पुलिस ने ग्रामीणों के लिखित आवेदन पर अपराध क्रमांक 191/25 धारा 126(2), 189(2), 190, 191(2) बी.एन.एस. का अपराध दर्ज किया है.
जशपुर. 08 सितंबर 2025 : जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जुरूडांड में 02 सितंबर 2025 की रात गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस ने कहा कि पूरे मामले में कानून और प्रक्रिया का पालन किया गया है तथा किसी भी महिला को सूर्यास्त के बाद गिरफ्तार नहीं किया गया। एफआईआर भी पुलिस ने अपनी ओर से नहीं, बल्कि ग्रामीणों की लिखित शिकायत पर दर्ज की है।
दिनांक 02 सितंबर 2025 की रात्रि लगभग 11:00 बजे थाना बगीचा क्षेत्र के ग्राम जुरूडांड में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान घटित दुर्भाग्यपूर्ण घटना में पुलिस ने जो भी कार्यवाही की है, वह नियम, कानून एवं प्रक्रिया का पालन करते हुये की है। पुलिस ने किसी भी महिला को सूर्यास्त के बाद गिरफ्तार नहीं किया है, पुलिस विधिक प्रक्रिया से भलिभांति परिचित है।
घटना दिनांक को प्रतिबंधात्मक धाराओं के अंतर्गत कुल 06 पुरूष व्यक्तियों के विरूद्ध गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई, इन सभी को जमानत मुचलका पर छोड़ा गया है, इनमें एक भी महिला नहीं है। कुछ महिला पदाधिकारी गिरफ्तारी के समय में पुलिस के मना करने के बाद भी बस में बैठ कर थाने तक आई, इस दौरान बस में महिला पुलिस अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक बैजन्ती किण्डो भी साथ में थी। थाने में आने के बाद उन्हें नियम से अवगत कराया गया कि रात में महिलाओं को थाने में नहीं लाया जाता है तो उनका कहना था कि हम जनप्रतिनिधि हैं। कहीं भी, किसी भी समय आ-जा सकते हैं। इस बात को लेकर पुलिस द्वारा बकायदा थाना के रोजनामचा सान्हा में रिपोर्ट दर्ज किया गया है। पुलिस ने जो भी कार्यवाही की है वह नियम, कानून प्रक्रियाओं का पालन करते हुये की है।
घटना के दो दिन बाद पुलिस द्वारा जो एफ.आई.आर. दर्ज किया गया है उसमें पुलिस ने अपने तरफ से एफ.आई.आर. न कर ग्रामीणों के द्वारा लिखित में आवेदन देने पर एफ.आई.आर. किया है, आवेदन में उन्होंने बताया है कि चक्का-जाम होने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। पुलिस ने उनके लिखित आवेदन पर अपराध क्रमांक 191/25 धारा 126(2), 189(2), 190, 191(2) बी.एन.एस. का अपराध दर्ज किया है।
जशपुर एसएसपी शशि मोहन ने कहा है कि – उक्त मामले में पुलिस ने जो भी कार्यवाही की है, वह नियम कानून एवं विधिक प्रक्रियाओं के अंतर्गत की है, एफ.आई.आर भी ग्रामीणों की लिखित शिकायत के बाद दर्ज किया गया है।
