नारायणपुर, 19 जुलाई 2025 — छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के दूरस्थ और घने जंगलों वाले अभूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों के विरुद्ध चलाए जा रहे “माड़ बचाओ अभियान” के तहत सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। परिया-काकुर के जंगलों में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच चली जबरदस्त मुठभेड़ में कुल 6 हार्डकोर माओवादी कैडर ढेर कर दिए गए, जिनमें 4 महिला माओवादी शामिल हैं। मारे गए सभी माओवादियों पर कुल ₹48 लाख का इनाम घोषित था।
इस ऑपरेशन में DRG, STF और BSF की संयुक्त टीमों ने 17 जुलाई 2025 से व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया था। विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए इस सघन अभियान में नारायणपुर, कांकेर, बस्तर और कोंडागांव जिलों की DRG टीमों के साथ BSF की 40वीं, 47वीं, 94वीं, 129वीं, 133वीं और 135वीं बटालियनें शामिल रहीं। 18 जुलाई की दोपहर से परिया-काकुर क्षेत्र में रुक-रुक कर मुठभेड़ चलती रही, जो देर रात तक जारी रही। मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन में 6 माओवादियों के शव, भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
सुरक्षा बलों ने जिन माओवादियों को मार गिराया, उनमें सबसे बड़ा नाम राहुल पुनेम उर्फ लच्छू पुनेम (आयु 38) का है, जो PLGA प्लाटून क्रमांक-01 का कमांडर और डिवीजनल कमेटी स्तर का माओवादी था। वह सुकमा जिले के डल्ला गांव का रहने वाला था और उस पर ₹8 लाख का इनाम था। राहुल के मारे जाने को सुरक्षा एजेंसियों ने माओवादी नेटवर्क के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका बताया है, क्योंकि यही प्लाटून वरिष्ठ माओवादी नेताओं की सुरक्षा में तैनात रहती थी।

मुठभेड़ में मारे गए अन्य माओवादी कैडरों में उंगी टाटी, मनीषा, मीना उर्फ सोमरी, हरीश उर्फ कोसा और कुड़ाम बुधरी के नाम सामने आए हैं। सभी PLGA प्लाटून क्रमांक-01 के सक्रिय सदस्य थे और सभी पर ₹8 लाख का इनाम था। इन सभी की उम्र 21 से 25 वर्ष के बीच है और वे बीजापुर, नारायणपुर व सुकमा जिलों के अलग-अलग गांवों के निवासी थे।
मुठभेड़ स्थल से एक AK-47 राइफल, एक SLR, एक 12 बोर राइफल, 11 BGL लॉन्चर और 83 BGL सेल, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुएं और माओवादी साहित्य बरामद किया गया है। सुरक्षा बलों ने दावा किया है कि इस ऑपरेशन ने माओवादियों के कोर समूह की कमर तोड़ दी है।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि 2025 की शुरुआत से अब तक बस्तर क्षेत्र में 204 माओवादी मारे जा चुके हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि बस्तर में माओवाद के विरुद्ध चल रहा अभियान निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा बल मानसून जैसी विषम परिस्थितियों में भी लगातार ऑपरेशन को गति दे रहे हैं ताकि स्थायी शांति और विकास सुनिश्चित किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री रॉबिनसन गुरिया ने दो टूक कहा कि जो माओवादी अभी भी भ्रम में हैं और विकास की राह में बाधा बन रहे हैं, उन्हें आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहिए, अन्यथा उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। वहीं, DIG कांकेर रेंज श्री अमित कांबले और BSF के DIG श्री पी.के. दुबे ने बताया कि अब अभूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में माओवादियों की पकड़ कमजोर हो चुकी है और क्षेत्र समावेशी विकास की ओर बढ़ रहा है।
इस संयुक्त प्रेस वार्ता में STF, BSF और DRG के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर कमांडेंट नवाल सिंह, एन.एस. कुटियाल, अपर पुलिस अधीक्षक STF श्री आकाश शुक्ला, अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) श्री अक्षय साबद्रा, उप पुलिस अधीक्षक श्री आशीष नेटाम, कुलदीप बंजारे, अमृता पैकरा, लोकेश बंसल, अरविंद किशोर खलखो, मनोज मंडावी समेत अनेक फील्ड कमांडर और जवान उपस्थित थे।

