IIM रायपुर और NSSH की ऐतिहासिक पहल: छत्तीसगढ़ के SC/ST उद्यमियों के लिए फ्री बिज़नेस एक्सेलरेटर प्रोग्राम, महज़ ₹7,500 में ₹99,000 की प्रीमियम ट्रेनिंग

रायपुर : भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर (IIM Raipur), जो “बिल्डिंग बिज़नेस ओनर्स” के लिए देशभर में प्रसिद्ध है, ने भारत सरकार के MSME मंत्रालय के National SC-ST Hub (NSSH) के साथ मिलकर एक बिज़नेस एक्सेलरेटर प्रोग्राम शुरू किया है। यह प्रोग्राम छत्तीसगढ़ के SC/ST उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स और छोटे व्यवसाय मालिकों को अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए आवश्यक कौशल, जानकारी और सहायता प्रदान करता है इस प्रोग्राम के जरिए युवा उद्यमियों को न सिर्फ बिज़नेस बढ़ाने के तरीकों की समझ मिलेगी, बल्कि उन्हें अपनी इकाइयों को अगले स्तर तक ले जाने का मजबूत प्लेटफॉर्म भी प्राप्त होगा।

प्रतिभागियों को सिर्फ जीविका चलाने वाले कारोबार से आगे बढ़ाकर दीर्घकालिक और विस्तारयोग्य बिज़नेस मॉडल की ओर ले जाने के लिए आईआईएम रायपुर ने इस कार्यक्रम को बेहद सघन और व्यावहारिक रूप से तैयार किया है। प्रोग्राम में कैंपस में आयोजित क्लासरूम सत्रों और लाइव ऑनलाइन कक्षाओं का मिश्रित मॉडल अपनाया गया है, ताकि उद्यमियों को सीखने का दोहरा फायदा मिल सके।

इसमें 72 घंटे की संरचित ट्रेनिंग और 18 घंटे का व्यक्तिगत मेंटरशिप सेशन शामिल है। ये पूरी सीख आईआईएम रायपुर के अनुभवी प्राध्यापकों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों और सफल बिज़नेस मेंटर्स द्वारा सीधे प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य है कि हर प्रतिभागी को ऐसी सीख मिले, जो उसके व्यवसाय में स्पष्ट बदलाव, तेज़ विकास और मजबूत दिशा सुनिश्चित कर सके।

यह कार्यक्रम उद्यमियों को अपने बिज़नेस मॉडल को मजबूत करने, अधिक संभावनाशील बाज़ारों की पहचान करने, बेहतर वित्तीय फैसले लेने और रोज़मर्रा की संचालन क्षमता बढ़ाने के लिए डिजिटल टूल्स का उपयोग बढ़ाने में पूरी मदद देगा। इसके लिए संकल्पना-आधारित कक्षाएँ, एमएसएमई क्षेत्र की ज़मीनी हकीकतों से जुड़े केस स्टडी, व्यावहारिक अभ्यास और व्यक्तिगत मेंटरशिप सत्र शामिल किए गए हैं।

इन योजना  के जरिए प्रतिभागी अपने वास्तविक व्यावसायिक मुद्दों पर सीधे काम कर सकेंगे और आने वाले 90 से 180 दिनों के लिए स्पष्ट, उपयोगी और लागू की जा सकने वाली कार्य–योजनाएँ तैयार करेंगे। उद्देश्य यही है कि हर उद्यमी अपने व्यवसाय को नई दिशा देने के लिए ठोस रोडमैप के साथ आगे बढ़े।

कार्यक्रम में उद्यमियों को सिर्फ ट्रेनिंग ही नहीं, बल्कि नए बाज़ारों में कदम बढ़ाने के ठोस अवसर भी मिलेंगे। प्रतिभागियों को यह समझने का मौका मिलेगा कि सरकारी खरीद-प्रक्रियाएँ कैसे काम करती हैं और उनका फायदा उठाकर कारोबार को कैसे बढ़ाया जा सकता है। सबसे खास बात—उन्हें ऐसे उद्यमियों, अनुभवी मार्गदर्शकों और सहायक बिज़नेस इकोसिस्टम से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जो वास्तविक रूप से उनके कारोबार के लिए मजबूत नेटवर्क, नए अवसर और बड़े ग्राहक ला सकते हैं।

