कुनकुरी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव का शुभारंभ आज से, भव्य पालकी यात्रा निकलेगी

कुनकुरी, 16 अगस्त 2025 : भक्ति, उल्लास और आस्था का पर्व—श्रीकृष्ण जन्माष्टमी—एक बार फिर कुनकुरी नगरी को भक्तिमय रंग में रंगने जा रहा है। नगर की गलियाँ कृष्ण भक्ति से गूंजेंगी, मंदिरों में घंटों की मधुर ध्वनि और भजन संध्या की सुर लहरियाँ वातावरण को पावन बनाएंगी। श्री राधाकृष्ण मंदिर परिसर में 16 अगस्त से 22 अगस्त तक चलने वाले इस सात दिवसीय उत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक भी देखने को मिलेगी।

धार्मिक उल्लास और भक्ति भाव से ओतप्रोत श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव का शुभारंभ आज से श्री राधाकृष्ण मंदिर परिसर में किया जा रहा है। यह सात दिवसीय भव्य आयोजन 16 अगस्त से 22 अगस्त 2025 तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन विविध धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

आयोजन समिति के सदस्य विष्णु सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी नगरभर में भक्तिमय माहौल बनाने के उद्देश्य से विशेष तैयारियाँ की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि पूरे नगर के सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। इसमें सभी धर्म प्रेमी बंधु पूरे उत्साह से भाग लेते हैं और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आनंद उठाते हैं।”

पहला दिन – 16 अगस्त 2025 (शनिवार)

  • दोपहर 1:00 बजे श्री राधाकृष्ण मंदिर से पालकी यात्रा नगर भ्रमण पर निकलेगी।
  • संध्या 7:30 बजे मंदिर प्रांगण में दही हांडीफैंसी ड्रेस प्रतियोगिता होगी।
  • रात्रि 9:00 बजे भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।
  • ठीक 12:00 बजे रात्रि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें झांकी दर्शन, आरती, अभिषेक और प्रसाद वितरण होगा।

आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा

  • 17 अगस्त, रविवार – प्रातः व संध्या आरती, भजन संध्या
  • 18 अगस्त, सोमवार – विशेष भजन संध्या
  • 19 अगस्त, मंगलवार – सुबह व शाम की आरती, रात्रि 9 बजे भजन संध्या
  • 20 अगस्त, बुधवार – प्रातः व संध्या आरती, विशेष भजन संध्या
  • 21 अगस्त, गुरुवार – शाम 7:00 बजे भजन संध्या, रात्रि 8:00 बजे भंडारा
  • 22 अगस्त, शुक्रवार (समापन दिवस) – संध्या 7:00 बजे भजन संध्या तथा रात्रि 8:00 बजे प्रसाद वितरण

आयोजन समिति की अपील
विष्णु सोनी ने नगरवासियों से अनुरोध किया है कि अधिक से अधिक संख्या में इस आयोजन में सम्मिलित होकर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के साक्षी बनें और पुण्य के भागी बने।

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