साइबर अपराधों के विरूद्ध पुलिस का जनजागरूकता अभियान : “सावधानी ही सुरक्षा है” — रायगढ़ पुलिस ने साइबर अपराधों के विरूद्ध दिया जागरूकता संदेश ! ऑनलाइन ठगी से अब जनता होगी अलर्ट, रायगढ़ पुलिस के साइबर योद्धा पहुँचे गांव-गांव.

रायगढ़ : रायगढ़ पुलिस ने पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के मार्गदर्शन में साइबर अपराधों के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। अभियान के अंतर्गत अधिकारी वार्डों, स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर नागरिकों को डिजिटल ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराधों और ऑनलाइन सुरक्षा उपायों की जानकारी दे रहे हैं। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी साइबर जागरूकता संदेश प्रसारित कर रही है, जिससे आमजन सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपना सकें।

पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के मार्गदर्शन में जिले भर में साइबर अपराधों के विरुद्ध विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पुलिस अधिकारी निरंतर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जाकर लोगों को डिजिटल ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराधों और ऑनलाइन सुरक्षा के उपायों की जानकारी दे रहे हैं। साथ ही प्रतिदिन रायगढ़ पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक, इंस्टाग्राम से प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों के साइबर जागरूकता संदेश भी प्रसारित किये जा रहे हैं।

कल शाम थाना कोतवाली क्षेत्र के कोष्टापारा स्थित देवांगन धर्मशाला में नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा एवं सीएसपी साइबर सेल श्री अनिल विश्वकर्मा के नेतृत्व में साइबर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने वार्डवासियों को बताया कि साइबर अपराधी फर्जी लिंक, ऑफर या कॉल के माध्यम से ठगी करते हैं, इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और ओटीपी, बैंकिंग विवरण या व्यक्तिगत जानकारी किसी को साझा न करें। उन्होंने यह भी बताया कि किसी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।

इसी क्रम में आज एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल के नेतृत्व में ग्राम सेन्द्रीपाली में जनचौपाल आयोजित की गई। चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के साथ-साथ एसडीओपी ने उन्हें साइबर अपराधों से बचाव के सरल उपाय बताए और कहा कि जागरूकता ही इन अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

थाना जूटमिल क्षेत्र में निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में वार्ड क्रमांक 34 सराईभद्दर में साइबर जनजागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में निरीक्षक प्रशांत राव तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह ने उपस्थित नागरिकों को साइबर अपराधियों की नई ठगी तकनीकों के बारे में बताया। उन्होंने भारत सरकार द्वारा विकसित संचार साथी ऐप की जानकारी देते हुए कहा कि इस ऐप के माध्यम से संदिग्ध नंबर, कॉल या ठगी से संबंधित जानकारी तुरंत दर्ज की जा सकती है। साथ ही उन्होंने नागरिकों को मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई ट्रांजेक्शन करते समय अत्यधिक सतर्क रहने तथा बच्चों को बैंकिंग ऐप्स से दूर रखने की सलाह दी।

चक्रधरनगर पुलिस द्वारा बोइरदादर आईटीआई कॉलोनी में भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने वार्डवासियों को साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए और जागरूकता संबंधी पंपलेट का वितरण कर उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की अपील की।

साइबर अपराधों से बचाव के लिए पुलिस की अपील –

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक, ऑफर या अज्ञात कॉल पर विश्वास न करें। ओटीपी, बैंक खाता नंबर, एटीएम पिन या यूपीआई जानकारी किसी से साझा न करें। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी पोस्ट करने से बचें और किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत www.cybercrime.gov.in पोर्टल या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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