सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय में साइबर सुरक्षा एवं महिला सुरक्षा सम्बन्धी जागरूकता कार्यक्रम किया गया आयोजित.
अंबिकापुर : डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और महिलाओं से जुड़ी ऑनलाइन चुनौतियों को देखते हुए सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय में सरगुजा पुलिस द्वारा साइबर सुरक्षा एवं महिला सुरक्षा विषयक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डिजिटल सतर्कता, ऑनलाइन ठगी से बचाव, महिला हेल्पलाइन और साइबर रिपोर्टिंग प्रक्रिया की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल रूप से सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनाना था।
छात्र छात्राओं के विधिक अधिकारों, यातायात नियमों की जानकारी, साइबर अपराध एवं सुरक्षा, नवीन क़ानून संहिता एवं महिलाओं से सम्बंधित अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान कर छात्र-छात्राओं को जागरूक करने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन में पुलिस टीम को स्कूल कॉलेज में छात्राओं के बीच पहुंच कर कार्यक्रम का आयोजन कर जागरूकता उत्पन्न करने हेतु निर्देशित किया गया है। इसी क्रम में साइबर वालेंटियर एवं महिला पुलिस स्टॉफ द्वारा सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय में साइबर सुरक्षा, यातायात जागरूकता एवं महिला सुरक्षा सम्बन्धी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित साइबर वॉलंटियर एवं पुलिस मितान अतुल गुप्ता ने विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, फिशिंग लिंक, ओटीपी शेयरिंग, लोन एप्स, गेमिंग और बेटिंग साइट्स, हनी ट्रैप तथा फर्जी कॉल्स के माध्यम से अनेक लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। किसी भी प्रकार की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या साइबर ठगी की शिकायत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, पोर्टल www.cybercrime.gov.in, या संचार साथी पोर्टल (www.sancharsaathi.gov.in) पर दर्ज कराई जा सकती है। साथ ही कार्यक्रम के दौरान महिला हेल्पलाइन नंबर 181, डायल 112, एवं अभिव्यक्ति मोबाइल एप के उपयोग की जानकारी भी दी गई।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया की वास्तविक चुनौतियों की जानकारी मिलती है और वे सतर्क नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ते हैं, कार्यक्रम में सम्मिलित महिला थाना अंबिकापुर से महिला आरक्षक सविता मरावी एवं लोरेता एक्का ने छात्राओं को महिलाओं से संबंधित साइबर अपराधों, ऑनलाइन उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग, तथा फर्जी प्रोफाइल से सम्बंधित अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक ऑनलाइन घटना की रिपोर्ट करने में हिचकिचाना नहीं चाहिए, सरगुजा पुलिस उक्त मामलों पर त्वरित संज्ञान लेकर कार्यवाही करती है।
विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से जुड़े कई वास्तविक उदाहरणों और केस स्टडीज़ के माध्यम से जागरूक किया गया। छात्र छात्राओं को बताया गया कि कोई भी संदिग्ध संदेश, लिंक या कॉल प्राप्त होने पर तुरंत रिपोर्ट करें और किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी न दें। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा प्रतिज्ञा दिलाई गई कि वे स्वयं एवं अपने परिवार को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास करेंगे और समाज में जागरूकता फैलाएँगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक उपाय सिखाना तथा महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाना था।
कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी (रा.से.यो.) रानी रजक, सहायक कार्यक्रम अधिकारी सीमा बंजारे एवं शिक्षण स्टॉफ — मिथलेश कुमार गुर्जर, उर्मिला यादव, सुप्रिया सिंह, सविता यादव, पूजा रानी, ज्योत्सना राजभर, अर्चना सोनवानी, गोल्डन सिंह, अजीत सिंह परिहार, नितेश कुमार यादव, महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ, एन.एस.एस. स्वयंसेवक एवं शिक्षण स्टॉफ सहित साइबर वॉलंटियर टीम से विक्की गुप्ता, श्रुति तिवारी एवँ अनमोल बारी उपस्थित रहे।
