वाहन फाइनेंस फ्रॉड का खुलासा : फर्जी आरसी (RC) से बुलेट फाइनेंस कर बेचते थे वाहन, जशपुर पुलिस ने किया गैंग का भंडाफोड़, पहले ही 10 बुलेट और 1 स्कूटी जब्त, जशपुर पुलिस ने पकड़े फरार आरोपी, गिरफ्तार कर भेजा जेल.
मामले से जुड़े अन्य आरोपियों क्रमशः बुलेट शोरूम मैनेजर मनीष डेविड, मुख्य आरोपी शाहरुख खान व वसीम अकरम को पुलिस पूर्व में गिरफ्तार कर भेज चुकी है जेल.
शो रूम मैनेजर मनीष डेविड, मुख्य आरोपी शाहरूख खान व वसीम अकरम, चुराए गए दस्तावेज एवं अन्य डाटा प्राप्त कर कूटरचना कर वाहनों का कराते थे फायनेंस, फिर बेच देते थे वाहनों को.
पूर्व में जशपुर पुलिस के द्वारा उक्त आरोपियों से 10 बुलेट एवं 01 स्कूटी वाहन को किया जा चुका है जप्त.
आरोपियों के विरुद्ध चौकी कोतबा में धारा 420, 467, 468, 471, 379, 411व 34 भा.द.वि. का अपराध पंजीबद्ध.
गिरफ्तार दोनों आरोपी शोएब जाफ़र व वज्जाद अली ने खरीदा था, उक्त आरोपियों से ठगी की मोटर साइकल, फिर बेच दी थी किसी और को.
पुलिस कर रही थी लगातार तलाश, अंततः आए पुलिस की गिरफ्त में,
गिरफ्तार आरोपी – 1. वज्जाद अली उर्फ सोनू खान, उम्र 29 वर्ष, 2. शोएब जाफ़र, उम्र 37 वर्ष दोनों निवासी सदर रोड, बरेज पारा, कदम्बी चौक, अंबिकापुर, जिला सरगुजा (छग).
जशपुर. 08 सितंबर 2025 : जशपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए वाहन फाइनेंस धोखाधड़ी में शामिल दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बुलेट और अन्य वाहनों का फाइनेंस कर उन्हें बेचते थे। पुलिस की इस कार्रवाई से अब तक 10 बुलेट और 1 स्कूटी जब्त की जा चुकी है।
आवेदक आशीष शर्मा उम्र 26 साल निवासी कोतबा ने चौकी में एक शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया था कि उसे दिनांक 12 अगस्त 2024 को कोरियर के माध्यम से एक आर.सी. बुक प्राप्त हुई। जिसमें वाहन का रजिस्ट्रेशन क्रमांक सीजी 29 एजी 1344 का रजिस्ट्रेशन दिनांक 06 फरवरी 2024 एवं चेचिस नंबर, इंजन नंबर इत्यादि अंकित है। उक्त वाहन को हिंदुजा लिलैंड फायनेंस कंपनी के द्वारा फायनेंस किया गया है। आवेदक एवं इसके परिवार के सदस्य के द्वारा किसी प्रकार का वाहन नहीं खरीदा गया है, न ही इसके द्वारा किसी प्रकार का मूल दस्तावेज दिया गया है। इसके द्वारा दस्तावेज की छायाप्रति को स्कूटी के डिक्की में रखा गया था, जिसे किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा दस्तावेज को चुराकर उसका दुरूपयोग करते हुये वाहन फायनेंस करा कर ठगी किया गया है। उक्त शिकायत पर पुलिस के द्वारा जांच करते हुए चौकी कोतबा में अपराध क्रमांक 124/24 धारा 420, 467, 468, 471, 379, 34 भा.द.वि. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
जांच विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया था कि मुख्य आरोपी शाहरूख खान उम्र 26 साल निवासी खोरमा थाना प्रतापपुर जिला सूरजपुर एवं वसीम खान उम्र 40 साल निवासी रसुलपुर अंबिकापुर के द्वारा, अन्य व्यक्तियों के दस्तावेजों को चुरा कर कूट रचना करते हुए, बुलेट कंपनी के शो रूम के मैनेजर आरोपी मनीष डेविड, निवासी तलवापारा, बैकुंठपुर के साथ मिल कर कूट रचना कर, फर्जी तरीके से दूसरे के नाम पर गाड़ी फाइनेंस करा लेते थे व उक्त गाड़ियों को बेच देते थे। पुलिस के द्वारा मामले में पूर्व में ही उक्त तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है व उनके कब्जे से 10 नग बुलेट वाहन एवं 01 नग स्कूटी को भी जप्त किया गया है।
उक्त आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस को पता चला था कि ठगी के मोटर साइकल की खरीद बिक्री में दो अन्य आरोपी क्रमशः 1. वज्जाद अली उर्फ सोनू खान, उम्र 29 वर्ष, 2. शोएब जाफ़र, उम्र 37 वर्ष, दोनों निवासी सदर रोड, बरेज पारा, कदम्बी चौक, अंबिकापुर, जिला सरगुजा (छग) की भी संलिप्तता है, जो कि फरार थे। पुलिस के द्वारा लगातार उनकी पता साजी की जा रही थी, जिसके लिए पुलिस की मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए पुलिस की टेक्निकल टीम की भी मदद ली जा रही थी। अंततः पुलिस ने टेक्निकल टीम की मदद से उक्त दोनों ठगी की मोटर सायकल की खरीद बिक्री करने वाले आरोपियों को अंबिकापुर से हिरासत में लेकर वापस लाया गया।
पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों के द्वारा अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। इस प्रकरण की कार्यवाही में चौकी प्रभारी कोतबा उपनिरीक्षक बृजेश यादव, प्रधान आरक्षक अजय खेस, आरक्षक अभय चौबे, आरक्षक बूटा सिंह, आरक्षक अमित साय व आरक्षक दीपक टोप्पो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
प्रकरण के बारे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि चौकी कोतबा क्षेत्रांतर्गत मामले में दस्तावेजों से कूट रचना कर, गाड़ी फाइनेंस कर, खरीद बिक्री के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, मामले में संलिप्त तीन आरोपियों को पुलिस पूर्व में जेल भेज चुकी है।
