ऑपरेशन मुस्कान में 14 दिन की तलाश का अंत : पुलिस का बड़ा खुलासा, जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान में यूपी से बचाई नाबालिग बच्ची, जशपुर में गुम हुई 14 साल की बच्ची उत्तर प्रदेश से सकुशल बरामद.

जशपुर. 11 सितंबर 2025 : छत्तीसगढ़ पुलिस के ऑपरेशन मुस्कान के तहत जशपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना बगीचा क्षेत्र से गुम हुई 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपिया चन्द्रमुनि बाई (30 वर्ष) को गिरफ्तार किया है, जिसने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई थी। पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता से परिजनों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है।

प्रकरण के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 19 अगस्त 2025 को थाना बगीचा क्षेत्रांतर्गत एक ग्राम के प्रार्थी ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 17 अगस्त 2025 की शाम करीबन 07:00 बजे  उसकी 14 वर्षीय नाबालिग बहन घर में खाना खाकर, आरोपिया चन्द्र मुनि बाई के यहां सोने जा रही हूं, कहकर घर से निकली थी, जो कि 18.08.25 के शाम तक वापस नहीं लौटी, तब उसके द्वारा आरोपिया चन्द्र मुनि बाई के घर जाकर पतासाजी की गई, परंतु वहां न चन्द्र मुनि बाई थी, न ही उसकी 14 वर्षीय नाबालिग बहन थी, उसे संदेह है कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग बहन को आरोपिया चंद्र मुनि बाई अपने साथ बहला फुसलाकर कर ले गई है।

चूंकि मामला नाबालिग बच्ची से संबंधित था अतः मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने  बच्ची की पतासाजी हेतु पुलिस की विशेष टीम बनाई थी। जिनके द्वारा मुखबिरी तंत्र, टेक्निकल टीम व परिजनों के सहयोग से पतासाजी हेतु प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि उक्त मामले की आरोपिया चंद्रमुनि बाई, ग्राम अर्दा, थाना रुधौरी, जिला बस्ती (उत्तरप्रदेश) में एक फार्म हाउस में काम करती है व उसके साथ 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची भी है। जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर पुलिस टीम के द्वारा तत्काल उत्तरप्रदेश जाकर ग्राम अर्दा से आरोपिया चंद्र मुनि बाई उम्र 30 वर्ष को हिरासत में लिया गया व उसके कब्जे से नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब किया गया। नाबालिग बालिका के साथ किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। बालिका को पुलिस ने सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

पूछताछ में आरोपिया के द्वारा अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

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