शाला प्रवेश उत्सव : शिक्षा का पर्व, हर बच्चे का हक, शाला प्रवेश उत्सव में बच्चों को मिला तिलक, मिठाई और साइकिल, ‘मां के नाम एक पौधा’, बेटियों को साइकिल और बच्चों को किताबें – दुलदुला में उम्मीदों से भरा शाला प्रवेश उत्सव.

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुलदुला में आज विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर श्रीमती कौशल्या साय और जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव मौजूद रहे। अतिथियों ने नवप्रवेशी बच्चों को पारंपरिक रूप से तिलक  लगाकर एवं मुँह मीठा कराकर स्वागत किया और सभी का उत्साहवर्धन करने के साथ शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तक, गणवेश  प्रदान की और सरस्वती साईकल योजना के अंतर्गत छात्राओं को साईकिल का वितरण भी किया। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

इस अवसर पर श्रीमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक जनहितकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके और अपने जीवन में सफलता की ऊँचाइयों को छू सके। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। श्रीमती साय ने विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरस्वती साइकिल जैसी योजनाएं अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही हैं।

श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार का उपयोग कर स्मार्ट क्लास बनाएं जा रहे है, ताकि बच्चों को कठिन विषय सहजता से समझ आ सके। उन्होंने विद्यालय में पौधरोपण जैसे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल है, बल्कि बच्चों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी सिखाता है।

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