जशपुर की धरती से निकली सफलता की कहानी — QR कोड से दिल्ली-बैंगलोर तक पहुंचा किसानों का काजू-शहद

क्यूआर आधारित कृषि उत्पाद की मार्केटिंग कर आगे बढ़ रहे जशपुर जिले के किसान

किसानों ने कुछ ही महीनो में काजू से की लाखो की कमाई

जशपुर : जिला प्रशासन द्वारा प्रारंभ कृषि क्रांति अभियान अंतर्गत क्यू आर आधारित मार्केटिंग की शुरुवात की गई है जिसमे जिले के उत्पाद को देश में पहचान मिलने के साथ ही किसानो की आय में वृ‌द्धि हो रही है। जिले में कृषि विविधता की अपार सम्भावना है किन्तु दूरस्थ वनांचल जिला होने और महानगरों से दूरी के कारण किसान अपने उत्पाद को उचित मूल्य पर विक्रय करने पर कठिनाइया होती थी। इस अभियान के तहत जिले के 780 किसानो के विभिन्न उत्पादों का पंजीयन पूर्ण हो चूका है। किसानो के रिटेल मार्केटिंग को आसान बनाने के लिए प्रत्येक किसान के उत्पादों का विशेष क्यू आर निर्मित किया गया है। जिले के किसान स्वयं से जिला प्रशासन से संपर्क कर लाभ पर अवगत करा रहे है।

उत्तराखंड से बैंगलोर तक जिले की काजू शहद का हो रहा व्यापार

दुलदुला के काजू की मांग अब देश के कई हिस्सों में हो रही है, अभियान अंतर्गत जिले के काजू उत्पादक किसान का क्यू आर निर्मित किया गया था पूर्व में काजू का विक्रय स्थानीय बाजार में किया जाता था अभियान में इन किसानों को डिजिटल मार्किट से जोड़ा गया है जिससे ऑनलाइन डिमांड देश के विभिन्न कोने से हो रही है वर्तमान में 200 किलो से अधिक काजू का व्यापर महानगरों में किया गया है।

महिला किसान प्रति दिवस 2 किलो शहद का कर रही व्यापार

जिले के दूरस्थ वन आँचल क्षेत्र की महिला किसान कुमारी बबली ने जिला प्रशासन से संपर्क कर बताया की पहले शहद का उत्पादन कर स्थानीय मार्किट पर व्यापर करती थी किन्तु वर्तमान में रिटेल क्यू आर के आधार पर अब वो प्रति दिवस दो किलो शहद का व्यापर करती है और वो शहद उत्पादन करने मधुमक्की पालन का कार्य व्यापक रूप पर कर इसे आगे बढ़ाना चाहती है जो की और महिलाओ के लिए एक प्रेरणा के रूप में सामने आया है।

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