ठगी का खुलासा : बैंक में बंधक मकान बेचने की कोशिश, 40 लाख की ठगी का पर्दाफाश ! सरकण्डा पुलिस की तेज कार्रवाई, आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार कर भेजे गए न्यायिक अभिरक्षा में.

प्रकरण के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी अजीत शुक्ला पिता जे.एल. शुक्ला उम्र 57 वर्ष निवासी सूर्या विहार सरकण्डा का दिनांक 22 नवंबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराया था कि इसका परिचय दिनेश प्रताप सिंह के साथ है, जिससे भेंट मुलाकात होते रहता था। परिचय होने के कारण दिनेश प्रताप सिंह ने अप्रैल 2024 में भास्कर त्रिपाठी नामक व्यक्ति से अपने निवास में मिलवाया, जिसने बताया कि वह एसईसीएल कोरबा में कार्यरत् है जिसका मकान विवेकानंद नगर मोपका में है, जिसे वह बिक्री करना चाहता है। जिसे देखने के बाद मैं खरीदी करने का ईच्छा जताया तब भास्कर त्रिपाठी ने उक्त मकान को बिक्री करने के लिए मुझसे 50/- रूपये के स्टाम्प पेपर में दिनांक 26 अप्रैल 2024 को इकरारनामा तैयार कराया।

जिसमें 3 माह के भीतर रजिस्ट्री कराने का उल्लेख था, उक्त इकरारनामा में दिनेश प्रताप सिंह एवं अरूण सिंह ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए, इकरारनामा होने के बाद भास्कर प्रसाद त्रिपाठी को 36 लाख रूपये ऑनलाईन दिया गया, किन्तु भास्कर त्रिपाठी ने रकम लेने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराया, समय अवधि समाप्त होने पर भास्कर त्रिपाठी और दिनेश प्रताप सिंह दोनों मिल कर 40 लाख रूपये का लेनदेन का फर्जी इकरारनामा तैयार कर लिया, बाद में पता चला कि भास्कर त्रिपाठी का उक्त मकान बैंक में बंधक है, जिसकी जानकारी दिये बिना ही दिनेश प्रताप सिंह एवं भास्कर प्रसाद त्रिपाठी मिल कर बिना नामांतरण कराये बिक्री करने का इकरारनामा तैयार कर रकम लेकर धोखाधड़ी किये हैं।

प्रार्थी की उक्त रिपोर्ट पर अपराध सदर कायम कर विवेचना में लिया गया, घटना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भापुसे) को अवगत कराया गया, जिनके द्वारा आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही करने निर्देशित किये जाने पर उनके निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) बिलासपुर श्री राजेन्द्र जायसवाल एवं सी.एस.पी (सिविल लाईन/सरकंडा) श्री निमितेश सिंह के मार्गदर्शन एवं दिशा निर्देशन में थाना प्रभारी सरकण्डा निरीक्षक प्रदीप आर्य के नेतृत्व में टीम तैयार कर आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु टीम सकुनत पर भेजा गया। जिनके द्वारा आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर जूर्म स्वीकार किया गया, जिससे आरोपियों को विधिवत् दिनांक 22 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।

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