ऑपरेशन शंखनाद का असर : मनोरा क्षेत्र में गौ-तस्करों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सुबह-सुबह जंगल में मची अफरा-तफरी ! पुलिस देखते ही छः गौ-वंश छोड़ भागे गौ-तस्कर, गौ-वंश सुरक्षित.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस लगातार गौ तस्करों के विरुद्ध कार्यवाही कर रही है, गत तीन दिवस पूर्व भी जशपुर पुलिस के द्वारा सिटी कोतवाली जशपुर व लोदाम क्षेत्रांतर्गत 20 नग गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया था,। इसी क्रम में दिनांक 10.01.26 को चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत, जशपुर पुलिस को पुनः 06 नग गौ वंशों को तस्करों से छुड़ाने में सफलता मिली है।

प्रकरण का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 10 जनवरी 2026 की प्रातः लगभग 05:25 बजे चौकी मनोरा पुलिस को मुखबीर के जरिए पुख्ता सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत चढ़िया पहाड़ी जंगल के रास्ते, हाथीगाढ़ा नाला के रास्ते, 05-06 नग गौ-वंशों को पैदल, मारते पीटते हुए, जल्दी-जल्दी हांक कर झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। जिस पर पुलिस के द्वारा मुखबिर की सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, तत्काल मुखबिर के बताए स्थान हाथीगाढ़ा नाला के पास रवाना हुए, जहां पुलिस ने देखा कि दो संदिग्ध व्यक्ति गौ-वंशों को हांक रहे हैं, जिस पर पुलिस की टीम के द्वारा उन्हें पकड़ने हेतु घेराबंदी की जा रही थी, पुलिस को देखकर दोनों संदिग्ध व्यक्ति, गौ-वंशों को छोड़ कर, जंगल का फायदा उठा कर फरार हो गए, पुलिस के द्वारा उक्त संदिग्ध फरार आरोपियों की पतासाजी की जा रही है। पुलिस के द्वारा मौके से सभी छः नग गौ-वंशों को सकुशल बरामद कर लिया गया है व पशु चिकित्सक से उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया है।

पुलिस के द्वारा आरोपी गौ तस्करों के विरुद्ध चौकी मनोरा में छ ग कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 (1) (क)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया।

Related posts