारी होने के बावजुद अपने पास रखा गया एवं विधि से संघर्षरत बालक की मदद की गई। प्रकरण में आरोपियों से पुछताछ पर अपना जुर्म स्वीकार करने से विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
इस प्रकरण की कार्यवाही में थाना सिटी कोतवाली जांजगीर के थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी व उपनिरीक्षक सत्यम चौहान, प्रधान आरक्षक आलोक शर्मा, महिला आरक्षक रेखा यादव का सराहनीय योगदान रहा है।
