बिलासपुर पुलिस को डीजीपी का समीक्षा बैठक में निर्देश : चेतना अभियान को संस्थागत करने पर जोर, घटनास्थल पर तत्काल पहुंचें अधिकारी, ई-साक्ष्य और NAFIS का करें अधिकतम उपयोग, डीजीपी गौतम बोले – “विजिबल पुलिसिंग और फरियादी की सुनवाई हो प्राथमिकता”.

इस मीटिंग में जिले के सकरी बटालियन, रेडियो कार्यालय, हाई कोर्ट सुरक्षा,  एयरपोर्ट सुरक्षा,  विशेष आसूचना शाखा, अभियोजन कार्यालय, रेंज MT शाखा के सभी प्रभारी अधिकारी उपस्थित थे। इनके कार्यों की भी की गई समीक्षा।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह द्वारा जिले की कानून व्यवस्था, अपराधों पर नियंत्रण, डिटेक्शन और विजिबल पुलिस तथा सामुदायिक पुलिसिंग के द्वारा किए जा रहे कार्यो का प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया।

पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ द्वारा ली गई इस मीटिंग में बिलासपुर रेंज पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला (आईपीएस), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (आईपीएस), 2 nd बटालियन कमांडेंट मनोज खिलाड़ी, जोनल पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा श्रीमती दीपमाला कश्यप, रेडियो एसपी श्रीमती पूजा कुमार (आईपीएस), तथा जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी गण उपस्थित थे ।

पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ द्वारा जिले में संचालित सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम चेतना,  अभियान को संस्थागत करने, फिंगरप्रिंट NAFIS की उपयोगिता एवं इस संबंध में प्रशिक्षण हेतु निर्देशित किया गया। पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ द्वारा जिले के बीट सिस्टम को और प्रभावी करने, नए कानून के बेहतर क्रियान्वयन,  सीसीटीएनएस, E  साक्ष्य, E समन के विवेचना में अधिक से अधिक उपयोग के संबंध में दिशा निर्देश दिए गए।

पुलिस के वेलफेयर के लिए शासन और पुलिस मुख्यालय के दिशा निर्देशों के अनुरूप समय सीमा में उचित निर्णय हेतु निर्देश।

अंत में सभी को पुलिस की बेहतर छवि और समर्पण के साथ कानून और नियम का पालन कर उल्लेखनीय कार्य करने निर्देश दिए गये

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