जशपुर पुलिस की बड़ी कार्यवाही : फर्जी दस्तावेज से ठगी का खेल खत्म, कूटरचना कर वाहनों का फाइनेंस करने वाले फरार आरोपी जशपुर पुलिस द्वारा अंबिकापुर से गिरफ्तार, भेजा गया जेल.

आवेदक आशीष शर्मा उम्र 26 साल निवासी कोतबा ने चौकी में एक शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया था कि उसे दिनांक 12 अगस्त 2024 को कोरियर के माध्यम से एक आर.सी. बुक प्राप्त हुई। जिसमें वाहन का रजिस्ट्रेशन क्रमांक सीजी 29 एजी 1344 का रजिस्ट्रेशन दिनांक 06 फरवरी 2024 एवं चेचिस नंबर, इंजन नंबर इत्यादि अंकित है। उक्त वाहन को हिंदुजा लिलैंड फायनेंस कंपनी के द्वारा फायनेंस किया गया है। आवेदक एवं इसके परिवार के सदस्य के द्वारा किसी प्रकार का वाहन नहीं खरीदा गया है, न ही इसके द्वारा किसी प्रकार का मूल दस्तावेज दिया गया है। इसके द्वारा दस्तावेज की छायाप्रति को स्कूटी के डिक्की में रखा गया था, जिसे किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा दस्तावेज को चुराकर उसका दुरूपयोग करते हुये वाहन फायनेंस करा कर ठगी किया गया है। उक्त शिकायत पर पुलिस के द्वारा जांच करते हुए चौकी कोतबा में अपराध क्रमांक 124/24 धारा 420, 467, 468, 471, 379, 34 भा.द.वि. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

जांच विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया था कि मुख्य आरोपी शाहरूख खान उम्र 26 साल निवासी खोरमा थाना प्रतापपुर जिला सूरजपुर एवं वसीम खान उम्र 40 साल निवासी रसुलपुर अंबिकापुर के द्वारा, अन्य व्यक्तियों के दस्तावेजों को चुरा कर कूट रचना करते हुए, बुलेट कंपनी के शो रूम के मैनेजर आरोपी मनीष डेविड, निवासी तलवापारा, बैकुंठपुर के साथ मिल कर कूट रचना कर, फर्जी तरीके से दूसरे के नाम पर गाड़ी फाइनेंस करा लेते थे व उक्त गाड़ियों को बेच देते थे। पुलिस के द्वारा मामले में पूर्व में ही उक्त तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है व उनके कब्जे से 10 नग बुलेट वाहन एवं 01 नग स्कूटी को भी जप्त किया गया है।

उक्त आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस को पता चला था कि ठगी के मोटर साइकल की खरीद बिक्री में दो अन्य आरोपी क्रमशः 1. वज्जाद अली उर्फ सोनू खान, उम्र 29 वर्ष, 2. शोएब जाफ़र, उम्र 37 वर्ष, दोनों निवासी सदर रोड, बरेज पारा, कदम्बी चौक, अंबिकापुर, जिला सरगुजा (छग) की भी संलिप्तता है, जो कि फरार थे। पुलिस के द्वारा लगातार उनकी पता साजी की जा रही थी, जिसके लिए पुलिस की मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए पुलिस की टेक्निकल टीम की भी मदद ली जा रही थी। अंततः पुलिस ने टेक्निकल टीम की मदद से उक्त दोनों ठगी की मोटर सायकल की खरीद बिक्री करने वाले आरोपियों को अंबिकापुर से हिरासत में लेकर वापस लाया गया।

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