प्रो. संजीव पराशर, डायरेक्टर-इन-चार्ज, भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर ने कहा—“इस बिजनेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम के माध्यम से संस्थान, एससी/एसटी उद्यमियों के लिए एक संरचित मार्ग निर्मित करना चाहता है, जिससे वे अपने व्यवसाय की बुनियाद को सुदृढ़ करें और आत्मविश्वास के साथ विस्तार कर सकें। ऐसे अनेक उद्यमों में अत्यधिक क्षमता विद्यमान होती है, परंतु उन्हें औपचारिक प्रबंधन प्रशिक्षण, सामरिक मार्गदर्शन और नेटवर्क की उपलब्धता न होने के कारण विकास में बाधाएँ आती हैं। नेशनल एससी–एसटी हब के सहयोग से विकसित यह पहल, शैक्षणिक कठोरता, व्यावहारिक अंतर्दृष्टि तथा व्यक्तिगत मार्गदर्शन को समेकित कर प्रतिभागियों को आज के परिवर्तित होते बाज़ार परिवेश में प्रतिस्पर्धा हेतु आवश्यक क्षमता प्रदान करती है। हमारा विश्वास है कि एससी/एसटी उद्यमियों का सशक्तिकरण न केवल समावेशी आर्थिक विकास के लिए अनिवार्य है, बल्कि देश के एमएसएमई पारितंत्र को अधिक नवाचारी, लचीला और विविधतापूर्ण बनाने के लिए भी आवश्यक है।”

बिजनेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम में शामिल होने के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातक पास और 18 वर्ष या उससे अधिक आयु निर्धारित की गई है। खास बात यह है कि महिला उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक महिलाएँ व्यवसाय जगत में आगे आ सकें। हालांकि, जिन आवेदकों के उद्यम पंजीकरण (Udyam Registration) में “Trading” मुख्य गतिविधि के रूप में दर्ज है, वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे।

पूरे कार्यक्रम की फीस ₹99,000 + लागू जीएसटी है, लेकिन एनएसएसएच इसे पूरी तरह प्रायोजित कर रहा है। प्रतिभागियों को केवल ₹7,500 (जीएसटी सहित) पंजीकरण शुल्क देना होगा। इस वजह से यह कार्यक्रम उन उद्यमियों के लिए बेहद सुलभ और उपयोगी बन जाता है, जो अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए संरचित, गुणवत्तापूर्ण और पेशेवर मार्गदर्शन की तलाश में हैं।

बिज़नेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम के लिए आवेदन 15 दिसंबर 2025 तक स्वीकार किए जाएंगे, जबकि कार्यक्रम की शुरुआत 17 जनवरी 2026 से होने जा रही है। आईआईएम रायपुर की यह पहल न सिर्फ संस्थान की समावेशी विकास की सोच को और मजबूत करती है, बल्कि एससी/एसटी उद्यमियों को एमएसएमई क्षेत्र में आगे लाने के लिए भारत सरकार के मिशन को भी नई गति देती है। इस कार्यक्रम के जरिए अधिक से अधिक उद्यमियों को मुख्यधारा के कारोबारी पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ने का ठोस प्रयास किया जा रहा है।

इसके साथ ही, आईआईएम रायपुर ने 28 से 30 नवंबर 2025 के बीच आयोजित वार्षिक डीजीपी–आईजीपी सम्मेलन की भव्य मेजबानी कर एक बार फिर खुद को राष्ट्रीय स्तर की बड़ी चर्चाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की मौजूदगी ने कार्यक्रम के महत्व को और बढ़ा दिया। उनकी उपस्थिति ने रायपुर को राष्ट्रीय सुरक्षा और पुलिस प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण विमर्शों के केंद्र में ला खड़ा किया।

नवा रायपुर परिसर का इस उच्च-स्तरीय बैठक के लिए चयन होना, न केवल छत्तीसगढ़ के बढ़ते सामरिक महत्व को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि आईआईएम रायपुर अब देश के राष्ट्रीय क्षमता-विकास और नीति-निर्माण संबंधी विमर्शों में एक मजबूत और भरोसेमंद केंद्र के रूप में उभर रहा है।

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