थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 257/2025 धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर प्रारंभ की गई विवेचना.
रायगढ़ : रायगढ़ जिले में नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर सख्ती दिखाते हुए पुसौर पुलिस ने एक गंभीर और संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई की है। शादी का झांसा देकर नाबालिग बालिका से दुष्कर्म करने वाले आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस की सतर्क विवेचना, पीड़िता की सुरक्षित बरामदगी और विधिसम्मत कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नाबालिगों के शोषण से जुड़े अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई न सिर्फ कानून का कड़ा संदेश है, बल्कि समाज में भरोसा कायम करने की दिशा में भी एक अहम कदम है।
थाना पुसौर पुलिस ने नाबालिग बालिका को शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के गंभीर मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 12 सितंबर 2025 को थाना पुसौर में एक महिला द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री 12 सितंबर 2025 की सुबह बिना बताए घर से चली गई है। परिजनों को संदेह था कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बालिका को बहला-फुसला कर भगा ले जाया गया है। रिपोर्ट पर थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 257/2025 धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस द्वारा लगातार बालिका एवं संदेही की पतासाजी की जा रही थी। इसी दौरान दिनांक 23 दिसंबर 2025 को अपहृत नाबालिग बालिका को आरोपी गणेश उरांव के कब्जे से बरामद किया गया। गवाहों के समक्ष दस्तयाबी पंचनामा तैयार किया गया।
बालिका का महिला पुलिस अधिकारी द्वारा कथन कराया गया, जिसमें उसने बताया कि आरोपी गणेश उरांव ने उसे शादी का प्रलोभन देकर भगाया और नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद जबरन शादी कर पत्नी की तरह रखते हुए लगातार शारीरिक संबंध बनाया।
पीड़िता का सीएचसी पुसौर से मेडिकल परीक्षण कराया गया। वहीं आरोपी गणेश उरांव पिता सुरेश उरांव, उम्र 21 वर्ष, थाना पुसौर, जिला रायगढ़ (छ.ग.) से पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया। आरोपी का भी मेडिकल परीक्षण कराया गया। प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी को दिनांक 24 दिसंबर 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। इस प्रकरण की पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक रामकिंकर यादव, उपनिरीक्षक कुंदन लाल गौर एवं थाना स्टॉफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
