थाना धरमजयगढ़ में अपराध क्रमांक 1/2026 धारा 103 भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध किया गया पंजीबद्ध.
रायगढ़ : रायगढ़ जिले के एक गांव में मामूली विवाद ने दिल दहला देने वाला रूप ले लिया। आपसी कहासुनी के दौरान एक सिरफिरे युवक ने अपने ही रिश्ते के बुजुर्ग पर इस कदर हमला किया कि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द अंतर्गत ग्राम डिडवानारा में मामूली विवाद पर एक सिरफिरे युवक द्वारा अपने ही रिश्ते के बड़े पिताजी की पिटाई किए जाने से उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को हत्या के अपराध में गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेज दिया है।
घटना के संबंध में मृतक के पुत्र तिरीत तिग्गा (31 वर्ष) निवासी ग्राम डिडवानारा, चौकी रैरूमाखुर्द द्वारा दिनांक 30 दिसंबर 2025 को चौकी रैरूमाखुर्द में मर्ग इंटिमेशन दर्ज कराया गया। उसने बताया कि उसके पिता राजाराम तिग्गा (65 वर्ष) कम सुनने की समस्या से ग्रसित थे। दिनांक 30 नवंबर 2025 को वे अपने छोटे भाई लुकस तिग्गा के घर से वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बस्ती में आरोपी मुकेन्दर तिग्गा के घर के बाहर थाली बजने से वह नाराज हो गया और बाहर आकर अपने रिश्ते के बड़े पिताजी राजाराम को पकड़ कर रोड पर पटक दिया तथा लात-घूंसे से मारपीट कर बेहोश कर दिया।
घटना के बाद परिजनों द्वारा बीच-बचाव कर घायल वृद्ध को उपचार के लिए पत्थलगांव, रायगढ़, अंबिकापुर एवं पुनः पत्थलगांव अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बावजूद हालत में सुधार नहीं होने पर दिनांक 28 दिसंबर 2025 को उन्हें घर लाया गया, जहां दिनांक 29 दिसंबर 2025 की दोपहर उनकी मृत्यु हो गई।
घटना पर मर्ग कायम कर जांच की गई। जांच में आरोपी मुकेन्दर तिग्गा पिता धनाराम तिग्गा (22 वर्ष), निवासी ग्राम डिडवानारा, चौकी रैरूमाखुर्द, थाना धरमजयगढ़, जिला रायगढ़ द्वारा हत्या का अपराध घटित करना पाए जाने पर दिनांक 02 जनवरी 2026 को थाना धरमजयगढ़ में अपराध क्रमांक 1/2026 धारा 103 भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस प्रकरण की सम्पूर्ण कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में की गई। प्रकरण की विवेचना एवं कार्रवाई में चौकी प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक बृज किशोर गिरी, प्रधान आरक्षक 148 लक्ष्मी नारायण केंवट, प्रधान आरक्षक 300 राम रतनराम, आरक्षक 410 भेकलाल सिदार, आरक्षक 315 संतलाल पटेल एवं आरक्षक 05 टीकाराम पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
