कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला – प्रधानमंत्री आवास योजना में भारी लापरवाही का लगाया आरोप
कुनकुरी, 16 जुलाई 2025 : कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील ने मंगलवार की शाम एक अहम प्रेस वार्ता आयोजित कर प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए। अध्यक्ष विनयशील ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में भारी लापरवाही बरती जा रही है, जिसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि बीते 18 महीनों में कुनकुरी नगर पंचायत क्षेत्र में एक भी पीएम आवास स्वीकृत नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा हाल ही में मंच से यह दावा किया गया कि पूरे प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं, लेकिन हकीकत यह है कि मुख्यमंत्री के अपने ही क्षेत्र में आवास योजना पूरी तरह ठप पड़ी है।
विनयशील ने प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृतियों के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2017-18 में 111 आवास, 2018-19 में 304, 2019-20 में 71, 2020-21 में 173, 2022-23 में 67 आवास स्वीकृत हुए थे, लेकिन 2021-22, 2023-24 और 2024-25 में शून्य आवास स्वीकृत हुए हैं। यह दर्शाता है कि पिछले कुछ वर्षों में योजना की प्रगति थम गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद न केवल नई स्वीकृतियां रुकी हैं, बल्कि पुराने आवासों का निर्माण कार्य भी धीमी गति से चल रहा है।
अध्यक्ष विनयशील ने इस मौके पर कहा कि वर्तमान में नगर क्षेत्र में जो भी पीएम आवास निर्माणाधीन हैं या पूरे हो चुके हैं, वे सभी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार, विशेष रूप से भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में स्वीकृत किए गए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “यह कैसी मोदी की गारंटी है, जिसमें आवास नहीं, केवल आश्वासन मिलता है।” साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के “सुशासन” के दावों को खारिज करते हुए इसे कुशासन करार दिया।
उन्होंने आगे कहा कि जब मुख्यमंत्री के अपने क्षेत्र में ही प्रधानमंत्री आवास योजना की यह हालत है, तो पूरे प्रदेश की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने प्रदेश के जिला प्रशासन पर भी योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही और उदासीनता का आरोप लगाया।
भ्रष्टाचार को लेकर भी अध्यक्ष विनयशील ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत में पूर्व में पदस्थ सीएमओ द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के मामलों को उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया था, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री के ‘जीरो टॉलरेंस’ के नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह नारा केवल कागजों पर है, धरातल पर नहीं।
नगर पंचायत प्रशासन की अस्थिरता को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। अध्यक्ष ने कहा कि पिछले चार महीनों में नगर पंचायत में चार सीएमओ बदले जा चुके हैं, जिससे पंचायत के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि नगर पंचायत को एक स्थायी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) उपलब्ध कराया जाए, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
प्रेस वार्ता के दौरान पार्षद मुक्ति मिंज भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने अध्यक्ष के बयानों का समर्थन किया और वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
