साइबर अपराध से बचने, जशपुर पुलिस ने चलाया, दुलदुला, कुनकुरी व कांसाबेल क्षेत्र में, जागरूकता अभियान.
ऑपरेशन “क्लिक सेफ” के माध्यम से जशपुर पुलिस गांव के हाटों-बाजारों, स्कूल, चौपालों तक बना रही है पहुंच.
तैयार साइबर योद्धा समाज के विभिन्न लोगों तक, सोशल मीडिया के अलावा डायरेक्ट बना रहे हैं पहुंच, कर रहे हैं सायबर अपराध के संबंध में जागरूक.
किसी भी प्रकार की सायबर ठगी या अन्य साइबर अपराध होने पर, तत्काल करें पुलिस को सूचित, हेल्पलाइन नंबर 1930 में कॉल करके भी कर सकते हैं, शिकायत दर्ज.
जशपुर. 28 सितंबर 2025 : जशपुर, 28 सितंबर 2025। बढ़ते साइबर अपराधों पर नियंत्रण और आम जनता को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस ने “ऑपरेशन क्लिक सेफ” अभियान शुरू किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में दुलदुला, कुनकुरी और कांसाबेल क्षेत्र में आयोजित इस अभियान के तहत पुलिस टीम और प्रशिक्षित साइबर योद्धा गांव-गांव जाकर नागरिकों को साइबर ठगी, फेक लिंक, ओटीपी शेयरिंग और ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के उपाय बता रहे हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें और सावधानी ही सुरक्षा का मूल मंत्र अपनाएँ।
चूंकि वर्तमान समय में सायबर अपराधों के प्रकरण लगातार बढ़ रहे हैं, जिसमें से अधिकांश प्रकरणों में जागरूकता की कमी के कारण आम नागरिक, साइबर अपराधियों के झांसे में आकर ठगी का शिकार हो जाते हैं। जिसको लेकर जशपुर पुलिस अत्यंत संवेदनशील है व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में लगातार आम नागरिकों को जागरूक करने का प्रयास कर रही है। जशपुर पुलिस के द्वारा, पूर्व में यूनिसेफ के साथ मिलकर 200 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित कर, साइबर योद्धा तैयार किया गया है, जिनके द्वारा ग्रामों/शहरों में भ्रमण कर, लोगों के मध्य जाकर साइबर सुरक्षा के संबंध में आम नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है, साथ ही जशपुर पुलिस की टीम के द्वारा भी ग्रामों में, आम नागरिकों के मध्य जाकर, सायबर अपराध व उसके बचाव के सम्बन्ध में लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

इसी क्रम में जशपुर पुलिस के द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर के दिशा निर्देश पर, दिनांक 27 सितंबर 2025 को कुनकुरी, दुलदुला व थाना कांसाबेल क्षेत्रांतर्गत ग्राम बटाईकेला में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस के द्वारा लोगों को जागरूक करते हुए बताया गया कि वर्तमान परिपेक्ष्य में किस प्रकार मोबाइल फोन की लत एवं उसका गलत उपयोग, जीवन को प्रभावित कर रहा है, पुलिस के द्वारा अपने सोशल मीडिया से संबंधित अपराधों के सम्बन्ध में भी जागरूक किया गया, साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक, इंस्टाग्राम इत्यादि का उपयोग करते समय, फ्रेंड रिक्वेस्ट को साझा या स्वीकार करते समय, अच्छी तरह से जांच पड़ताल करने हेतु समझाइश दी गई। पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग, अंजान लिंक व ओटीपी शेयरिंग से जुड़े साइबर फ्रॉड के खतरों के संबंध में भी लोगों को अवगत कराया गया।
पुलिस के द्वारा APK फाइल से होने वाली, मोबाइल हैकिंग/फ्रॉड के संबंध में जानकारी देकर, ऐसे फाइल को डाउनलोड करने से बचने, इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग, मजबूत पासवर्ड रखने, व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया गया।
साथ ही पुलिस के द्वारा आम नागरिकों से अपील भी की गई कि किसी भी प्रकार साइबर अपराध की स्थिति में तत्कात पुलिस को सूचित करें व सायबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर कॉल करके या www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं तथा निम्न निर्देशों का पालन कर साइबर फ्रॉड से बचा जा सकता है –
किसी भी संदिग्ध लिंक, अनजान ईमेल या कॉल पर क्लिक न करें और कोई जानकारी साझा न करें।
विश्वसनीय और सुरक्षित वेबसाइट्स का ही इस्तेमाल करें, जिनके URL में ‘https’ हो और ताले का निशान दिखे।
अपने ऑनलाइन खातों में दो-कारक प्रमाणीकरण (2FA) सक्षम करें।
मजबूत और आसान से अनुमानित न हो पाने वाले पासवर्ड बनाएं और नियमित रूप से बदलें।
सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क पर संवेदनशील लेन-देन न करें।
व्यक्तिगत जानकारी जैसे मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, आधार नंबर, बैंक डिटेल्स सोशल मीडिया या संदिग्ध वेबसाइट पर शेयर न करें।
समय-समय पर अपने डिवाइस और ऐप्स को अपडेट रखें ताकि सुरक्षा बनी रहे।
ऑनलाइन लेन-देन और लॉगिन गतिविधियों की नोटिफिकेशन निगरानी करें।
किसी भी अनजान कॉल या मैसेज में OTP कभी साझा न करें क्योंकि असली बैंक ऐसी मांग नहीं करता।
प्रकरण के बारे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने कहा कि पुलिस के द्वारा नागरिकों के मध्य जाकर, साइबर क्राइम के संबंध में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पुलिस ने साइबर योद्धा भी तैयार किए हैं, जो कि नागरिकों को जागरूक कर रहे हैं। जागरूकता से ही साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।
