आपसी विवाद में गमछा से गला घोंटकर की गई थी हत्या, पुलिस जांच, एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की सूझबूझ से खुला राज.
तमनार थाना में आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 226/2025 धारा 103(1) बीएनएस किया गया पंजीबद्ध.
रायगढ़. 3 अक्टूबर 2025 : तमनार थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सिर्फ़ 24 घंटे में सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मृतक सुखमन निषाद (47 वर्ष) का शव खुदरीखार ब्रिक्स प्लांट के पास मिला था, जिसके गले में गमछा लिपटा था और नाक-मुंह से खून निकल रहा था। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के निर्देशन और साइबर सेल डीएसपी अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर ने जांच शुरू की। एफएसएल टीम व डॉग स्क्वॉड की मदद से पुलिस ने संदेही दशरथ राठिया (47 वर्ष) निवासी खुदरीखार तमनार को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें आरोपी ने आपसी विवाद के चलते गमछा से गला घोंटकर हत्या करने की बात कबूल की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 226/2025 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
तमनार थाना क्षेत्र के खुदरीखार ब्रिक्स प्लांट के पास मिले शव की गुत्थी को तमनार पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन और साइबर सेल डीएसपी अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन थाना प्रभारी निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर ने हत्या के आरोपी दशरथ राठिया पिता कुमार राठिया उम्र 47 वर्ष निवासी खुदरीखार तमनार को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा है।
मिली जानकारी के अनुसार 1 अक्टूबर की सुबह सुखमन निषाद पिता स्व. बेडाराम उम्र 47 वर्ष निवासी कुंजेमुरा मवेशी चराने निकला था, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटा। जब ग्रामीणों ने उसकी तलाश की तो आरोपी दशरथ राठिया के घर के पीछे महुआ पेड़ के नीचे उसका शव पड़ा मिला, जिसके नाक और मुंह से खून निकल रहा था तथा गले में गमछा लिपटा हुआ था। मृतक के भाई शिवचरण निषाद ने 2 अक्टूबर को थाना तमनार में पुलिस को सूचना दी और हत्या की आशंका जताई। पुलिस ने तत्काल मर्ग कायम कर जांच शुरू की और एफएसएल टीम व डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया। पुलिस डॉग ने भी संदेही दशरथ राठिया की ओर इशारा किया।
थाना प्रभारी कमला पुसाम ठाकुर द्वारा की जा रही जांच में सामने आया कि मृतक सुखमन निषाद का आरोपी दशरथ राठिया से परिचय था, दोनों साथ में नशापान भी करते थे और सब्जी की खेती में साझेदारी कर रहे थे। घटना के संबंध में पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि आपसी विवाद के चलते उसने गमछे से गला घोंटकर सुखमन निषाद की हत्या की। इस आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 226/2025 धारा 103(1) बीएनएस पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया।
हत्या का शीघ्र पटाक्षेप करने में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन और साइबर सेल डीएसपी अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन के साथ थाना प्रभारी निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर, प्रधान आरक्षक हेम प्रकाश सोन, प्रधान आरक्षक बनारसी सिदार, आरक्षक पुष्पेंद्र सिदार, आरक्षक अमरदीप एक्का, आरक्षक शशि भूषण उरांव, आरक्षक डोल नारायण सिदार और आरक्षक संजय नेताम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
