एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देशन में “खौफ”- The Digital War लघु फिल्म का निर्माण किया जा रहा है.
फिल्म साइबर फ्रॉड पर आधारित है जिसमें एसएसपी स्वयं साइबर फ्रॉड से पीड़ित एक स्कूल टीचर की भूमिका निभा रहे हैं जो फिल्म का मुख्य किरदार है,
इस फिल्म में रायपुर, दुर्ग, कोरबा के कलाकारों के साथ ही स्थानीय कलाकार भी भूमिका निभा रहे हैं।
डिजिटल अपराधों के खिलाफ जागरूकता की नई दिशा –
जशपुर : जशपुर एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर फ्रॉड पर आधारित लघु फिल्म “खौफ – The Digital War” का निर्माण किया जा रहा है। इस फिल्म में एसएसपी स्वयं एक स्कूल टीचर और साइबर फ्रॉड पीड़ित की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म का उद्देश्य बढ़ते डिजिटल अपराधों, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अरेस्ट स्कैम के तरीकों को वास्तविक उदाहरणों के साथ दिखाते हुए लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। इसमें रायपुर, दुर्ग, कोरबा और जशपुर के स्थानीय कलाकार भी सम्मिलित हैं।

तकनीकी युग में जहां डिजिटल सुविधाएं जीवन को आसान बना रही हैं। वहीं साइबर अपराधी इसी तकनीक का दुरुपयोग कर आम जनता को ठगने के नए-नए तरीके अपनाते जा रहे हैं। वर्तमान समय में देश के विभिन्न राज्यों में डिजिटल फ्रॉड, ऑनलाइन बैंक धोखाधड़ी और विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट स्कैम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इन अपराधों की सबसे खतरनाक बात यह है कि इनमें अपराधी स्वयं को सरकारी अधिकारी, पुलिस अधिकारी RBI, CBI, NIA साइबर सेल या बैंक अधिकारी बताकर नागरिकों को डरा-धमका कर पैसे ठग लेते हैं।
इन्हीं बढ़ते साइबर अपराधों को ध्यान में रखते हुए एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुये आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक प्रभावशाली लघु फिल्म का निर्माण उनके निर्देशन में किया जा रहा है, जिसमें डिजिटल अपराधों के वास्तविक स्वरूप, अपराधियों की कार्यशैली और उनसे बचने के उपायों को सरल और वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इस फिल्म में शशि मोहन सिंह एक स्कूल टीचर की भूमिका में है, जो फिल्म का मुख्य केंद्र बिंदु है।
यह फिल्म Tek 3 Studios द्वारा निर्मित की जा रही है और इसका निर्माण एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन विचार और रणनीति के अंतर्गत किया जा रहा है। फिल्म में ऐसे दृश्य शामिल किए गए हैंए जो आजकल सोशल मीडिया व्हाट्सऐप इंस्टाग्राम आनलाइन गेम्स, केवाईसी अपडेट और नकली मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए की जा रही ठगी की घटनाओं को सटीक रूप से दिखाते हैं।
फिल्म का उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना ही नहीं बल्कि नागरिकों में यह समझ विकसित करना भी है – “डिजिटल दुनिया में जागरूकता ही सुरक्षा है।”
इस फिल्म में यह भी दर्शाया गया है कि कैसे बिना सोचे समझे लिंक पर क्लिक करना या साझा करना, स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करना या फोन पर डरकर निर्णय लेना आर्थिक अपराध का कारण बन सकता है।
फिल्म में छत्तीसगढ़ पुलिस की भूमिकाए उनकी साइबर सेल टीम, अपराध रोकथाम की प्रक्रियाए शिकायत पंजीकरण और त्वरित कार्रवाई प्रणाली को भी वास्तविक रूप में प्रस्तुत किया गया है। जिससे लोग न केवल सतर्क हों बल्कि यह महसूस करें कि पुलिस आपके साथ है, बस आपको एक कदम सही दिशा में बढ़ाना है।
फिल्म में जशपुर और छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों ने अभिनय किया है, जिससे यह प्रोजेक्ट स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ समाज के लिए प्रेरक पहल का रूप ले रहा है।
इस फिल्म में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से तथा जशपुर जिले के स्थानीय कलाकार सम्मिलित हैं। फिल्म के DOP (छायांकनकर्ता) श्री अनुज कुमार हैं। अभिनेता के रूप में एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह, सुश्री आरवी सिन्हा, दीपा महंत, राम प्रकाश पाण्डेय, ऋभु समर्थ सिंह, कुंदन सिंह, प्रवीण अग्रवाल, विजय सिंह राजपूत, अंकित पांडे, आकर्ष, मनिषा, वंशिका गुप्ता इत्यादि हैं। फिल्म की स्टोरी शशि मोहन सिंह द्वारा लिखी गई है, स्क्रीनप्ले श्री तोरण राजपूत एवं डायलॉग घनश्याम द्वारा लिखा गया है। कैमरा सहायक के रूप में परमेश्वर नाग, मेक-अप आर्टिस्ट वर्षा सोनी एवं सहायक सुचिता भगत सम्मिलित हैं।
एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह द्वारा कहा गया है कि – “डिजिटल फ्रॉड को लेकर जशपुर पुलिस लगातार कानूनी कार्यवाही कर रही है, लोगों में जागरूकता बढ़ाने की उद्देश्य से इस फिल्म का निर्माण किया जा रहा है, फिल्म में स्थानीय कलाकारों को भी प्राथमिकता दी गई है।”
