कुनकुरी बस स्टैण्ड सहित नगर के कई स्थानों पर जलभराव की गंभीर समस्या, नगर पंचायत की व्यवस्था पर उठे सवाल

बारिश आई और हर साल की कहानी दोहराई, स्थायी समाधान अब तक नहीं

कुनकुरी, 25 जुलाई 2025: नगर पंचायत कुनकुरी की लचर सफाई व्यवस्था और जल निकासी प्रबंधन की पोल एक बार फिर खुल गई है। हाल ही की वर्षा के बाद कुनकुरी बस स्टैण्ड का दृश्य इस बात की गवाही देता है कि नगर में जलभराव की समस्या केवल मौसम का असर नहीं, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता और अव्यवस्थित योजना का परिणाम है।

बस स्टैण्ड परिसर में, जहां आमतौर पर यात्रियों की भारी आवाजाही होती है, वहां भारी वर्षा के बाद पानी का जमाव हो गया। फोटो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि प्रतिक्षालय के सामने पूरा क्षेत्र जलमग्न है। वर्षा थमने के बाद नगर पंचायत के सफाईकर्मी लोहे की रॉड से जमा पानी के बीच पाइप के छेद को तलाशते नजर आए, ताकि पानी की निकासी हो सके। यह स्थिति केवल एक स्थान की नहीं है – बस स्टैण्ड के अन्य भागों सहित नगर के कई हिस्सों में यही हाल देखने को मिला।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर साल यही समस्या होती है, लेकिन नगर पंचायत अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल सकी है। वर्षा के पानी के निकासी के लिए नालियों की कोई स्पष्ट और कारगर व्यवस्था नहीं है। जो नालियाँ बनी हैं, वे या तो जाम रहती हैं या उनका लेवल सड़क के मुकाबले सही नहीं है। कहीं नाली सड़क से ऊपर है तो कहीं सड़क नाली से ऊपर – जिससे पानी का बहाव अवरुद्ध हो जाता है और नालियाँ अनुपयोगी साबित होती हैं।

निर्माण कार्यों में लापरवाही और योजनाहीनता

नगरवासियों का यह भी आरोप है कि रोड और नालियों के निर्माण में भारी अनियमितता और लापरवाही बरती गई है। निर्माण के समय पानी की निकासी की समुचित योजना नहीं बनाई जाती, जिससे वर्षा के दौरान पूरा क्षेत्र अस्त-व्यस्त हो जाता है। यह न केवल नागरिकों के लिए परेशानी का सबब है, बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी खतरनाक स्थिति उत्पन्न करता है।

यात्रियों को भारी दिक्कतें

कुनकुरी बस स्टैण्ड से प्रतिदिन सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं, लेकिन जलभराव के कारण यात्रियों को कीचड़, बदबू और फिसलन भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। महिला यात्रियों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी कष्टप्रद होती है।

जनता की मांग: ठोस समाधान

स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत से आग्रह किया है कि सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाए और जल निकासी की स्थायी योजना तैयार की जाए। साथ ही पुराने निर्माण कार्यों की समीक्षा कर तकनीकी त्रुटियों को सुधारा जाए। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। नगर पंचायत को चाहिए कि वह जिम्मेदारी से काम करते हुए नगरवासियों की मूलभूत समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करे।

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