कुनकुरी-रायपुर, 09 अगस्त 2025। छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भूनाथ चक्रवर्ती ने दंतेवाड़ा जिले के कुम्हारास माटी कला केंद्र का अवलोकन कर पारंपरिक माटी कला को बढ़ावा देने और कुम्हारों की आजीविका सुधारने के लिए महत्वपूर्ण पहल की। इस दौरान उन्होंने केराकोटा सम्मान बाजार की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए और कलेक्टर को कहा कि क्षेत्र के कुम्हारों द्वारा बनाए गए मिट्टी के बर्तनों को न्यूनतम मूल्य पर खरीदा जाए। इन उत्पादों को माटी कला बोर्ड के माध्यम से बेचा जाएगा, जिससे कुम्हारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
श्री चक्रवर्ती ने कहा कि मिट्टी के बर्तनों का उपयोग न केवल सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि यह अनेक बीमारियों से बचाव में भी सहायक है। उन्होंने ग्रामीण अंचलों में मिट्टी के बर्तनों की उपलब्धता आसान बनाने पर जोर दिया।
इसके बाद, उन्होंने कोंडागांव का भी दौरा किया, जहाँ हस्तशिल्प से बने सम्मान और कलाकृतियों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि इन कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाकर उन्हें आम जनता तक पहुँचाया जाए, ताकि स्थानीय कारीगरों को पहचान और बाजार दोनों मिल सकें।
रायपुर में आयोजित ग्रामोद्योग प्रदर्शनी में माटी कला बोर्ड ने 32 स्टॉल लगाए, जिनमें हस्तशिल्प, माटी शिल्प और ग्रामोद्योग उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी के दौरान पारंपरिक कलाओं से जुड़े सम्मान का वितरण भी किया गया। इस पहल का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की पारंपरिक माटी कला और हस्तशिल्प को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
