पुलिस ने अवैध पशु परिवहन का खेल किया बेनकाब : चलती स्कॉर्पियो बना दी ‘क्रूरता की कब्र’ ! सीटें हटाईं, शीशे काले किए और मवेशियों को ठूंसा, मवेशियों की तस्करी करने वाला फरार आरोपी गिरफ्तार कर भेजा गया न्यायिक रिमांड पर.

रायगढ़ : पशुओं के प्रति क्रूरता और अवैध परिवहन जैसे अमानवीय अपराधों पर जूटमिल पुलिस ने कड़ा प्रहार करते हुए कानून की सख्ती का स्पष्ट संदेश दिया है। स्कॉर्पियो वाहन में मवेशियों को बेरहमी से ठूंसकर ओडिशा के बूचड़खाने ले जाने वाले आरोपी को पुलिस ने लगातार पतासाजी और ठोस विवेचना के बाद गिरफ्तार कर न्याय के कटघरे तक पहुंचाया। यह मामला न केवल पशु अधिकारों से जुड़ा है, बल्कि संगठित तरीके से किए जा रहे अवैध पशु परिवहन नेटवर्क की भयावह तस्वीर भी उजागर करता है। जूटमिल पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि पशुक्रूरता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे अपराधियों के लिए कानून पूरी सख्ती से लागू होगा

जूटमिल पुलिस ने पशुओं के प्रति क्रूरता और अवैध परिवहन के गंभीर मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजते हुए एक अहम सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी दिलीप बोदरा पिता पाण्डु बोदरा उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम संरोक्सी थाना केबलंग जिला सुंदरगढ़ (ओडिशा) को गिरफ्तार किया है, जो पिछले एक माह से फरार था।

मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 01 नवंबर 2025 की रात्रि जूटमिल पुलिस द्वारा कोडातराई चौक के पास रोड किनारे खड़ी स्कॉर्पियो वाहन क्रमांक OR 14 Q 5327 को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया था। वाहन चालक मौके से फरार मिला। थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक प्रशांत राव को पूर्व में सूचना प्राप्त हुई थी कि ओडिशा पासिंग स्कॉर्पियो वाहन में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक भर कर ओडिशा के बूचड़खाने ले जाया जा रहा है।

मौके पर की गई प्रारंभिक जांच में पाया गया कि स्कॉर्पियो वाहन के चालक द्वारा 5 नग मवेशियों को एक साथ क्रूरतापूर्वक बांधकर अवैध रूप से बूचड़खाना परिवहन के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। वाहन को रोड किनारे खड़ा कर चालक फरार हो गया था। पुलिस ने विधिवत कार्रवाई करते हुए स्कॉर्पियो वाहन को जप्त किया तथा वाहन में पाए गए 2 नग जीवित मवेशियों (कुल अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 50 हजार रुपये) को जप्ती पत्रक के अंतर्गत कब्जे में लिया। जीवित मवेशियों को ग्राम कोटवार की देख-रेख में सुपुर्द किया गया, जबकि 3 नग मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कराया गया।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने स्कॉर्पियो वाहन की चालक सीट और सामने की सीट को छोड़ कर पीछे की सभी सीटें हटवा दी थीं तथा वाहन में काला शीशा लगवा कर मवेशियों को क्रूरतापूर्वक बांध कर अवैध परिवहन किया जा रहा था। इस कृत्य पर थाना जूटमिल में अपराध क्रमांक 389/2025 धारा 04, 06, 10 छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 एवं धारा 11(1) पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

विवेचना के दौरान जप्तशुदा वाहन के पंजीकृत स्वामी की जानकारी आरटीओ कार्यालय से प्राप्त की गई, जिसमें वाहन का पंजीकरण जिला सुंदरगढ़, ओडिशा का पाया गया। लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने कल रात्रि आरोपी को हिरासत में लिया। आरोपी ने अपने मेमोरेंडम बयान में स्वीकार किया कि वही स्कॉर्पियो वाहन का स्वामी है और दिनांक 31 अक्टूबर 2025 को शाम 5 नग मवेशियों को वाहन में लोड कर क्रूरतापूर्वक बांधकर राउरकेला (ओडिशा) स्थित बूचड़खाने ले जा रहा था। दिनांक 01 नवंबर 2025 की रात्रि करीब 2:00 बजे वाहन खराब हो जाने पर वह उसे कोडातराई गांव के पास छोड़ कर फरार हो गया था।

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