जशपुर, 22 जुलाई 2025 : छत्तीसगढ़ की राजनीति सोमवार को एक बड़े मोड़ पर पहुंच गई, जब कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में “अडानी भगाओ, छत्तीसगढ़ बचाओ” अभियान के तहत आर्थिक नाकेबंदी और चक्का जाम का आयोजन किया गया। जशपुर जिले में भी यह आंदोलन कांसाबेल मुख्य मार्ग में किया गया, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग NH-43 को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक पूरी तरह ठप कर दिया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सीधे संदेश देते हुए नारेबाज़ी की — “जल-जंगल-जमीन की लूट नहीं चलेगी, अडानी राज नहीं चलेगा।”
इस आंदोलन की पृष्ठभूमि में है पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की ईडी द्वारा गिरफ्तारी, जिसे कांग्रेस ने राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित और लोकतंत्र का दमन बताया है।
प्रदर्शन का केंद्रबिंदु : अडानी, ईडी, और आदिवासी अस्मिता
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अडानी समूह को छत्तीसगढ़ के कोयला, जंगल और खनिज सौंप कर राज्य की आत्मा को गिरवी रख रही है। उनका कहना है कि एक ओर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को कुचला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर गुजरात मॉडल को थोपने की कोशिश हो रही है।
प्रदर्शन के दौरान नेता यह कहते सुने गए: “यह आंदोलन केवल चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की अस्मिता और अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है।“
NH 43 पूरी तरह जाम
जशपुर के NH-43 पर हुए चक्का जाम में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। इस राष्ट्रीय राजमार्ग को, जो जशपुर को रायगढ़, अंबिकापुर और बिलासपुर, रायपुर जैसे शहरों से जोड़ता है, पूरी तरह रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने एम्बुलेंस और स्कूल बसों को आर्थिक नाकेबंदी और चक्का जाम से अलग रखा गया था।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख कांग्रेस नेता जिला प्रभारी भानुप्रताप सिंह, पूर्व विधायक यूडी मिंज, पूर्व विधायक विनय भगत, जिलाध्यक्ष मनोज सागर यादव, आरती सिंह, रत्ना पैकरा, कुलविंदर सिंह भाटिया, महेंद्र अग्रवाल, महेश त्रिपाठी, हंसराज अग्रवाल, कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील, हितेंद्र सिंह, सहस्त्रांशु पाठक, मनमोहन भगत, मार्शल एक्का, बुधराम बनवासी, परमेश्वर भगत, सुमित शर्मा, रवि शर्मा, मयंक शर्मा के साथ कांग्रेस कार्यकर्त्ता एवं स्थानीय नागरिकों ने भारी संख्या में भाग लिया।
कांग्रेस का एलान: सड़क से सदन तक जारी रहेगा संघर्ष
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक शुरुआत है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज़ होगा। “हम अडानी-भाजपा गठजोड़ द्वारा छत्तीसगढ़ की पहचान को मिटाने की साजिश को सफल नहीं होने देंगे। छत्तीसगढ़ की अस्मिता, आदिवासी अधिकार, और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए संघर्ष सड़क से सदन तक जारी रहेगा।”
