रेल अधोसंरचना विकास में बड़ा कदम: बाराद्वार स्टेशन को चौथी लाइन से जोड़ा गया, परिचालन क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि

बाराद्वार स्टेशन को चौथी लाइन से जोड़ने का कार्य सफलपूर्वक हुआ पूरा, रेल संरक्षा व क्षमता में होगी महत्वपूर्ण वृद्धि

बिलासपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं समयबद्ध रेल सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए अधोसंरचना विकास में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है। क्षमता आवर्धन के कार्यों को तीव्र गति से क्रियान्वित किया जा रहा है, जिससे परिचालन की दक्षता बढ़ने के साथ-साथ यात्री सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।

       इसी क्रम में,बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन परियोजना दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की एक महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में प्रगति पर है।

इस कार्य के अंतर्गत बाराद्वार स्टेशन पर आज दिनांक 13 दिसम्बर 2025 (शनिवार) को चौथी लाइन से जोड़ने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। यह कार्य सीमित 3+3 घंटे के नियोजित ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान पूर्ण किया गया।

इस परियोजना के अंतर्गत अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) प्रणाली को 197 रूट्स के साथ स्थापित किया गया है, जिसमें डुअल VDU युक्त HRSTS HSBY प्रणाली सम्मिलित है। स्टेशन पर कुल 40 पॉइंट्स, 44 सिग्नल्स, 7 लाइन्स तथा 74 ट्रैक सर्किट्स का समावेशन किया गया है। साथ ही कवच-रेडी इंटरफेस एवं पॉइंट हैज़र्ड सर्किट को भी लागू किया गया है, जिससे ट्रेन संचालन की संरक्षा और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

सुरक्षा मानकों को और सुदृढ़ करने हेतु फायर अलार्म एवं एस्पिरेशन सिस्टम, फ्यूज़ अलार्म तथा डेटा लॉगर जैसी आधुनिक प्रणालियाँ स्थापित की गई हैं। इस कार्य में विभिन्न विभागों की तकनीकी भागीदारी रही, जिससे उच्च गुणवत्ता और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित हुआ।

इस कार्य में 400 से अधिक समर्पित कर्मी,  इंजीनियर,  स्टेशन मास्टर तथा  मुख्य यातायात निरीक्षक ठंड भरे मौसम में भी दिन-रात जुटे रहे ।

चौथी लाइन का कार्य पूरा होने से लाइन क्षमता में वृद्धि, ट्रेनों की सुगम आवाजाही, पंक्चुअलिटी में सुधार तथा यात्रियों को बेहतर सेवा प्राप्त होगी। यह उपलब्धि  SECR, बिलासपुर की कुशल योजना, समन्वय और समर्पण का परिणाम है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों की सुविधा, संरक्षा और आधुनिक तकनीक के माध्यम से रेल सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए सतत प्रयास कर रहा है।

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