पुलिस ने चंद घंटे के भीतर घेराबंदी कर दो आरोपियों को पकड़ा एवं नगदी रकम 20 लाख एवं मोटरसाइकल की बरामद.
थाना कोतवाली अंबिकापुर में अपराध क्रमांक 956/25 धारा 109(1), 311, 309(6),3(5) बीएनएस पंजीबद्ध.
अंबिकापुर : अंबिकापुर में व्यवसायी पर जानलेवा हमला कर 20 लाख रुपये की लूट की वारदात को सरगुजा पुलिस ने अपनी त्वरित और सटीक कार्रवाई से चंद घंटों में सुलझा लिया। शहर के प्रमुख मार्गों पर नाकाबंदी, सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच और साइबर सेल की तकनीकी मदद से पुलिस ने दोनों आरोपियों को घेराबंदी कर धर दबोचा। लूटी गई पूरी नगद राशि और वारदात में प्रयुक्त मोटर साइकिल की बरामदगी के साथ पुलिस की इस कार्रवाई ने अपराधियों में स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से बच पाना नामुमकिन है।
मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 28 दिसंबर 2025 को आवेदक श्री अंकित गोयल पिता सज्जन गोयल निवासी सज्जन कॉलोनी अंबिकापुर ने थाना कोतवाली अंबिकापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मामा श्री अनिल अग्रवाल जब वे अपने दुकान से घर जा रहे थे, तब सत्तीपरा कैलाश मोड़ के पास करीब 9:30 बजे रात्री को अज्ञात बदमाश ने सतीपारा रोड के कैलाश मोड़ के पास एक अज्ञात बदमाश ने दीवार के पास छिप कर अचानक डंडे से उनके सिर पर जोरदार प्रहार किया जिससे आवेदक को गंभीर चोटें आई है। बदमाश उनके हाथ से रुपये से भरा बैग छीन कर अंधेरे में फरार हो गये।
आवेदक की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अंबिकापुर में अपराध क्रमांक 956/25 धारा 109(1), 311, 309(6),3(5) बीएनएस पंजीबद्ध कर आवेदक का डाक्टरी मुलाहिजा कराया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक श्री राहुल बंसल के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली एवं साइबर सेल की टीम द्वारा प्राथमिकता के आधार पर आरोपियों की पता तलाश की जाने लगी।
विवेचना के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमोलक सिंह ढिल्लो एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री राहुल बंसल के मार्गदर्शन में थाना अंबिकापुर, मणिपुर, गांधीनगर एवं यातायात पुलिस को कण्ट्रोल रूम के माध्यम से निर्देश देकर शहर के सभी प्रमुख निकास मार्ग पर कड़ी नाकाबंदी कर वाहनों की सघन चेकिंग एवं पूछताछ की जाने लगी, साथ ही साइबर सेल की टीम को घटना-स्थल रवाना किया गया, जहां सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से अवलोकन किया गया। प्राप्त CCTV फुटेज, पूछताछ एवं मुखबीर से सूचना मिली की संदिग्ध जगदीशपुर के खेतों में छिपे हुए हैं। जहाँ पुलिस टीम खेत में संदिग्धों को पकड़ने के लिए घेराबंदी कर दौड़ा कर उनका पीछा कर रही थी। दौड़ने से संदिग्धों के पास रखे पैसे से भरा बैग गिर गया एवं कुछ ही दूरी पर खड़ी उनकी सफ़ेद रंग की पल्सर NS मोटरसाइकिल छोड़ कर वहाँ से भाग गए। पुलिस ने उक्त पल्सर मोटर साइकल एवं पैसे से भरा बैग जिसमें नगदी रकम 18 लाख रुपये जप्त की गई।
प्रकरण के फरार दोनों आरोपियों की पतासाजी में लगी थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकांत सिंह एवं साइबर सेल प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक अजीत मिश्रा की पुलिस टीम द्वारा आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। तकनीकी जानकारी मिली कि आरोपी जगदीशपुर के आस पास खेत में छिपे है जिस पर पुलिस टीम द्वारा तलाश की गई जहाँ दोनों आरोपी छिपे थे जिन्हें पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया पूछताछ पर अपना जुर्म स्वीकार किया आरोपी दीपक दस पिता जयमंगल दास 24 वर्ष खालपरा अमगासी लखनपुर, रोहित दस पिता भकुस दास भातुपरा अंबिकापुर के क़ब्ज़े से लूट की शेष रक़म दो लाख रुपये नगद बरामद कर आरोपियों के विरुद्ध विधिवत कार्रवाई करते न्यायिक रिमांड पर भेजा जाएगा।
इस प्रकरण की कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, प्रदीप जायसवाल, उपनिरीक्षक सी.पी. तिवारी, सहायक उपनिरीक्षक अदीप सिंह, सहायक उपनिरीक्षक विवेक पांडेय, सहायक उपनिरीक्षक अजीत कुमार मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, प्रधान आरक्षक विकास सिन्हा, प्रधान आरक्षक अजय पांडे, प्रधान आरक्षक छत्रसाल सिंह, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, आरक्षक मनीष सिंह, आरक्षक विवेक राय, आरक्षक नितिन सिन्हा, आरक्षक देवेंद्र पाठक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
