जूटमिल पुलिस द्वारा इस्तगासा क्रमांक 192/2025, 193/2025 और 194/2025 में आरोपियों के विरुद्ध धारा 170, 126, 135(3) बीएनएसएस के अंतर्गत की गई कार्यवाही.
रायगढ़. 11 सितंबर 2025 : रायगढ़ जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जूटमिल पुलिस लगातार सक्रिय है। पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अलग-अलग मामलों में झगड़ा–विवाद और हंगामा करने वाले पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इन पर धारा 170, 126 और 135(3) बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन पर शांति व्यवस्था में बिगाड़ने वालों पर जूटमिल पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए अलग-अलग तीन मामलों में पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार कर धारा 170 बीएनएसएस के अंतर्गत न्यायालय पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया।
पहला मामला एफसीआई गोदाम क्षेत्र का है, जहां गोविंदा सिंह पिता मदन सिंह उम्र 30 वर्ष निवासी अपने मोहल्ले के एक व्यक्ति से बीते 26 अगस्त को झगड़ा-विवाद किया था। आज शिकायत जांच करने पहुंचे पुलिस स्टॉफ के सामने ही गोविंदा ने गाली-गलौज कर गवाहों को धमकी दी और झगड़े पर उतारू हो गया। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर थाने लाया।
दूसरा मामला छातामुड़ा चौक का है, जहां फेरीवाले तीन युवक – शाहीन खान पिता अनिस खान उम्र 30 वर्ष, राजिन खान पिता लतीफ खान उम्र 27 वर्ष और आरिफ खान पिता सूरज खान उम्र 19 वर्ष, निवासी खडेराभान थाना सानोदा जिला सागर (मध्यप्रदेश) हाल मुकाम मिनीमाता चौक धर्मशाला रायगढ़ – द्वारा रहवासियों के पूछताछ किये जाने पर हंगामा किया गया और पुलिस की समझाइश पर भी नहीं माने, पेट्रोलिंग टीम द्वारा तीनों को पकड़ कर थाने लाया गया।
तीसरा मामला सोनूमुडा काली मंदिर के पास का है, कल रात्रि बलराम साहू पिता स्व. जगमोहन साहू उम्र 26 वर्ष शराब के नशे में मोहल्लेवासी के साथ गाली-गलौज कर रहा था। शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची जिनके समक्ष बलराम साहू कौन मेरे खिलाफ झूठा शिकायत किया है ? कहकर मोहल्लेवासियों को धमकी देने लगा, जिसे हिरासत में लेकर थाने लाया गया।
जूटमिल पुलिस द्वारा शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए अनावेदकों को गिरफ्तार कर इस्तगासा क्रमांक 192/2025, 193/2025 और 194/2025 उनके विरुद्ध धारा 170, 126, 135(3) बीएनएसएस के अंतर्गत कार्यवाही की और एसडीएम न्यायालय में पेश कर जेल दाखिल कराया गया।
इस प्रकरण की सम्पूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव, प्रधान आरक्षक रामनाथ बनर्जी, आरक्षक धनेश्वर उरांव और आरक्षक जितेश्वर चौहान की सक्रिय भूमिका रही है।
