जमीन बेचकर पढ़ाई कराई… और बेटी ने कर दिखाया कमाल! CGPSC 2024 में ST वर्ग की टॉपर बनी चंचल पैकरा

एकलव्य विद्यालय सन्ना में कक्षा दसवीं और बारहवीं में भी रही स्कूल टॉपर

जिले और विद्यालय का नाम की रोशन

मुख्यमंत्री ने दी अपनी शुभकामनाएं

जशपुर : एकलव्य विद्यालय सन्ना में वर्ष 2018-19 में कक्षा दसवीं और बारहवीं में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण स्कूल में टॉपर रही चंचल पैंकरा ने सीजीपीएससी-2024 में अनुसूचित जनजाति वर्ग में भी टॉप कर विद्यालय और जिले का नाम रोशन की है। इससे इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

जिला प्रशासन से कलेक्टर श्री रोहित व्यास, आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त सहित विद्यालय के प्राचार्य और सभी शिक्षकों ने बधाई दिए हैं।

        सीजीपीएससी-2024 में चंचल पैकरा ने ओवर आल में 204 रैंक प्राप्त की है। इसके पहले एक बार पीएससी प्री की परीक्षा दी थी। सफल नहीं होने पर कोचिंग की और प्री के बाद मेन्स निकाला। सीजीपीएससी 2024 के परिणाम में एसटी वर्ग में उन्होंने पहला स्थान हासिल किया है। इससे पहले वह बीई सिविल हैं।

पिता ने बेटी की सपना पूरा करने बेची अपनी जमीन

          सीतापुर के काराबेल निवासी चंचल पैकरा के पिता श्री रघुवर पैकरा एवं माता श्रीमती कुंतिला पैकरा किसान हैं। वे किसानी के साथ-साथ अतिरिक्त आय के लिए सब्जी बेचते हैं। चंचल पैकरा की प्राथमिक शिक्षा काराबेल के शासकीय प्राथमिक शाला सम्पन्न हुई। इसके बाद उनका चयन एकलव्य विद्यालय सन्ना में हुआ। जहॉ उन्होंने दसवीं और बारहवीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की और स्कूल में टॉपर रहीं।

       जगदलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से चंलल ने सिविल में 2021-22 में बीई किया। उसके बाद वे पीएससी की तैयारी में जुट गई। पहली बार सीजी पीएससी की प्री परीक्षा दी तो सफलता नहीं मिली। बेटी के प्रयास को देखते हुए उनके पिता श्री रघुवर पैकरा ने उसे कोचिंग के लिए बिलासपुर भेजा। चंचल ने सीजीपीएस 2024 की परीक्षा में प्री के साथ मेन्स क्लियर किया और इंटरव्यू तक पहली बार पहुंचीं। पीएससी द्वारा घोषित परिणाम में चंचल पैकरा को ओवर ऑल 204 रैंक मिला है। अनुसूचित जनजाति वर्ग की कैटेगरी में चंचल ने टॉप किया है।

Related posts