रेलवे में क्रांतिकारी बदलाव : अब प्लास्टिक बोतलों के बदले मिलेगा साबुन और सर्फ! सेक्रो ने शुरू की अनोखी मुहिम

सेक्रो मुख्यालय द्वारा स्वच्छता अभियान के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विशेष पहल

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन द्वारा किया जा रहा अनुपयोगी प्लास्टिक के बदले उपयोगी वस्तुओं का वितरण

बिलासपुर, 18 जुलाई 2025 : रेल परिक्षेत्र को स्वच्छ रखने की दिशा में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन (सेक्रो) मुख्यालय द्वारा एक प्रशंसनीय पहल की जा रही है। “स्वच्छता ही सेवा” के मूल भाव को आत्मसात करते हुए, सेक्रो मुख्यालय कार्यालय में अनुपयोगी प्लास्टिक वस्तुओं (जैसे बोतलें, रैपर, प्लास्टिक कंटेनर आदि) का संग्रहण किया जा रहा है, जिन्हें आमतौर से फेंक दिया जाता है। खुले में प्लास्टिक वेस्ट के फेंके जाने पर पर्यावरण पर इसके दुष्परिणाम देखने को मिलते है । इससे इंसानों के साथ पशुओं के लिए भी खतरा पैदा होता है ।

ऐसे में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन (सेक्रो) मुख्यालय द्वारा इस एकत्रित प्लास्टिक को बाद में पुनर्चक्रण (Recycling) हेतु भेजा जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण में सहयोग मिल सके।

इस पहल के अंतर्गत प्लास्टिक से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के विषय में जागरूकता फैलते हुए कर्मचारियों एवं अधिकारियों को प्लास्टिक एकत्र करने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं इस पहल में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को पारंपरिक पुरस्कारों की जगह स्वच्छता में उपयोगी वस्तुएँ जैसे सर्फ, साबुन, रिन आदि प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे न केवल उनका उत्साहवर्धन हो रहा है, बल्कि स्वच्छता के दैनिक व्यवहार को भी बढ़ावा मिल रहा है।

यह अभिनव प्रयास सेक्रो की अध्यक्षा श्रीमती मीनाक्षी शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रारंभ किया गया है। उनका उद्देश्य न केवल रेलवे परिसरों को स्वच्छ बनाए रखना है, बल्कि कर्मचारियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता एवं व्यक्तिगत जिम्मेदारी की भावना को भी विकसित करना है।

सेक्रो का यह कदम न केवल कार्यस्थल को स्वच्छ रखने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज को सतत और पर्यावरण-संवेदनशील जीवनशैली की ओर प्रेरित करने वाला भी है।

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