आरोपी जंगल के रास्ते पैदल ले जा रहे थे गौ-वंशों को, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की थी घेराबंदी, फिर छुड़ाया 06 नग गौ-वंशों को तस्करों के चंगुल से मामला चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत का.
आरोपी तस्कर फरार, की जा रही है पतासाजी, शीघ्र ही किया जावेगा गिरफ्तार.
आरोपियों के विरुद्ध चौकी मनोरा में छ ग कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 व कृषक पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(क)(घ) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध.
जशपुर : गौ-तस्करी के विरुद्ध जशपुर पुलिस का सख्त रुख लगातार जारी है। ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत एक बार फिर तस्करों की साजिश को नाकाम करते हुए पुलिस ने जंगल के दुर्गम रास्तों से ले जाए जा रहे छः नग गौ-वंशों को सुरक्षित मुक्त कराया। मुखबिर की सूचना पर की गई त्वरित कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में गौ-तस्करी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस लगातार गौ तस्करों के विरुद्ध कार्यवाही कर रही है, गत तीन दिवस पूर्व भी जशपुर पुलिस के द्वारा सिटी कोतवाली जशपुर व लोदाम क्षेत्रांतर्गत 20 नग गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया था,। इसी क्रम में दिनांक 10.01.26 को चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत, जशपुर पुलिस को पुनः 06 नग गौ वंशों को तस्करों से छुड़ाने में सफलता मिली है।
प्रकरण का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 10 जनवरी 2026 की प्रातः लगभग 05:25 बजे चौकी मनोरा पुलिस को मुखबीर के जरिए पुख्ता सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत चढ़िया पहाड़ी जंगल के रास्ते, हाथीगाढ़ा नाला के रास्ते, 05-06 नग गौ-वंशों को पैदल, मारते पीटते हुए, जल्दी-जल्दी हांक कर झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। जिस पर पुलिस के द्वारा मुखबिर की सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, तत्काल मुखबिर के बताए स्थान हाथीगाढ़ा नाला के पास रवाना हुए, जहां पुलिस ने देखा कि दो संदिग्ध व्यक्ति गौ-वंशों को हांक रहे हैं, जिस पर पुलिस की टीम के द्वारा उन्हें पकड़ने हेतु घेराबंदी की जा रही थी, पुलिस को देखकर दोनों संदिग्ध व्यक्ति, गौ-वंशों को छोड़ कर, जंगल का फायदा उठा कर फरार हो गए, पुलिस के द्वारा उक्त संदिग्ध फरार आरोपियों की पतासाजी की जा रही है। पुलिस के द्वारा मौके से सभी छः नग गौ-वंशों को सकुशल बरामद कर लिया गया है व पशु चिकित्सक से उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया है।
पुलिस के द्वारा आरोपी गौ तस्करों के विरुद्ध चौकी मनोरा में छ ग कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 (1) (क)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया।
इस प्रकरण की कार्यवाही व गौ-वंशों की बरामदगी में चौकी प्रभारी मनोरा उपनिरीक्षक दिनेश कुमार पुरैना, प्रधान आरक्षक निर्मल बड़ा, प्रधान आरक्षक प्रीतम टोप्पो व आरक्षक जगजीवन यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
प्रकरण के बारे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि गौ तस्करों के विरुद्ध जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’ निरंतर जारी है, मनोरा क्षेत्र से छः नग गौ-वंशों को मुक्त कराया गया है, फरार आरोपियों की पता साजी की जा रही है, जिन्हें भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जावेगा।
