ऑपरेशन शंखनाद की बड़ी सफलता : गौ-तस्करी का नेटवर्क बेनकाब, जशपुर पुलिस ने 1250 से ज्यादा गौ-वंश छुड़ाने के बाद जशपुर पुलिस ने गौ-तस्करों के चंगुल से और 06 गौ-वंश बचाए, मुख्य आरोपी को भेजा सलाखों के पीछे.

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 02 सितंबर 2025 को चौकी मनोरा पुलिस को मुखबीर से पुख़्ता सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम हाड़िकोना, नगरकोना जंगल के रास्ते ग्राम कोल्हू डीपा की ओर से होकर 5-6 गौ वंशों को बेरहमी पूर्वक मारते पीटते हुए, जल्दी-जल्दी हांककर झारखंड की ओर ले जा रहा है। जिस पर चौकी मनोरा पुलिस के द्वारा सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर पुलिस टीम के साथ रवाना होकर ग्राम कोल्हू डीपा जंगल में मुखबिर के बताए स्थान पर घेराबंदी कर छापा मारा गया। छापा मारी के दौरान पुलिस ने देखा कि एक व्यक्ति 06 नग गौ-वंशों को मारते पीटते हुए जल्दी-जल्दी हांककर ले जा रहे हैं, पुलिस के द्वारा उसे रोक कर तत्काल हिरासत में लिया गया।  

पुलिस की पूछताछ में आरोपी तस्कर ने अपना नाम अनिल एक्का, उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम धनिटोली, थाना आस्ता का रहने वाला बताया और बताया कि उक्त गौ-वंश गोविंदपुर (झारखंड) निवासी हासमीन नामक व्यक्ति का है, जिसके कहने पर ही वह गौ-वंशों को पैदल, गोविंदपुर झारखंड ले जा रहा था। पुलिस के द्वारा जब उसके पास से गौ-वंशों के संबंध में वैध दस्तावेजों की मांग की गई, तब उसके द्वारा पुलिस को कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका। जिस पर पुलिस के द्वारा आरोपी अनिल एक्का के कब्जे से सभी 06 नग गौ-वंशों को सकुशल बरामद कर लिया गया है। आरोपी तस्कर अनिल एक्का की निशानदेही पर पुलिस ने दूसरे तस्कर को भी चिन्हित कर लिया है। मामले में जांच जारी है व दूसरे तस्कर की भी पतासाजी की जा रही है, जिसे भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

प्रकरण में पुलिस के द्वारा आरोपियों के विरुद्ध चौकी मनोरा में छ.ग. कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1),(क)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है।

पुलिस के द्वारा कार्यवाही करते हुए आरोपी अनिल एक्का उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम धनी टोली, थाना आस्ता के द्वारा अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

प्रकरण की कार्यवाही व गौ-वंशों को सकुशल बरामद कर आरोपी की गिरफ्तारी में चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक दिनेश पुरैना, सहायक उपनिरीक्षक बाल कृष्णा भगत, आरक्षक जगजीवन यादव, आरक्षक रविन्द्र सिंह पैंकरा व आरक्षक भीखराम राम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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