ऑपरेशन अंकुश में सफलता : नकली सोना, 30 लाख की ठगी और पाँच साल की फरारी का अंत, नकली सोना दिखाकर तीस लाख ठगने वाला आरोपी मनेन्द्रगढ़ से किया गया गिरफ्तार, न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया जेल.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के द्वारा पुराने मामलों में फरार चल रहे आरोपियों की धर-पकड़ हेतु ऑपरेशन अंकुश चलाया जा रहा है। इस कार्य के लिये विशेष टीम बनाई गई है एवं सायबर सेल को भी सम्मिलित किया गया है। इसके तहत थाना बगीचा क्षेत्रांतर्गत रिटायर्ड कर्मचारी से 30 लाख रूपये ठगी के मामले में वर्ष 2020 से फरार चल रहे आरोपी अशोक बंजारे को मनेन्द्रगढ़ से पकड़ने में जशपुर पुलिस को सफलता मिली है।

प्रकरण के विषय में मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 03 जून 2020 को बगीचा थाना क्षेत्र के एक ग्राम की निवासी 58 वर्षीय प्रार्थिया ने थाना बगीचा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि खेत में टॉवर लगवाने के नाम पर उनके घर में अनुप सोनी उर्फ विजय सूर्यवंशी, विनोद सूर्यवंशी एवं अशोक बंजारे आये थे, इसी दौरान उनका परिचय हुआ था। इनके द्वारा प्रार्थिया एवं उसके पति का विश्वास जीतने के बाद प्रार्थिया तथा उसके पति के विरूद्ध आपराधिक षड़यंत्र रचते हुये नकली सोना को असली बताकर पति के रिटायरमेंट के बाद मिले 30 लाख रूपये को उपरोक्त आरोपीगण ठगी कर ले गये तथा एक टीन का डिब्बा में लोहे का टुकड़ा को रख कर उसे सोना का बता कर दे दिये, जिसको बाद में खोलकर देखने बोल कर वे वहां से भाग गये। प्रार्थिया की उक्त रिपोर्ट पर आरोपियों के विरूद्ध धारा 420, 120 (बी) भा.द.वि. का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

प्रकरण की विवेचना के दौरान पतासाजी कर वर्ष 2021 में मुख्य आरोपी अनूप सोनी को पटना जिला कोरिया से गिरफ्तार किया गया, उक्त आरोपी ने अपने सहयोगियों अशोक बंजारे एवं विनोद सूर्यवंशी के साथ मिलकर उक्त ठगी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया बताया। अन्य आरोपी विनोद सूर्यवंशी की पिछले साल रोड एक्सीडेंट में मृत्यू होने की जानकारी मिली है, इसकी बारीकी से तस्दीक की जा रही।

आरोपी अशोक बंजारे के मनेन्द्रगढ़ में होने की जानकारी मिलने पर अविलंब पुलिस टीम को गिरफ्तारी हेतु भेजा गया, टीम द्वारा दबिश देकर घेराबंदी कर आरोपी अशोक बंजारे को अभिरक्षा में लेकर थाना बगीचा लाया गया। पूछताछ में आरोपी ने ठगी की रकम को आपस में बांट लेना एवं सरपंच चुनाव एवं घरेलू उपयोग में खर्च कर देना बताया। आरोपी के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने पर उसे दिनांक 09 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।  

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