ट्रक चालक दिलीप कुमार यादव के विरुद्ध थाना जूटमिल में इस्तगासा क्रमांक 03/25 दर्ज कर धारा 35(क)(ड) BNSS तथा 303(2) BNS के अंतर्गत की गई कार्रवाई.
रायगढ़ : रायगढ़ में अवैध कबाड़ परिवहन पर जूटमिल पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 टन अवैध कबाड़ से भरे ट्रक को रात के अंधेरे में घेराबंदी कर पकड़ लिया। ओडिशा से रायगढ़ की ओर आ रहे इस भारी वाहन को पुलिस टीम ने सूझबूझ और तत्परता से कार्रवाई करते हुए छातामुड़ा चौक पर रोककर जब जांच की तो ट्रक में लोहे के भारी-भरकम पार्ट्स और कबाड़ ठसाठस भरा मिला। चालक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया, जिसके बाद पूरे माल सहित ट्रक को जप्त कर चालक को गिरफ्तार किया गया। बरामद कबाड़ और वाहन की कुल कीमत करीब 28 लाख रुपये आंकी गई है।
बीते 10-11 दिसंबर की देर रात जूटमिल थाना क्षेत्र में अवैध कबाड़ परिवहन पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की जब थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में गश्त कर रही टीम ने ओडिशा से रायगढ़ की ओर आ रहे डाला बॉडी ट्रक को छातामुड़ा चौक के पास घेराबंदी कर पकड़ लिया। मुखबिर से सूचना मिली थी कि हरे इंजन और कत्थई रंग की बॉडी वाले ट्रक में बड़ी मात्रा में लोहे के विभिन्न पार्ट्स सहित अवैध कबाड़ लोड कर रायगढ़ लाया जा रहा है। सूचना के आधार पर छातामुड़ा चौक पर सघन वाहन जांच करते हुए रात करीब 2:00 बजे मुखबिर के बताए हुलिए से मेल खाता ट्रक क्रमांक CG 08 L 3947 ओडिशा की ओर से आता दिखाई दिया। पुलिस ने वाहन को रोक कर पूछताछ की तो चालक ने अपना नाम दिलीप कुमार यादव, निवासी मिल्की सिकरिया थाना जहानाबाद, बिहार बताया।
गवाहों के समक्ष वाहन की तलाशी लेने पर ट्रक के डाला में बड़े पैमाने पर लोहे के पार्ट्स और कबाड़ भरा मिला। कबाड़ के संबंध में पूछे जाने पर चालक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया और न ही वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर सका। अवैध परिवहन और चोरी के माल की आशंका के चलते पुलिस ने ट्रक को धर्मकांटा ले जाकर तौल कराया, जिसमें वाहन और कबाड़ का कुल वजन 34,980 किलोग्राम पाया गया। वाहन का वजन 9,450 किलोग्राम तथा कबाड़ का कुल वजन 25,530 किलोग्राम दर्ज हुआ। बरामद कबाड़ और ट्रक की कुल अनुमानित कीमत लगभग 28 लाख रुपये है।
प्रकरण में ट्रक चालक दिलीप कुमार यादव के विरुद्ध थाना जूटमिल में इस्तगासा क्रमांक 03/25 दर्ज कर धारा 35(क)(ड) BNSS तथा 303(2) BNS के तहत कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव अहेर के साथ प्रधान आरक्षक वीरेंद्र भगत, आरक्षक सुरेंद्र कुमार बंशी और आरक्षक धनेश्वर भगत की सक्रिय भूमिका रही।
