देशभक्ति की गूंज से गूंजा दोकड़ा : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन पर नगरवासियों ने बरसाए फूल, संघ के स्वयंसेवकों का अनुशासन देख भावुक हुए नगरवासी, पूर्व सैनिक ने कहा – राष्ट्रसेवा ही सर्वोच्च साधना.

कार्यक्रम का शुभारंभ मंगल भवन से हुआ और पूरा संचलन श्री जगन्नाथ मंदिर होकर मुख्य चौक चौराहे होकर गुजरा, जहां पथ संचलन कर रहे राष्ट्रीय स्वयं सेवक को फूल बरसा कर स्वागत किया गया। संचलन में मुख्य अतिथि के रूप में नैनसुख राम भगत, पूर्व सैनिक उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि “देश सेवा का सर्वोच्च माध्यम संघ कार्य है, जो व्यक्ति राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव से कार्य करता है वही सच्चा सेवक कहलाता है।”

मुख्य वक्ता के रूप में श्री नारायण नामदेव ने संबोधित करते हुए कहा कि “संघ के कार्यों के माध्यम से समाज में संगठन, अनुशासन और सेवा की भावना का विकास होता है।” उन्होंने संघ के सेवाकार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि संघ वर्षों से सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा कि संघ जीवन भर सीखने और समाज के लिए कुछ करने की भावना सिखाता है। कार्यक्रम के अंत में सामाजिक समरसता, स्वदेशी अभियान, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों पर विशेष चर्चा की गई। इस अवसर पर नगर के अनेक स्वयंसेवक, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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