प्यार का बहाना बनाकर नाबालिग को भगा ले गया युवक, गुमशुदा नाबालिग 19 दिन बाद मिली बिहार में, पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में की गिरफ्तारी, आरोपी को दबोचकर भेजा जेल.

मामले में परिजनों ने 1 अगस्त को थाना जूटमिल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी 1 अगस्त की दोपहर सहेली के घर जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी। परिजनों ने रिश्तेदारों व आसपास काफी खोजबीन की, किंतु बच्ची का कोई पता नहीं चला। परिजनों की आशंका पर थाना जूटमिल में अपराध क्रमांक 265/2025 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

जांच के दौरान परिजनों और सहेलियों से पूछताछ में संदेही दिलखुश दास (24 साल) से बालिका की बातचीत की जानकारी मिली। संदेही भी घर से गायब था। पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के निर्देश पर थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक प्रशांत राव ने टीम गठित कर तत्काल बिहार रवाना किया। पुलिस टीम ने बेगूसराय में दबिश देकर संदेही दिलखुश दास के कब्जे से बालिका को बरामद किया।

पता चला कि आरोपी दिलखुश दास जूटमिल क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर टाइल्स का काम करता था और पिछले डेढ़ साल से बालिका से बातचीत कर उसे झांसा दे रहा था। इसी बहाने उसने 1 अगस्त को बालिका को अपने साथ पहले बस और फिर ट्रेन से बेगूसराय, बिहार ले गया। पुलिस ने बालिका का कथन दर्ज कर चिकित्सकीय मुलाहिजा कराया और प्रकरण में धारा 87,64 (2) (एम) BNS और 6 पाक्सो एक्ट विस्तारित कर आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

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