मुख्यमंत्री के नाम भेजा जाएगा ज्ञापन, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
कुनकुरी : पत्रकार मुकेश नायक के साथ हाल ही में घटी संवेदनहीन घटना को लेकर शनिवार को कुनकुरी में जिला स्तरीय पत्रकारों की आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले भर से जुड़े पत्रकारों ने भाग लिया और घटनाक्रम को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये की कड़ी आलोचना की।
बैठक के दौरान पत्रकार मुकेश नायक ने पूरी घटना विस्तार से रखते हुए बताया कि 17 नवंबर को ओडिशा के सुंदरगढ़ शासकीय अस्पताल में उनकी पत्नी ने एक नवजात को जन्म दिया, लेकिन कुछ देर बाद ही शिशु की मृत्यु हो गई। ओडिशा प्रशासन ने नियमों के तहत शव वाहन की व्यवस्था तो की, परंतु वह वाहन अंतरराज्यीय सीमा पार नहीं कर सकता था, जिसके कारण एम्बुलेंस केवल लुलकीडीह ग्राम तक ही आ सकी।
इसके बाद मुकेश नायक ने छत्तीसगढ़ शासन की मुक्तांजली वाहन सुविधा के लिए संपर्क करने का कई बार प्रयास किया, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। फरसाबहार के बीएमओ से संपर्क करने की कोशिश भी विफल रही। स्थिति गंभीर होती देख उन्होंने अपने साथी कुंदन सिंह से मदद मांगी, जिसके बाद सीएमएचओ डॉ. जी.एस. जात्रा से बात हुई और उन्होंने 102 वाहन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। परंतु 102 सेवा से स्पष्ट कहा गया कि वे शव परिवहन की सुविधा नहीं दे सकते।
मुकेश नायक के अनुसार इसके बाद न तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कॉल आया और न ही किसी प्रकार का सहयोग मिला। इसके उलट, जनसम्पर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह दावा किया गया कि स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें फोन किया था, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। मुकेश नायक ने इस बयान को पूरी तरह झूठा बताते हुए कहा कि इस असत्य जानकारी ने उन्हें और भी अधिक अपमानित और आहत किया है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पत्रकारों ने प्रशासनिक उदासीनता, गलत तथ्यों के प्रसार और संवेदनहीनता को बेहद गंभीर मुद्दा बताया। बैठक में मौजूद पत्रकारों ने यह भी कहा कि जनसम्पर्क ग्रुप में आए दिन अप्रत्यक्ष रूप से पत्रकारों को धमकाने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे पत्रकारिता की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है।
पत्रकार संघ ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि इस मामले में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को संबोधित एक ज्ञापन तैयार किया गया है, जिसे शीघ्र ही भेजा जाएगा। ज्ञापन में पत्रकार मुकेश नायक के साथ हुए अमानवीय व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।
साथ ही यह भी मांग की गई है कि शासन की छवि खराब करने वाले अधिकारियों को जिले से हटाया जाए और स्वास्थ्य सहित जिले की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।
पत्रकार संघ ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक पत्रकार का मामला नहीं, बल्कि सरकारी सेवा व्यवस्था में मौजूद खामियों को उजागर करने वाला गंभीर मुद्दा है। यदि समय रहते इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में आम नागरिकों को भी ऐसी ही अमानवीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
बैठक में उपस्थित सभी पत्रकारों ने मुकेश नायक के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि न्याय मिलने तक यह मामला निरंतर उठाया जाएगा।
