जशपुर : उद्यान विभाग के सहायक संचालक से प्राप्त जानकारी के अनुसार जशपुर जिले में अन्य जिले की अपेक्षा अधिक वर्षा लम्बे अवधि में होने से जिले में लगे टमाटर फसल को आंशिक रूप से 10-15 प्रतिशत नुकशान हुआ है अधिक वर्षा के कारण टमाटर फसल में बैक्टिरियल ब्लाईट नामक रोग लगने से फलों में 10-15 प्रतिशत काले धब्बे बनें है। उक्त रोग के रोकथाम हेतु कृषकों को फफूंद नाशक दवाई स्ट्रेप्टोमाईसिन, कायेंडाजिम एवं मेनकोजेब का स्प्रे करने हेतु सलाह दी गई है। अब जो नये फल लगेंगे उनमें इस प्रकार की समस्या नहीं होगी।
जशपुर जिले में टमाटर की गुणवत्ता एवं आपूर्ति सामान्य है, टमाटर का विक्रय स्थानीय बाजार के साथ-साथ बाहर के मंडियों में भी विक्रय किया जा रहा है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जशपुर जिले में उत्पादित टमाटर अन्य राज्य यथा पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखण्ड एवं उड़िसा भेजा जा रहा है। जिले में बाहरी टमाटर की निर्भरता नहीं के बराबर है साथ ही जिले के सब्जी व्यपारियों द्वारा प्रत्येक वर्ष जिस राज्य में टमाटर सस्ते दरों पर मिलती है (बैंगलोर आदि) वहां से मंगाकर अन्य राज्यों में जहां मांग ज्यादा रहती है की पूर्ति भी किया जाता है।
पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी जिले में उत्पादित टमाटर स्थानीय बाजार में आवक 15 सितम्बर से आना प्रारम्भ हो गया है। चूंकि फसल लगना एवं उत्पादन होना निरंतर प्रक्रिया है। वास्तविक स्थिति यह है कि जिले के अधिकांश क्षेत्रों में टमाटर उत्पादन संतोषजनक एवं विपणन योग्य अवस्था में है।
